अज़ीज़ नाज़रीन,
ज़ाफ़रानी हिजड़ा और उत्तर भारत के मुल्क से आया भारतीय जनखा पार्टी का हिजड़ा ऐ आला मुंबई में आर्थिक दहशत मचाने आया है। इस आर्थिक दहशतगर्दी से वोह चाहता है की मुंबई जो तमाम ना सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनियां को रोज़गार रिज़्क़ और ज़रियाये माश फ़राहम करती है उसकी अर्थव्यवस्था पर डाका डाल कर उसको कमज़ोर कर दिया जाए। और अपनी पार्टी की तरह नपुंसक बना डाला जाए। बॉलीवुड फिल्मसिटी नियोडा शिफ्ट करना मुंबई और महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर आर्थिक आतंकी हमला है।
इतना ही नहीं इस आर्थिक आतंकी हमले में मुंबई में रह रहे उस दहशतगर्द तंज़ीम भारतीय जनखा पार्टी के स्लिपर सेल मौजूद थे जिन्होंने मुंबई पर आर्थिक आतंकी हमला करने में पूरा ताऊन किया है।
मक़सद वही महाराष्ट्र के वज़ीरे आला की साख को धूमिल करना और अपने आतंकिओं के बल पर मुंबई को कमज़ोर करना। यह इन लोगों की गलती नहीं है। असल में इनकी नस्लों में ही गद्दारी भरी है। और यह बात में हमेशां से बोलता हूँ हर ज़ाफ़रानी गद्दार होता है गले लग कर गर्दन काटने वाला। कभी कभी यह गद्दार इतनी ख़ामोशी से गले लग कर सर क़लम कर देंतें हैं, यहाँ तक की पता भी नहीं पड़ेगा की कब गर्दन कट गई।
देख लीजिये उद्धव जी इन लोगों की ग़द्दारी गले लग कर गर्दन काटने में यह लोग माहिर हैं, और यही में हमेशा बोलता हूँ। जो कभी आपके गले लगे होते थे आज वोह महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर चोट पंहुचा रहे हैं। अक्षय कुमार मुंबई और महाराष्ट्र की भीक पर पलने वाला कीड़ा, योगी से मिला और नियोडा में फिल्म सिटी खोलने के लिए फंडिंग की पेशकश की। वहीँ जिन शाहरुख, आमिर, सलमान और सैफ के आप सदा खिलाफ रहते थे उनमे से कोई भी नहीं मिला। एक बोलती है मुंबई पाकिस्तान की दूसरा जो लोग मुंबई में आर्थिक आतंक मचाने आएं हैं, आर्थिक आतंकिओं से जा कर मिला। अब हटा दो हमारे नाम के आगे गद्दार और लिख दो इन भगवाधारियों को गद्दार
ठीक है बिज़नेस करो किसने रोका है लेकिन हमारे असासे बेच कर अपने वालिद मोदी की चाल चलोगे तो तकलीफ तो तुमको भी होने वाली है। आज भारत की कौन सी चीज़ है जो नहीं बिकी सब तो बिक गया। लाल क़िला, ताज महल, रेलवे, हवाई जहाज़, बैंक। अब इन दहशतगर्दों की काली नज़र मुंबई के असासों पर है।
अब तुम बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश में शिफ्ट कर रहे हो। ठीक है धंधा करो, यहाँ पैसा लगाओ महाराष्ट्र में फेक्ट्री खोलो तुम्हारे यहाँ के कल्चर की फिल्मे मुंबई में बनाओ किसने रोका है। लेकिन तुम हमारी पूरी इंडस्ट्री को अपने यहाँ शिफ्ट करोगे तो ऐसा नहीं होने देंगे। फिर स्टॉक एक्सचेंज में जाने के पीछे की किया हिकमते अमली है, मुंबई चैम्बर ऑफ़ कामर्स के अधिकारियों से मिलने के पीछे क्या वजह है। सिर्फ और सिर्फ मुंबई की अर्थव्यवस्था को उत्तर प्रदेश में शिफ्ट कर के महाराष्ट्र को आर्थिक चोट पहुँचाना।
मक़सद सिर्फ और सिर्फ मुंबई की अर्थवयस्था को चोट पहुँचाना।
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