नई दिल्ली: भारत के दहशतगर्दों की बेहरिया फौज का हादसे का शिकार हुए MiG-29K लड़ाकू जेट के पायलट की लाश हादसे के ११ दिन बाद बेहरे अरब से मिली है. ज़राये ने बरोज़ पीर यह इत्तेला दी. ११ दिनों में दहशतगर्द की लाश सड़ गल गयी थी। लाश को घसीट कर बहार निकाला गया। उस आतंकी की लाश के साथ ऐसा होते देख कर हापुड़ के क़ासिम याद आ गए। जिनको २०१८ में गौ आतंकिओं ने शहीद किया था। और उनके वतन के नाम पर शहादत के जज़बे को धूमिल करने के लिए ख़ाकी दहशतगर्दों ने उनकी जसत घसीट कर ले गए थे।
कई दिनों तक पानी में पड़े रहने से लाश कई जगह से टूट फुट गई थी। दारियाई मख़लूक़ ने ज़बरदस्त तरीके से उस दहशतगर्द की लाश जगह जगह से काट डाला था। यह है मालिके कायनात का बदला जिन दहशतगर्दों की गर्दने काटने पर भारत पाकिस्तान पर इलज़ाम तराशी करता था अब मालिक ने ख़ुद ही भारत के दहशतगर्दों के सामने ऐसे हालात पैदा कर दिए की उनकी लाशों को अपनी मख़लूक़ के जारिए टुकड़े टुकड़े करवा दिए।
भारत के दहशतगर्दों की बेहरिया फौज का जंगी तय्यारा मिग 29K (MiG 29K) 26 नवंबर को बेहर में गिरकर तबाह हो गया था बर्बाद हो गया था. नस्ले बर्बाद हो रही हैं, आगे भी होती रहेगी। हादसे में एक पायलट को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा पायलट लापता था। MiG 29 फाइटर जंगी जेट तय्यारा रूस में बनाया गया लड़ाकू तय्यारा है। यह तय्यारा जदीद क़िस्म का आला तरीन बेहरी लड़ाकू तय्यारा माना जाता है। जिसकी लंबाई १७.३२ मीटर होती है. यह तय्यारा हद से ज़्यादा १८,००० किलोग्राम वजन लेकर फ़िज़ा में परवाज़ कर सकता है.
दो सीटों वाला यह बहेरिया फौजी तय्यारा रूस में बना है। इस लड़ाकू जेट का मलबा हादसे के ४ रोज़ बाद है ढूंढ
निकाला था. ज़राये से मालूम हुआ है कमांडर निशांत सिंह जिसकी (सड़ी गली टूटी फूटी लाश
मिली है) Ejection सीट मौकाये
हादसे पर मौजूद नहीं थी. इसके मायने यह थे कि हादसे के ठीक पहले,
उसने खुद को 'बाहर निकालने' में कामयाब हो गए था।
कमांडर निशांत, जेट विमान को कंट्रोल करने के लिए दहशतगर्दों के इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम करता
था। हादसे के बाद तय्यारे का कमांडर यानी निशांत
सिंह ग़ायब हो गया था, हो सकता है वोह मौत के ख़ौफ़ से मज़ीद काँप रहा होगा। उसने मौत से बचने के लिए दहशतगर्दों का इन्सट्रकटर
तय्यारे से बाहर निकला, लेकिन उसको क्या पता था जिस मौत से वोह भाग रहा है मालिके कायनात ने उसके जिस्म
में अपनी मख़लूक़ का रिज़्क़ रखा है। MiG-29K रूस में बनाया गया K-36D-3.5 इजेक्शन सीट (Ejection seat) की आला तरीन सहूलियत है, इसे दुनिया के जदीद तरीन तय्यारों में शुमार किया जाता है.
सहाफी जुबेर का मौजूदा हालात पर नुक़्ता ऐ नज़र
नाज़रीन जंग के इफ्तेताह से क़ब्ल हर एक मज़मून में यह सहाफी यही बात कहता था जब संघी, शिद्दत पसंद हिन्दू, बीजेपी की ज़ाफ़रानी मिडिया की बैंड मास्टर टीम, सियसतदाँ बड़ी बड़ी बातें करते थे। हमारे पास दुनियां की मज़बूत फौज हैं, हमारे पास जदीद तरीन हथियार हैं, हम दुश्मन की किसी भी हिमाक़त का माक़ूल जवाब देने के लिए हमेशां तैयार हैं।
तभी कहा था तुम्हारे जदीद हथियार धरे रह जायेगें, जंग में
जदीद हथियार जीत नहीं दिलवाते हैं बल्कि उनको इस्तेमाल करने वाली ज़हानत और मालिके
कायनात की मदद जीत दिलवाते हैं। दूसरी बात
तुम्हारी ज़हानत ऐन मौक़े पर छीन ली जाएगी तुम्हारी अक़्लों पर पर्दे डाल दिए जायेगें। तुम काम करोगे सीधा हो जाएगा उल्टा। अब वैसा ही हो रहा है,
कहँ हैं मज़बूत फौज आला तरीन हथियार धरे रह गए।
मुसलमानों से एक गुज़ारिश और है, किसी भी ज़ाफ़रानी दहशतगर्द साधू से ख़ौफ़ज़दा ना हों। अभी तो २०१४ से ले कर २०१९ का बदला पूरा नहीं हुआ है। फिर २०२० से ले कर आगे जितने भी ज़ुल्म सितम करेगें उसका बदला इससे भी सख़्त होगा। भयानक होगा। डरावना होगा। दूसरी बात अगर किसी हिन्दू ख़ातून या बच्ची से सच्चा इश्क़ है तो करो उससे निकाह और पहले इस्लाम में उसको दाख़िल करो फिर निकाह करो। कोई घबराने की ज़रुरत नहीं करने दो क़ैद। इसका बदला भी लिया जाएगा। लेकिन तुम इस्लाम के उसूलों को मत फरामोश करो अल्लाह और उसके हबीब बुज़ुर्गाने दीनों पर कामिल यक़ीन रखो। अगर तुमने इस्लामिक क़वानीन के हिसाब से शरीयत के हिसाब से कोई गुनाह नहीं किया तो अल्लाह उसका अज्र तुमको बेहतर देगा।
हिन्दू बच्चियों से भी गुज़ारिश है अगर आप किसी मुस्लिम से शादी करना चाहतें हैं और कोई भी हूकूमती नुमाइंदा पुलिस क़ानून अगर आपको रोकता है ख़ौफ़ज़दा करता है दहशत डालता है तो सख़्त हो जाएँ कितना भी हुकूमत आपके ऊपर ज़ुल्म करे शिद्दत मचाये जब्र करे एक बार फैसला कर लिया तो उससे हरगिज़ हरगिज़ पीछे ना हटें। इसका अज्र इस दुनिया में नहीं तो उस दुनिया में बोहोत बेहतर मिलने वाला है। आप जिसको सच्चे दिल से चाहतें हैं तो दुनिया की कोई ताक़त आपके बीच नहीं आ सकती। इख़्तेयार करें आप उस मर्द की हर वोह चीज़ जो इस्लाम के हिसाब से जाइज़ है। कोई भी काम ना जाइज़ ना करें नहीं तो वोह हराम होगा, और पैदा होने वाली औलाद योगी, शिवराज, अमित या बीजेपी वालों की तरह हाराम की होगी। यह लोग ऐसे ही माँ बाप की औलाद होंगे जिनका रिश्ता जाइज़ ना होगा।
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