Thursday, 24 December 2020

एहले हुनुद पुर अमन नहीं: चाहतें हैं वतन वापसी।

 अज़ीज़ नाज़रीन,

 

भारत की ज़ाफ़रानी हुकूमत ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान के सताये गए जिन ग़ैर मुस्लिम अक़लियतों के लिए काला क़ानून बना कर भारत को आलमी बरादरी के सामने सख़्त रुसवा और ज़लील किया था, अब उसी भारत में पकिस्तान से आये हिन्दू अपने आपको मेहफ़ूज़ नहीं समझतें हैं। 

इस्लामाबाद पाकिस्तान क़ौमी अकलियती कमीशन (NCM)  की एक मीटिंग बरोज़ बुध २३ दिसम्बर २०२० को जनाब चेला राम केवलानी की सदारत में मुनक़्क़िद की गई।  यहां कमीशन की छठी बैठक के मौक़े पर उन्होंने भारत से मज़हबी अक़लियतों के हरसा को रोकने की गुज़ारिश की है। सदर जनाब चेला राम केवलानी ने कहा है कि हिंदू अक़लियती बरादरी के मेमब्रान, जो पाकिस्तान से भारत चले गए हैं, अब पड़ोसी मुल्क में मजमूई इंसानी हुक़ूक़ की खिलाफवर्जी के सबब वापिस अपने वतन पाकिस्तान लौटना चाहतें हैं।

बरोज़ बुध को यहां कमीशन की छठी बैठक की सदारत करते हुए उन्होंने भारत से मज़हबी अक़लियतों के हरसा को रोकने की गुज़ारिश की है।

उन्होंने महसूस किया कि पाकिस्तान में मज़हबी अक़लियतों के मुद्दों को रियासत की जानिब से ख़िताब किया जाना चाहिए, और कमीशन इस मौज़ूं में अपना नुमाया और आला किरदार निभाएगा।

केवलाणी ने कहा, "हमें वतन के सभी अक़लियतों की इबादत गाहों के तहफूज़ के लिए  मुताल्लिक़ा सभी ओहदेदारों के साथ मिलकर काम करना होगा," अक़लियतों के तहफ़्फ़ुज़ की ज़िम्मेदारी रियासत की है।

बैठक में हुकूमते हिन्द की जानिब से सिख किसानों के एहतेजाज पर ज़ुल्म और हरसा की मज़म्मत की गई और मेमबराने  कमीशन ने कहा कि भारत ने आलम का सबसे बड़ा जमुहरियत होने का दावा किया है, लेकिन मज़हबी अक़लियत और यहां तक ​​कि अदना ज़ात के हिंदू हमेशा अपने हुक़ूक़ से महरूम रहे हैं।

भारत इंसानी हुक़ूक़ की ख़िलाफ़वरज़ी करना बंद करना चाहिए। हमारे पास उन हिंदुओं की रिपोर्टें हैं, जो पाकिस्तान से भारत हिजरत कर  गए थे, वे इंसानी हुक़ूक़ की ख़िलाफ़वरज़ी, भेदभाव, बदतमीज़ी और वहां मस्तूरातों और बच्चों के ख़िलाफ बड़े पैमाने पर जुर्म की वजह से  वतन लौटना चाहते हैं।  जनाब केवलानी ने मज़ीद कहा.

बैठक में बताया गया कि बतौर सदर और इनकी सदारत में कमीशन के मेंबरान ने सिंध के सुक्कुर में साधु बेला आश्रम का दौरा किया और इन्तेज़ामियाँ से मुलाकात की। उन्होंने देखा कि आश्रम की इमारत और दीगर दूसरी बुनियादी ढांचा बोसीदा हालत में था।

बैठक ने इत्तेफ़ाक़ राये से सिफारिश की कि मुतलक़ा एजेंसियां ​​आश्रम की जल्द अज़ जल्द मरम्मत के लिए ज़रूरी इक़दाम करे।

बैठक में शरीक अफ़रादों ने कहा कि आलमी सतह पर पाकिस्तान के खिलाफ मनफ़ी तश्हीर को खत्म करने में मदद करना भी उनकी जिम्मेदारी थी। 

अवामी अक़लियती कमीशन बिल २०२० के मसौदे पर एक गुफ्तुगू के दौरान, बैठक में बताया गया कि सभी मुत्तासेरीनों के साथ वसीह  गुफ्तुगू कर के बाद में मसौदा बिल को मंजूरी के लिए यूनियन कैबिनेट को भेज दिया जाएगा।

सभी शिरका ने कहा कि अक़लियतों को वतन अज़ीज़ में उनके हुक़ूक़ को क़ायद -ए-आज़म के नज़रिये और पाकिस्तान के आईन के हिसाब से दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कमीशन वतन में एतेमाद  हम आहंगी को बढ़ावा देने के लिए अपनी क़ाबलियत का इस्तेमाल करेगा।

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