अज़ीज़ नाज़रीन,
(नोट: मुस्लिम अवाम से गुज़ारिश है की जिन लोगों ने मालेगाव, नांदेड़, बीड में त्रिपुरा हिन्दू दहशत हमले के खिलाफ एहतेजाज किया और महाराष्ट्र पुलिस पर पथराव किया वोह गलत अमल था। उन अवाम के लिए जल्द पैग़ाम दिया जाएगा। मुस्लिम अवाम जज़बात में आ कर मरकज़ की ज़ाफ़रानी हाकिम के दबाव में उद्धव हुकूमत को कमज़ोर ना करें। अभी तक मौजूदा शिवराय में इस सहाफी को नाइंसाफी की कोई भी ऐसी बात नज़र नहीं आती जिसकी वजह से एहतेजाज किया जाए।) मज़ीद तफ़्सीली पैग़ाम का इंतज़ार करें।
दो दिनों से बम्बाई से बहार गया हुआ था इसी वजह से हालात से आप हज़रात को आगाही नहीं कर सका। हालांकि पाकीज़ा जंगजू जंग में मुस्तहेदी से बताये हुए हदफ़ पर गामज़न थे। ताज़ा सूरते हाल यह है की शुमाल के ज़ाफ़रानी डाकू और मुसलमानों का खून बहाने वाला क़साई योगी आदित्यनाथ के ख़ाकी दहशतगर्दों ने जिस हिसाब से मासूम अल्ताफ को शहीद किया है उसका बदला हिन्दू दहशतगर्द बीजीपी का वेस्ट बंगाल की मदिनापुर में भास्कर बर्रा को दौड़ा दौड़ा कर तड़पा तड़पा कर पीट पीट कर दिल की जलन को उसके ही ख़ून से बूझा कर मार डाला। एक हफ्ते के अंदर यह दूसरा बीजेपी का मेंबर का क़तल किया गया है। इस हिन्दू दहशतगर्द भास्कर बर्रा को बरोज़ इतवार हलाक कर अल्ताफ की शहादत का बदला ले लिया गया है। (करो गिरफ्तार अगर एक बाप के हो) जिन ख़ाकी दहशतगर्दों ने उस मासूम अल्ताफ को शहीद किया था उन सभी का नाम और सूरत इन दो दिनों में व्हाट्सअप ग्रुप पर आ गई है। तैयार रहो ज़ालिमों तुमको मौत की आहट सुनाई देगी।
दिफ़ाई फ़ौजिओं ने त्रिपुरा हिन्दू दहशतगर्द हमले में इस्लामिक इबादतगाहों, मुसलमानों के ज़ारियाये रोज़गार और घरों को आतिशे नार करने की हिमाक़ात का ज़ोरदार जवाब दिया है। त्रिपुरा हिन्दू दहशतगर्द हमले का बदला मणिपुर में भारतीय दहशतगर्द फ़ोर्स (इंडियन आर्मी) को अपने ख़ून से चुकाना पड़ा है। जहाँ दीफ़ाई फ़ौजिओं ने भारतीय दहशतगर्द फ़ोर्स के कर्नल के पूरे एहले ख़ाना समेत ७ हिन्दू दहशतगर्दों को उनके ही ख़ून से सुर्ख कर गुसल करवा दिया है। दिफ़ाई हमले में कर्नल विप्लव देब त्रिपाठी उसकी लुगाई और ७ साल का लोंडा मौत की आगोश में चले गए।
विप्लव त्रिपाठी हिन्दू दहशतगर्द फ़ोर्स में ४६ आसाम राइफल बटालियन का कमेन्डिंग अफसर था। जो बरोज़ हफ्ते (सनीचर) को फॉरवर्ड केम्प का मुआएना करने गया था। जहाँ से लौटते वक़्त उसका मुआएना दिफ़ाई फ़ौजिओं ने बंदूकों से किया और उस जंग में भारतीय ज़ाफ़रानी दहशतगर्द मौत की आगोश में चला गया मतलब ढेर हो गया। साथ में अपनी लुगाई, ७ साल के लोंडे और मज़ीद ८ फ़ौजिओं की बली दे कर गया। उस कर्नल को यक़ीन होगा की उसकी मौत के बात हस्बे रिवायत और मज़हबी अक़ीदे के हिसाब से उसकी लुगाई को देवर इस्तेमाल करेगा। क्योंकि यह हिन्दू मज़हबी अक़ीदा है अगर शोहर ज़न्खा हो या अकाल मौत मारा जाए जंग में ख़ून से सुर्ख हो जाए मौत की आगोश में चला जाए तो देवर उसकी विधवा लुगाई को इस्तेमाल कर सकता है और नस्ल को आगे बड़ा सकता है। इसीलिए उस कर्नल ने अपनी लुगाई और लोंडे को भी मरवा डाला।
अभी ५ रोज़ क़ब्ल छत्तीसगढ़ के सुकमा नक्सली दिफ़ाई हल्क़े में एक CRPF के जवान ने शदीद गोलीबारी कर के ४ CRPF जवानों को उनके ही खून से ग़ुसल कर हलाक कर दिया था।
इस हिन्दू दहशतगर्द पर हमला बर्मा हिन्द सरहद
के नज़दीक हुआ है। यह वही बर्मा की सरज़मीन
है जहाँ हिन्दू दहशतगर्दों का सरग़ना मोदी ने अपनी नाजाइज़ लुगाई सू की को बहका कर मुस्लिम
नस्ल कुशी की नाकाम कोशिश की थी। आज उसकी
हालात भी किसी बाज़ारू औरत से कम ना रही। इज़्ज़त
विक़ार तो गया हाथ से पावर पोजीशन कुर्सी भी गई और हाथ लगी जेल ज़लालत रूसवाई, और हो
सकता है की इसको फ़ासी हो। यह है दीफ़ाई बदला।
Zuber
