Friday, 4 December 2020

आप तो वोट हिजड़ा हो।

ज़ाराये इत्तेला सहाफी जुबेर

 हैदराबाद निज़ाम स्टेट बा तारिख ०४ दिसम्बर वक़्त शाम ०९.०५ निज़ाम स्टैंडर्ड टाइम


भारतीय जनखा पार्टी ने फिर साबित किया के उसके अंदर हिजड़े भरे पड़े हैं और किसी के अंदर इतनी क़ुव्वत और ताक़त नहीं है की अपने बल पर और क़ुव्वते मर्दानी पर विकास नामक बालक पैदा कर सकें। आज ग्रेटर ह्यदेरबाद बल्दिया के नतीजे आये।   भाजपा अपने ३१ रकूने बल्दिया की  जीत पर खुशी बना रही है।  दरअसल यह ख़ुशी नहीं बल्कि हार है।   मोदी ने खुद को मिला कर हिजड़ों की फौज खड़ी कर दी थी और नतीजा क्या निकला हिजड़े अपना मक़सद हैदराबाद में हमारा मेयर होगा पूरा तो नहीं कर पाए।   और फलसफा वही है जो हर बार यह सहाफी बोलता है मिक़्दार नहीं बल्कि क्वालिटी अहम होती है।  

बल्दिया के इंतेखाबात और मुल्क का हिजड़ा ऐ अज़ाम मोदी, हिजड़ा ऐ दाखला अमित, तंज़ीम का सदर नड्डा, वज़ीरे रंडी स्मृति, प्रकाश जावड़ेकर, योगी, भोगी और इन सब की मिली झूली मशक़्क़त तेजस्वी सूर्य इतनी बड़ी फौज खड़ी करने के बाद भी ३९ सीटें और ३ रे पायदान पर तो क्या यह जीत मानी जाएगी।   इतनी फौज बड़े बड़े कमांडर इन हिजड़ा लगाने के बाद तो हर तंज़ीम का सूपड़ा साफ़ हो जाना था।   अब बना लो मेयर और भागयनगर कर लो नाम।  

कुल मिला कर जैसे एक सुव्वारिया बरस में दो बार २५ बच्चे जनती है फिर वोह तमाम मोहल्ले में गंध और गंदगी फैलाते हैं वही हालत अब इन ज़ाफ़रानी हिजड़ों की होगी, यह लोग ऐवान में गंदगी फेलाएगें हर मसले पर ताली ठोकना शुरू करेगें वोट हिजड़ा करेंगे। 

इन लगों की वही हालात है हम बोहोत ताक़तवर मुल्क, हमारी सेना बोहोत क़ाबिल हमारे पास आला तरीन जदीद हथियार लेकिन एक छोटे से और भारत के मुक़ाबले में कमज़ोर मुल्क नेपाल के आगे इनके बड़े बड़े सेना के सूरमा सजदा रेज़ हो गए और घुटने टेंक दिए।  अब भले ही बोलते रहो हमारी सेना में बोहोत ताक़त हमारी सेना बहादुर किसी भी हमले का जवाब देने को तैयार लेकिन जंग के मैदान में ताली बाज़ साबित होते हैं यह सेना के मर्द।    

यही तो बिहार में हुआ सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी दरी चादर उठाने और कुर्सी लगाने के काम करेंगे यह हिजड़े।   हाथ में आया पर मुँह ना लगा।   और यही हाल अब हैदराबाद में हुआ।  यहाँ तो दरी चादर नहीं बल्कि अब तो निज़ाम के वारिसों की टट्टी साफ़ करना होगी, गली कूचे, गटर साफ़ करने होंगे।   हैदराबाद के कल्चर को इख़्तेयार कर के गाय की बरियानी खानी होगी।    

कुल मिला कर भारतीय जनखा पार्टी तो वोट हिजड़ा है। 

No comments:

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...