Friday, 31 August 2018

भारत और पाकिस्तान की हर पहलू की तुलना करें।

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भारतीय राजनेता मूल रूप से बीजेपी, कट्टरपंथी हिंदु और लंगूर पत्रकारों ने पाकिस्तान को झूठी और फर्जी रिपोर्टों के आधार पर बदनाम किया;  जिसकी वजह से आम हिंदू का ज़ेहन भी प्रदूषित हो कर ज़हरीला बन गया। पाकिस्तान के खिलाफ तीव्र जहर भरने में निम्नलिखित बिंदुओ ने  ख़ास योगदान दिया।
१.     अल्पसंख्यकों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन और हनन।
२.     गंभीर मानवाधिकारों का उल्लंघन
३.     आतंकवाद
४.     लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन।
५.     धार्मिक कट्टरतावाद। (इस्लामोफोबिया)
६.   न्यायिक प्रणाली मौजूद नहीं है। 
वास्तव में भारतीय लंगूर और कट्टरपंथी हिंदु, बीजेपी के राजनेता इस्लामोफोबिया से पीड़ित हैं। लंगूरों का इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ व्यंग्यात्मक, अपमानित, नकली खबरों का प्रसारण करने के पीछे इस्लामोफोबिया से ग्रस्त होने के मुख्य कारणों में से एक हैं। वास्तव में ये लोग "विकृत मनोविज्ञान" की अवस्था में जी रहे हैं। इस्लामोफोबिया ने इस हद तक भारतीयों को भयभीत कर दिया है कि वे डरते हैं कि अगर उनके नजदीकी और प्रिय इसी तरह इस्लाम की शरण अपनाते रहे और इस्लाम को गले लगाते रहे तो जल्द ही हिंदू अल्पसंख्यक स्थिति प्राप्त कर लेंगे। जबकि हिन्दू कुरान, हदीस के चमत्कार और आशा की दिव्य किरण देख कर  इस्लाम में आ रहे हैं।  लिंक देखें।
भारत में निम्नलिखित मुस्लिम पहचान को हिंदू नामों में परिवर्तन भी एक डर कारकों में से है: -
१.           शहरों, सड़कों, इलाकों, उपनिवेशों आदि के नाम बदलना
२.          रेलवे स्टेशनों का नाम बदलना
३.           स्मारकों के नाम बदलना
४.          मुसलमानों द्वारा बनाए गए हर स्मारकों पर मूल रूप से हिंदू देवता का दावा करना।
५.          इतिहास की पुस्तकें बदलना
६.          लव जिहाद
७.          मुस्लिमों की मोब लीचिंग
८.          मुसलमानों द्वारा किए गए अच्छे कर्मों को दबाना।
९.          मुस्लिम मामलों / शरीिया कानून में अतिक्रमण।
१०.       मुस्लिम शैक्षिक संस्थानों पर उनकी अल्पसंख्यक स्थिति को कम करने के लिए अतिक्रमण।

बीजेपी के भारतीय राजनेताओं द्वारा सऊदी अरब और किसी भी अन्य मुस्लिम देशों की कठोर सजा को गलत संदर्भ में पेश करने के पीछे भी इस्लामोफोबिया ही कारण है । क्योंकि मुस्लिम देशों में अपराध दर बलात्कार, हत्या, डकैती, झूठ, फरेब, धोखाधड़ी, मिलावट, कदाचार, इत्यादि या तो शून्य हैं या नाममात्र। जबकि भारत में, बेहतर नहीं कहें। इस्लामी देशों में कम अपराध दर कठोर दंड के कारण है, जिसे बीजेपी नेता कठोर दंड के प्रावधान पर गलत संदर्भ में प्रकाश डालते हैं। गुजरात दौरे के बाद राज ठाकरे ने एक में साक्षात्कार में भारत में बलात्कार के बढ़ते मामलों  पे अपराध को रोकने के लिए शरीयत कानून की वकालत की है।
जब सऊदी राजकुमार द्वारा पिछले साल महिलाओं को लाइसेंस और कार चलाने की स्वतंत्रता दी  गई थी। सऊदी के इतिहास में पहली  महिला कार चोर अगस्त २०१८ के महीने में पकड़ी गई थी।

लंगूरों और कट्टरवादी हिन्दू भारतीय राजनेताओं के इन सब अपमानित, गलत जानकारी, झूठी खबरों के माध्यम से पाकिस्तानी इस्लामी गणराज्य भी हाशिये पे है। आमतौर पर पाकिस्तान के संबंध में भारतीयों द्वारा झूठ फैलाया जाता है और यह एक आम धारणा है कि वहां कोई लोकतंत्र नहीं है। दूसरा, हिंदुओं की आबादी के बारे में जो १९४७ के बाद कम हो कर मात्र १% तक रह गई है। में सभी लंगूरों और कट्टरपंथी हिंदुओं को स्पष्ट करना चाहता हूँ, कि १९४७ के विभाजन के समय पश्चिम पाकिस्तान की हिन्दू जनसंख्या १.६०% थी जबकि पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) की २२.०५% थी। जबकि पाकिस्तान की वर्तमान हिंदू जनसंख्या १.८५% है जो २०१० की जनगणना के अनुसार दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।   

इस वीडियो में पाकिस्तान में लोकतांत्रिक मूल्यों और धार्मिक अधिकार,  अलपसंख्यकों के अधिकार देखें।
दिसंबर २०१६ के महीने में भी इस पत्रकार ने पाकिस्तानी हिंदुओं और भारतीय मुस्लिमों के बीच तुलनात्मक वीडियो के साथ एक लेख पोस्ट किया है। Are you Muslim get out from India.। उस लेख और वीडियो में पाकिस्तान के हिंदु खुशी और उत्साह के साथ अपना त्यौहार होली स्वतंत्र रूप से  मना रहे हैं। जबकि दूसरे वीडियो में भारत के मुसलमानों को इद अल अज़हा के अवसर पर वीएचपी ने किसी भी जीव हत्या न करने की धमकी और आदेश दिए थे. आदेश ना मानने की सूरत पे  गंभीर परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहे। उक्त लेख में अन्य सभी वीडियो अभी भी उपलब्ध हैं लेकिन सरकारी अधिकारियों ने वीएचपी द्वारा दिए गए धमकीका वीडियो को हटा दिया है।
हाल ही में वी.एच.पी. ने राम मंदिर के लिए अक्टूबर २०१८ से अयोध्या कूच करने के लिए नया "भगवा आदेश" दिया है। इस आदेश की गंभीरता को देखते हुए विदेशी पर्यटकों (ईसाई, मुस्लिम और अन्य) ने सर्दियों में भारत आने की अपनी योजना त्याग दी है। इस तरह के आदेश पर्यटक उद्योग के लिए खतरे का सकेंत हैं। भारत ने ताज विवाद, लिंचिंग, महिला सुरक्षा और निश्चित रूप से हिंदुओं की आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि के कारण अधिकतम विदेशी पर्यटकों को खो दिया है। गोवा और उत्तर प्रदेश में कई अमेरिकी, रूसी महिला पर्यटकों के साथ बलात्कार या सामूहिक बलात्कार किया गया। कुछ जर्मनी, फ्रांस के पर्यटकों के साथ उत्तर प्रदेश में बजरंगदल और युवा वाहिनी के आतंकवादियों ने ज़बरदस्त मार पीट की थी।  
बीजेपी, कट्टरपंथी हिंदुओं और हिंदू आतंकवादियों द्वारा जिस तरह से पाकिस्तान को बदनाम किया जाता है कि वहां अल्पसंख्यकों के लिए कोई मौलिक अधिकार नहीं है, पाकिस्तान सबसे खराब जगह  है एकदम बकवास है। भारतीय मीडिया के लँगूरों ने पाकिस्तान के संबंध में इस प्रकार की झूठी और गलत परिकल्पना को और भड़का के हवा दी परन्तु भारत में मुसलमानों के साथ उनके त्यौहारों पर होने वाले अत्याचारों, भय और आतंक पर अपनी आंखें बंद कर ली। हाल ही में भारत के एक पुलिस स्टेशन में मुसलमानों के साथ केसा बुरा व्यवहार कर के उनको प्रताड़ित किया जा रहा है। २१ वीं शताब्दी में इस तरह की घटना शर्मनाक है, पाकिस्तान के किसी भी मीडिया समूह या भारत के लंगूरों से मुझे अभी तक कभी भी ऐसी कोई भी क्लिपिंग नहीं मिली है। पाकिस्तान के संबंध में जो कुछ भी लंगूर पेश करते हैं या दिखाते रहे हैं, वे झूठी रिपोर्टिंग और मनघडंत बातों पर आधारित हैं।     

एक और कुतिया के साथ कुकर्म

मुंबई 
इंसान की मानसिक के ऊपर कब शैतान हावी हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता. ऐसे ही एक शैतान का मामला मुंबई के कांदिवली से सामने आया है.   वासना के देश रेपिस्ठान में अभी तक महिलायें असुरक्षित थी फिर मासूम बच्चियां उसके बाद विदेशी मेहमानो को हवस का शिकार बनाया गया. परन्तु अब बारी जानवरों की थी.  मुंबई जैसे शालीन महानगर में जहाँ महिलायें अपने आपको सुरक्षित समझ सकती हैं जहाँ पुरुष समाज महिलाओं की इज़्ज़त करना जानता है. जहाँ काम काज के सिलसिले में महिलायें देर रात को भी अपने घरो पे सुरक्षित लौट सकती है परन्तु इस शालीन और सुरक्षित इंसानों के शहर में कुछ शैतान पहुंच गए हैं. ऐसा ही एक निरादाम शैतान प्रेम सिंह हवस की आग में इस कदर जल रहा था कि उसने बेजुबान कुतिया के साथ ही शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। नाकाम रहने पर उसने क्रूरता से कुतिया को तड़पाकर मार डाला।   आरोपी जब अपने कुकृत्य में असफल रहा तो उसने कुतिया के निजी अंगों में लोहे की छड़ घुसेड़ दी, जिससे उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

घटना कांदिवली पुलिस थाना छेत्र की है। पुलिस ने जानवरों के साथ अप्राकृतिक संबंध एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी सुरक्षा गार्ड प्रेम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मनोचिकित्सकों के अनुसार, इस प्रकार की हरकतों को अंजाम देने वाले लोग मानसिक रूप से कमजोर होते हैं।

इंसान के ऊपर जब शैतान सवार होता है तो वो बन जाता है जानवर. ऐसा ही एक मामला हाल ही में राजस्थान की राजधानी जयपुर से २९ अगस्त को सामने आया था जहाँ आनंद सिंह नामक युवक ने अपनी ना बालिग बेटी और भतीजी के साथ ज़िना कारी की थी.  उत्तर प्रदेश से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था. जहाँ रक्षा बंधन के रोज़ सभी घर वाले मंदिर गए हुए थे उसका फायदा उठा के एक निरधाम ने अपने ही भतीजे की बेटी के साथ हवस पूरी कर डाली. दोनों ही केसेस में अपराधी पकडे जा चुके हैं और उन्होंने अपने गुनाह कुबूल भी कर लिए है. 

फिर ऐसी मानसिकता से घर वाले तो त्रास रहते ही है परन्तु जानवर भी ऐसी मानस्किता के शिकार होते है.  हाल ही में मोदी के वेस्ट बंगाल दौरे के भाषण का असर एक निराधम संजय मंडल पे इतना हुआ के उसने कुतिया को अपनी हवस का शिकार बना डाला.  उसके ठीक दो दिन बाद मध्य प्रदेश के हिन्दू बहुल और पवित्र शहर होशंगाबाद के बुदनी गांव में एक निराधम ने अपनी मंदिर के पास बंधी हुई गाये के साथ मू काला कर डाला. 

कोई माने या ना माने ए सब बीजेपी, संघ ओर हिन्दू आतंकिओ के शैतानी कूकर्मो का नतीजा है.  ये पत्रकार सदा ही इस बात की पूरज़ोर वकालत करता है अगर देश की सत्ता पे शैतान बैठा होगा तो जनता में शैतानी असरात नुमाया होंगे. जिस तरह घर में अगर शैतान हावी होगा तो घर के दुसरे अफ़राद पे उसका असर होगा.  और अगर घर में सूफी होगा, देश की बागडौर सूफी / संत चला रहा होगा तो देश सुचारू रूप से काम करेगा. चारो तरफ खुशहाली होगी, सभी लोग सुरक्षित महसूस करेंगे, देश की तरक्की होगी, नाम होगा इज़्ज़त मिलेगी.  क्या वजह है आज़ादी से पहले मुग़ल काल में एक महिला कश्मीर से ले कर कन्याकुमारी तक अकेले समूचे अंग पे सोना पहन के सुरक्षित सफर कर सकती थी.  ना कोई लूट होती थी और ना उसके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार.  फिर मुगल काल में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था.  क्योंकि शासक इन्साफ पसंद थे सूफी मानसिकता के थे.  चाहे आज इतिहास में उनको गलत संज्ञा दी जाए वो अलग मामला है.  चाहे सिनिमा में उनको एक अहंकारी, बलात्कारी, समलैंगिक, ज़ालिम बोल के पेश किया जाए और मुग़ल शासको की छवि धूमिल की जाए लेकिन साँच को आंच ही किया.  जो इतिहास जानते है और जो सत्य पे यकीन रखते है वो कदापि इस बात को मानाने को तैयार नहीं होंगे.

भारत में जिस तरह से हालत पेचीदा होते जा रहे है जिस तरह से जनता जुर्म करने पे आमादा है और जिस तरह से जनता के मन में क्रोध, घृणा पैदा हो रही है और वो अपनी नफ़्सानी ख्वाहिशों के अधीन नत मस्तक हो रही है उससे तो साफ़ ज़ाहिर हो रहा है के राजा की मानसिकता संतों वाली नहीं है परन्तु एक अपराधी वाली कपटी, धूर्त मानसिकता है. 

ईदुल अज़हा को हरयाणा में एक मुस्लिम ताहिर की मोब लीचिंग के बाद उत्तर प्रदेश से चार रोज़ तक रोज़ एक मुस्लिम की मोब लीचिंग की गई.  तमिलनाडु से एक मुस्लिम मौलाना की लीचिंग की गई. और बिहार से एक ५० साला मुस्लिम युवक की लीचिंग की गई.  क्या वजह है के जनता के सर पे इस कदर खून सवार है. कुछ तो गड़बड़ है. दूसरी बात मोदी की कही हुई बात पे काहे को भक्त यकीन करने के बजाय उसके उलट काम कर रहे है.  इधर मोदी ने कुछ कहा उधर भक्तों की तरफ से उसके उलट एक्शन हुआ.    

मोदी के संत और फ़कीर वाले बयान पे एक कहानी याद आई. एक पंडित जी थे जो रोज़ भक्तों को मंदिर में प्रवचन देते थे और अच्छे कर्म करने की शिक्षा देते थे.  लेकिन उस गांव में तो हालात पहले से और भी बद से बत्तर होते चले जा रहे थे. सभी हैरान परेशान थे के इतने ज्ञानी पंडित के प्रवचन का जनता के मन पे असर काहे को नहीं हो रहा है. फिर एक सिद्धि साधू उस गांव में आये जो पाखंडी, धूर्त और ना इन्साफ नहीं थे. उन्होंने रात को सभी को पंडित के गुप्त अड्डे पे बुलाया वहां पे पंडित सभी तरह की रंग रालिओं में मगन था.  और वो सभी कार्य कर रहा था जिससे के वो जनता को रोकने के बारे में प्रवचन देता था.   

इस कहानी से ये सीख मिलती है अगर किसी ज्ञानी महापुरुष की बात को जनता नकार रही है और ठीक उसके उलट कर रही है मतलब वो ज्ञानी धूर्त है कपटी है पाखंडी है और जिस काम से वो जनता को मना कर रहा है वो खुद भी उसी कार्य में शामिल है. तभी तो जनता के मन में उसके कहे का असर नहीं हो रहा और उसके प्रवचन को सुन के जनता की आखों से नदामत और पशेमानी के आंसू नहीं निकल रहे है, और जनता मे कोई बदलाव नहीं दिख रहा है.

Wednesday, 29 August 2018

नाबालिग बेटी और भतीजी संग किया कई बार रेप, पुलिस ने किया गिरफ्तार

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी 
बेटी और भतीजी के साथ कई बार रेप की वारदात को अंजाम दिया. आरोपी ने पूछताछ के 
दौरान अपना जुर्म कुबूल कर लिया है.

मामला जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र का है. जहां रहने वाले आनंद सिंह ने अपनी नाबालिग 
बेटी और भतीजी के साथ कई बार बलात्कार किया. पुलिस ने बताया कि दोनों पीड़िताओं की 
मां प्रताप नगर थाने पहुंची और इस संबंध में मामला दर्ज करवाया.

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी आनंद सिंह को फौरन गिरफ्तार कर लिया. 
जब पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

आरोपी आनंद ने पुलिस को बताया कि पिछले माह जब उसकी पत्नी शहर से बाहर गई थी. 
तो उस दौरान शराब के नशे में उसने अपनी नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाया और 
3 से अधिक बार उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया.

इसी तरह आरोपी के छोटे भाई की पत्नी भी जब कोई पूजा करने के लिए शहर से बाहर गई, 
तो उसने शराब के नशे में ही अपनी नाबालिग भतीजी को भी हवस का शिकार बना डाला. 
दोनों पीड़िताओं ने डर की वजह से अपनी माताओं को कुछ नहीं बताया और एक दिन बिना 
बताए दोनों घर से भाग गईं.

जब परिजनों ने दोनों बालिकाओं को ढूंढा और उनसे घर से भागने का कारण पूछा तब जाकर 
दोनों पीड़िताओं ने आपबीती सुनाई. उनकी बात सुनकर परिजनों के पैरों तले से जमीन खिसक 
गई. तब इस मामले में प्रताप नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया. पुलिस ने आरोपी को 
बुधवार को कोर्ट में पेश कर 1 दिन की रिमांड पर लिया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

Monday, 27 August 2018

विपक्ष के ऊपर कटाक्ष बर्दाश नहीं: पत्रकार जुबेर


एक सज्जन से इस पत्रकार की विपक्ष के मुस्लिम विरोधी होने के ऊपर बेहेस हो गई, बेहेस बढ़ती गई और ट्रिपल तलाक से लेकर तमाम मसले सामने गए. हालांकि ये पत्रकार समूचे राजनैतिक दलों और राजनेताओं के ऊपर कटाक्ष दृष्टिकोण रखता है, परन्तु उसमे सही को सही और गलत को गलत कहने और समझने की सलाहियत है.   ये पत्रकार ना ही लंगूरों की तरह है जो भर दिया वही दिखाया जाएगा और ना ही अंध भक्तों की तरह है के मक्खी को इलाची कह कर खा जाओ, पर मू से कुछ मत बोलो. 

उन सज्जन के हिसाब से ट्रिपल तलाक़ बिल पे विपक्ष ख़ास कर के कांग्रेस का साथ नहीं मिला उस वजह से लोक सभा से बिल पास हो गया.  शायद वो भाजपा के नुमाइंदे होंगे या संघ के कारकून.  और वो विपक्षी एकता को देख कर मुसलमानो के मन में ट्रिपल तलाक़ को लेकर २०१९ के चुनाव में भर्म की स्तिथि पैदा करना चाहते होंगे. 

ये पत्रकार सभी राजनैतिक पार्टिओं और राजनेताओं के अच्छे कामों की सरहाना करता है और कुकर्मो में उनको हाशिये पे लेता है. यहां तक के इस पत्रकार ने बीजेपी के द्वारा महज़ भाषण बाज़ी और जुमलेबाज़ी को भी सराहा था, जबकि उसको मालूम था के ये सिर्फ जुमले बाज़ी है होना जाना कुछ नहीं है. 

यहाँ पे ये बात वाज़े करता चलूँ के ये पत्रकार कांग्रेस का एजेंट नहीं है बल्कि "Autonomous Journalist" की हैसियत से लेख लिखता है और किसी भी राजनैतिक दल और राजनेताओं के द्वारा किये हुए अच्छे कामों को बगैर किसी हिचक के पब्लिक के सामने लाना इस पत्रकार का दाइत्व है. 

ये पत्रकार कांग्रेस के ट्रिपल तलाक़ के ऊपर लिए हुए स्टैंड की सरहाना करता है और कांग्रेस ने और समूची विपक्ष ने राज्य सभा में ट्रिपल तलाक़ बिल में सही तोर पे अपना फ़र्ज़ अदा किया.  रहा लोक सभा का तो वहां पे विपक्ष के पास बहुमत ही नहीं था और बीजेपी हिटलर शाही कर के प्रजातंत्र का गाला घोंट के किसी भी हालत में बिल पास करवाने के ऊपर हठदर्म थी और उसने वही किया.   

मोदी रक्षा बंधन पे अपनी मुस्लिम बहनो को ट्रिपल तलाक़ के ऊपर याद रखना नहीं भूले.   लेकिन ये पत्रकार समझने से क़ासिर है के कितनी उन बहनो की मोदी के लिए राखी आई जिनके लिए मोदी प्रधान मंत्री से भाई  (डॉन) बन गए.  और बल जब्री से आतंक मचा के संसद की गरिमा को बालाये ताख कर के बिल पास करवाया था.   

कोई भी सज्जन अगर कांग्रेस या विपक्षी दलों को लेकर ट्रिपल तलाक़ के ऊपर कोई भी भर्म की स्थिति पैदा करता है तो वो सिर्फ और सिर्फ भाजपा का एजेंट है और संघ का कारकून जो महा गठबंधन में सेंध लगा कर विपक्षी एकता को तोड़ना चाहता है.

Sunday, 26 August 2018

एक और आज़ादी एक और बटवारा

हरयाणा में ईद मानाने आये मुस्लिम शख्स की पीट पीट के हत्या. इस हत्याकांड में हिन्दू आतंकी विंग की महिला ब्रिगेड दुर्गा वाहिनी की सदस्य भी शामिल.   

जिस तरह से ब्रिटिश सरकार ने मुस्लिम उलेमाओं को फ़ासी की सजा सुना कर उनकी आज़ादी की आवाज़ को दबाना चाहा थालेकिन आज़ादी के परवानो को फिर कहाँ अपनी मौत की परवाह होती है वो तो तब तक जद्दो जेहद करते रहते है जब तक मंज़िल हासिल नहीं हो जातीउसी तरह अब भारत सरकार आज़ादी और एक बटवारे की आवाज़ को कुचलना चाहती है, और मुस्लिम दानिशमंदो, मौलानाओ और पत्रकारों की आवाज़ को सरकार अपनी दमनकारी निति के तहत कुचलना चाहती है.

अभी हाल ही में १५ अगस्त के दिन उत्तर प्रदेश के एक मौलाना को गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने वो गाना नहीं गाया जिसके कुछ अलफ़ाज़ इस्लाम में हराम है और जिसकी सवेधानिक मान्यता पे भी प्रश्न चिन्ह लग रहे हैंजो शोलोक एक मुसलमान की इस्लामिक शिक्षा से टकराते है वो है "भारत भाग्य........."  और एक मुसलमान का मानना है ना सिर्फ उसका बल्कि समूची कायनात के हर फर्द के भाग्य का विधाता सिर्फ एक महाशक्तिमान है जिसका कोई रूप नहीं कोई आकार नहीं होताअब अगर कोई ज़मीन के एक टुकड़े को अपने भगय का विधाता बोले तो वो उसके भाग्य का तो हो सकता है परन्तु एक मुसलमान के भाग्य का हरगिज़ नहीं.

मीडिया में ख़बरों की माने तो उन मौलाना साहब को गिरफ्तार किया गया है. उनकी गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश का एक मुनाफ़िक़ मंत्री कहता है हमने उस मौलाना को गिरफ्तार किया जिसने राष्ट्र गान का अपमान किया था और उस मदरसे की मान्यता रद्द की. में उस मुनाफ़िक़ से कहना चाहता हूँ अपमान उसका होता है जिसका कोई मान हो, दूसरी बात जाइये में नहीं पड़ता वो गाना क्या करते आप.  मेरी गर्दन पे छूरी भी रख दोगे तब भी नहीं पडूगा वो गाना क्या करते आप मेरा.  करिये मेरी मान्यता रद्द.  प्रेस कौंसिल में कहिये की मेरी मान्यता रद्द हो.  

जब ज़ुल्म हद से बढ़ जाता है और इंसान की सहनशक्ति जवाब दे देती है तो दो बाते होती है या तो जिसके ऊपर ज़ुल्म हो रहा है वो बर्दाश्त नहीं कर पाता और मर जाता है और दूसरी उस ज़ुल्म के खिलाफ हाथ उठता है प्रतिकार करता है बगावत करता है.

अभी हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद के चांदपुर गांव में ईद-उल-अजहा मनाने आए एक शख्स मोहम्मंद ताहिर की पीट पीट के लीचिंग कर दी और उनकी  लाश पेड़ से लटका दीवह बुधवार को ईद मनाने के लिए गांव में आये थेताहिर ईद मनाने के लिए वह २२ अगस्त को अपने गांव में परिवार वालों के पास गए थे. परिजनों ने बताया कि ईद की नमाज अदा करने के बाद जैसे ही वह मस्जिद से बाहर आये, तो कुछ लोगो ने उनपे हमला कर दिया जिसमे कुछ युवतियां भी शामिल थी और अगर हरियाणा में ईद के रोज़ खून बहाया तो जान से मारने की धमकी भी देने लगे.  

बुधवार शाम के लगभग आठ बजे ताहिर का शव गांव के बाहर एक पेड़ पर लटकता पाया गया. मृतक के परिजनों का आरोप है कि उन्ही लोगो ने ही ताहिर की हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया. वहीं, मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हो सकता है युवतियों का ताल्लुक हिन्दू आतंकी महिला विंग दुर्गा वाहिनी या किसी और जानवर बचाव संस्था से होगाजब कभी भी हिन्दू आतंकी किसी मुस्लिम, दलित या किसी और पुरुष को जान से मारने की योजना बनाते है या उससे किसी प्रकार का बदला लेना चाहते है तो दुर्गा वाहिनी की महिला आतंकी विंग को सदा ही अपने साथ रखते है ताके अगर बात हाथ से निकल जाए तो महिला को आगे से कर दे और पुरुष वर्ग के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दायर कर के हम साफ़ बहार निकल जाए

आज २०१४ के बाद से हर मुस्लिम त्यौहारों पे किसी ना किसी मुस्लिम की हत्या की खबर आती है. २०१७ में हरयाणा में  भेसा और उत्तर प्रदेश में बकरा  कुर्बानी के लिए ले जा रहे मुस्लिम युवको की रोहंगिया मुस्लिम बोल के हत्या कर डाली थीहत्यारों की दलील थी की रोहिंगिया देश के संसाधनों को खा रहे है और हम उनको भारत में किसी भी प्रकार का त्यौहार नहीं बनाने देंगे. अब इस हत्याकांड के बारे में भी कोई मन घडन्त दलील दे डालो.  देश तुम्हारा है सरकार तुम्हारी है पुलिस तुम्हारी है कानून तुम्हारा है न्यायलय तुम्हारे घर की रखेल है जो भी बोलोगे सही मान लिया जाएगा और तुम्हारे को हत्या के दोष से बरी कर दिया जाएगा.  

अब मुस्लिम मौलानाओं, दानिशमंदो और धर्म गुरुओं को आगे आना होगा और इस ज़ुल्म के खिलाफ एक जुट हो कर आवाज़ बुलंद करनी होगी.  कब तक मुसलमान हिन्दू जनता के हाथों लीचिंग का शिकार होते रहेंगे.   मुस्लिम संसद अंधे, बेहरे और गूंगे हो गए है और जो बोलते है वो सिर्फ सविधान और कानून की बात बोलते हैं और उसकी ही दुहाई देते हैं.  अलगाव की आवाज़ ज़ुल्म के खिलाफ बगावत की आवाज़ आप को ही बुलंद करनी होगी.  और मुसलमानो में इस ज़ुल्म के खिलाफ एक और मुल्क मांगने के जज़्बे को तैयार करना होगा.

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...