अज़ीज़ नाज़रीन,
अम्बानी दम्पति को पोता पैदा हुआ, पाकिस्तान का हाथ: अमित शाह
जैसा की इस सहाफी ने दो अदद तंज़ीमों के लोगों को उनकी मर्दानगी साबित करने के लिए ललकारा था और दोनों ही हिजड़े साबित हुए। पहला है भारतीय जनखा पार्टी के तमाम नेता ख़ास सूबे उत्तर प्रदेश का ज़ाफ़रानी दहशतगर्द और साधू, दूसरा भारतीय जाफरानी मीडिया के तमाम लंगूर। नाज़रीन २८ नवंबर को जब साधू बोहोत ही ज़हर अंगेशी कर रहा था. हैदराबाद का पुर अमन माहौल और फ़िज़ा को अपनी ज़हरीली ज़ुबान और ज़हन की गंदगी से निकले आलूद से हैदराबाद का माहौल ख़राब कर उसको फ़िरक़ावाराना कर रहा था। नाम तब्दील करेंगें। नस्ले बदलेंगे, वग़ैरा। तब उसको ललकारा था तू हैदराबाद का नाम बाद में तब्दील करना अगर तू मर्द है तो अपनी तंज़ीम में काम करने वाले मुनाफ़िक़ों के नाम बदल और उनकी औलादों-नस्लों को तब्दील कर, उस साधू की १५ दिनों की चूनौती १३ दिसम्बर को खलास हो गई, लेकिन ना तो मुनाफ़िक़ों ने अपने नाम तब्दील किये और ना ही साधू ने अपने आपको मर्द साबित करने की कोई हिकमते अमली इख़्तेयार की। हिजड़े, जनखा।
आइये साधू की कुटाई होने के बाद अब लंगूरों पर तब्सिरा कर लेते हैं। लंगूर मजलिस के मुस्लिम इत्तेहाद पर हर दम तंज़ कस्ते थे आप तो वोट कटुआ हो, बीजेपी की बी टीम, पैसा लेते हो, संघ के मुहाफ़िज़ वग़ैरा बोल कर जितना भी मवाद ज़हर नफरत असद और अकबर के खिलाफ भरी होती थी उनके मुँह की गंदगी और आलूद की शक्ल में निकल कर बहार आती थी। ख़ास राजदीप और उसको चूनौती भी यही दी थी, की अगर वोह मर्द हैं तो जब भारतीय जनखा पार्टी पाकिस्तान, मुस्लिम, जिहाद, कश्मीर, बाबरी, मुग़ल, निज़ाम, नवाब, कभी ईद-दिवाली, शमशान कब्रस्तान, रामज़ादे या .......ज़ादे, अली या बजरग ऐसे मसलों से अवाम के दिलों दिमाग में ज़हर और मवाद की काश्त करें तो आप में हिम्मत है तो उनसे पूछे की आप तो वोट हिजड़ा हो और आप हिजड़ों की तरह अपनी लुगाई (जमुहरियत) को विकास पैदा करने के लिए कभी पडोसी कभी मुस्लिम कभी मुगलों कभी निज़ाम और नवाबों के पास भेजते हो। क्योंकि आपको अपने बाजूवे क़ुव्वत और मर्दानगी पर शक है की आप से विकास पैदा होगा तो अपनी लुगाई को भेज देते हो इनके पास और इनके नाम से आपकी लुगाई हामेला हो कर वोट पैदा कर देती है। जब विकास (वोट) पैदा हो जाता है तो उसको अपना नाम दे देते हो। खैर लंगूर भी हिजड़ा साबित हुए और एक भी लंगूर भारतीय जनखा पार्टी से यह सवाल पूछने में क़ासिर रहा की आपमें मर्दानगी कहाँ है, जो आप अपने भले किये हुए कामों पर वोट मांग सको तो अपनी लुगाई को मुसलमानो पाकिस्तान लव जिहाद, गौ कुशी के पास भेज देते हो। आज १५ दिसम्बर लंगूरों की भी १५ दिनों की मियाद ख़तम हुई।
अब कोई संघी, भारतीय जनखा पार्टी या शिद्दत पसंद यह नहीं बोल देना की गौ कुशी ख़तम करने का हमारा मेनिफेस्टो था और उसको हमने लागू किया तो उसकी बात करना हमारे किये हुए कामों का बयान करने जैसा है। ठीक है तुमने गाये के मॉस पर पाबन्दी लगाईं लेकिन यह क्या?? गाये और बेल के मॉस का एक्सपोर्ट ८० फीसद कैसे बढ़ गया और भारत ब्राज़ील के बाद दूसरा सबसे बढ़ बीफ एक्सपोर्टर कैसे बन गया। बात यह भी ग़ौर करने वाली है की १५ या २० सरे फेहरिस्त बूचड़ खाने वोह हिन्दू जैनी, मारवाड़ी या ब्रह्मिन समाज के हैं। तो बात यही साबित होती है की तुमको गौ मॉस पर या गौ खुशी पर पाबन्दी नाफ़िज़ नहीं करनी थी बल्कि अपनी नपुंसकता को पोशीदा करने के लिए गौ कूशी के नाम पर अपनी लुगाई को विकास की पैदावार के लिए मुस्लिम अवाम के पास भेजना था।
नाज़रीन यह चड्डे और जनखा पार्टी के हिजड़े वेस्ट बंगाल में बोहोत उछल कूद कर रहें हैं। क्योंकि वेस्ट बंगाल और उत्तर प्रदेश में इंतेखाब होना हैं। अगर यह फिर से हिन्दू मुस्लिम, पाकिस्तान हिंदुस्तान, जिन्ना, मुग़ल, नवाब निज़ाम ऐसी बातें करतें हैं तो सभी सियासी तंज़ीमों को उनसे सवाल करना चाहिए।
अम्बानी का पोता किस मुस्लिम या पाकिस्तानी की मेहनत का नतीजा है।
हर मसले को पाकिस्तान की जानिब मोड़ देना इन जनखा पार्टी के वज़ीरों को खूब आता है। किसान एहतेजाज में अब इनको पाकिस्तानी ऐंगल दिखने लगा। अम्बानी के यहाँ पोता पैदा हुआ, अम्बानी के पोते के पीछे पाकिस्तान के वज़ीरे आज़म का हाथ। कहीं अनिल या कोई और वज़ीर ऐसा ना बोल दे।
मोदी को ज़रा ज़्यादा ही ज़हानत हासिल है वोह इंसान के कपड़ों और दहशत से पहचान सकता है की वोह किस मज़हब के लोग हैं। वोह बात दूसरी है की जब तहक़ीक़ात होती है तो वोह सब उसके अपने ही निकलते हैं। तो अब मोदी क्या ऐसा नहीं बोलेगा भाइयों और बहनो ये जो अम्बानी के यहाँ पोता पैदा हुआ है उसकी नूनू देख कर में बता सकता हूँ की बीज किसी पाकिस्तानी ने या मुस्लिम ने डाला था।
जहाँ एक जानिब मोदी की ज़हानत कपड़ों और दहशत मचाने वालों में धोखा खा गई और मार काट आगज़नी करने वाले निकले सभी उसके कारकून। वहीँ इस बात के पूरे इमकान हैं, अगर मोदी ने अम्बानी की बहू के यहाँ पैदा होने वाले लड़के की नस्ल पर कोई ज़हानत वाली बात की तो वोह सही साबित होगी। क्योंकि अम्बानी और ख़ास संघ के मर्दों में क़ुव्वत और ताक़त की कमी होती है वोह अपनी लुगाइयों को मुस्लिम अवाम के पास ही भेजते हैं तो मोदी जी भूल के ऐसा मत बोल देना की यह जो लड़का पैदा हुआ है उसकी नुन्नू देख कर में बोल सकता हूँ की किसकी नस्ल है आपकी वोह बात सही साबित होगी।
मोदी अम्बानी के पोते को देखने गया मेने उसको पुछा था, क्या तू डॉक्टर्स की डी.एन.ऐ. टेस्ट करने वाली टीम को भी ले कर गया है। पोते की खुशी बना रहा है अम्बानी परिवार पता, पड़े की पाकिस्तान का हाथ है। फिर क्या करोगे। क्योंकि आज कल पाकिस्तान और पाकिस्तानी भारत माता पर चढ़ बैठे हैं। हर मुद्दे पर पाकिस्तानी आ जातें हैं। यहाँ तक की बॉलीवुड की नचनिया को भी अब पाकिस्तानी अच्छे लगने लगे और उनके साथ उनकी ख्वाबगाह में जाने में उसको कोई एतेराज़ नहीं। तभी तो मराठा अवाम की आमची मुम्बाई पाकिस्तान के हवाले कर दी, और उस पर भारतीय जनखा पार्टी की जानिब से कोई हिकमत और एक्शन नहीं बल्कि Y+ सिक्योरिटी। वहीँ कफील खान, शरजील ईमान, उमर खालिद ने जाइज़ सवाल किये तो उनको जेल में डाल दिया। नचनियां ने ना जाइज़ बात की तो Y+ सिक्योरिटी और मुस्लिम अवाम ने जाइज़ बात की तो क़ैद, इससे ज़ाहिर हो गया की जनखा पार्टी को अपनी लुगाइयों से नाजाइज़ विकास पैदा करने और पाकिस्तान-मुस्लिम अवाम के पास भेजने की खूब ख्वाहिश है।
नाज़रीन हाल ही में वेस्ट बंगाल में कुछ दहशतगर्दों को पकड़ कर अवाम ने पीट डाला था उसके ऊपर बवाल मचा दिया। इंदौर का माफिया डॉन और बजरंगदल का आतंकी दीदी को बोलता की रावण राज ज़्यादा नहीं चलेगा। उसको कहना है दीदी रावण नहीं बल्कि सीता हैं और तुम्हारे अब्बू मोदी रावण ने सीता (दीदी) वेस्ट बंगाल का हरण किया है। अमित मेघनाथ और जो कोई सोता रहता होगा वोह होगा कुंभकर्ण। बस अपनी अपनी गर्दन तैयार रखो कब क़लम हो जाए किसीको नहीं पता चलेगा। क्योंकि तुम राक्षसों ने सीता का हरण करने की गुस्ताखी की है। पवन पुत्र तुमको छोड़ेगा नहीं।
No comments:
Post a Comment