Thursday, 30 March 2023

दुख्तरान ऐ मिल्लत को एक पैग़ाम

अज़ीज़ क़ौम और मिल्लत की प्यारी बहनो और बच्चिओं, 

आज तुम लोगों के दरमियान दरिंदे बजरंगदल, संघ, विहीपी, और सियासी तंज़ीम बीजेपी की मुस्लिम बच्चिओं को बर्बाद करने की घिनौनी साजिश से रू बरू करवाना चाहता हूँ। 

इस शख्स को देखिये इसने चेहरे पर बाल बढ़ा रखें हैं ताके अवाम को यह पहली नज़र मुस्लिम नज़र आये।  हुलिया भी ऐसा ही बना रखा है जैसे की आम तोर पर मुस्लिम कम तालीमी आफ़ता नौजवान होतें हैं।  लेकिन यह एक बजरंगदल का नुमाइंदा है।  इसका नाम दीपक भोजपुरी है और यह भजन गायक है। 

यह शख़्स महाराष्ट्र के बंबई में कॉलेज की तालबह से छेड़छाड़ करते हुए पकड़ा गया है।  बंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन हल्क़े में एक १९ साला कॉलेज तुलबा से छेड़छाड़ कर रहा था तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।  जिसके बाद वह ट्रेन में बैठकर वहां से फरार हो गया.


लेकिन तुलबा ने इसकी इत्तेला जी.आर.पी. पुलिस को दी. जिसके बाद पुलिस ने मुजरिम को पालघर जिले के विरार इलाके से गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसे कोर्ट में पेश करके पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया.

बोरीवली पुलिस के बुज़ुर्ग अफसर अनिल कदम ने बताया कि मुजरिम ने तुलबा से पहले पता पूछने के बहाने बातचीत शुरू की. बाद में वह मज़ीद नज़दीकिया बढ़ा कर परेशान करने लगाहद तो तब हो गई जब वह हिजाबपोश तुलबा के साथ छेड़छाड़ पर उतर आया. यह देखते ही लड़की ने शोर मचाना शुरू कर दिया. जिसके बाद मुजरिम वहां से फरार हो गया.

दुख्तरान मिल्लत और क़ौम की बच्चिओं से गुज़ारिश है की किसी भी नावाक़िफ़ शख़्स से नाज़िकियाँ बनाने से क़ब्ल उसका किरदार अच्छे से परख लें।  चेहरे पर बाल का होना या मज़हब की बड़ी बड़ी बातें करना महज़ दीनदार होने की निशानी नहीं है।  बल्कि अगर एक मुस्लिम बग़ैर दाढ़ी वाला है लेकिन उसके अंदर मज़हब इस्लाम के लिए तड़प है, अल्लाह और उसके नबी के लिए मोहब्बत है उस मोहब्बत की वजह से  हर सच्चे मुस्लिम अवाम से मोहब्बत है तो वोह हक़ीक़ी मुस्लिम है।  बजाये चहरे पर बाल बड़ा कर दिखावा करने वाले के और ऐसे बड़े हुए बालों वाले ज़्यादातर या तो मुनाफ़िक़ होतें हैं या सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम बच्चिओं को गुमराह करने के लिए बेरूप इख़्तेयार करतें हैं।  

इंसान का नाम कोई कमाल की बात नहीं है किरदार बड़ी बात है, वैसे तो मुनाफ़िक़ों की जमात में भरे पड़ें हैं रिज़वान एहमद जैसे मुस्लिम।  जो हर मुद्दे पर मुस्लिम अवाम की दिल शिकनी वाली और अक्सरियत अवाम की तस्कीन की बात करतें हैं।  ऐसे मुनाफ़िक़ों की गर्दन मार दी जाए तो कुछ गलत नहीं होगा।  कियोंके ऐसे ही मुनाफ़िक़ नबी के उस्वा हसना और क़ुरान की गलत तशरीह कर के अक्सरियत अवाम के दिलों दिमाग में इस्लाम और मुस्लिम अवाम के लिए शक के बीज बोते हैं।  और इन को ऐसा करने के लिए हुकूमतों से पैसे मिलेतें हैं।  आलमी सतह पर यहूद और नसारा ऐसे मुनाफ़िक़ों को पालते हैं और हिन्द में बीजेपी संघ।   


सहाफ़ी
ज़ुबेर

Good News for Pakistan & Islam.

 

AUTONOMOUS JOURNALIST

Good News for Pakistan & Islam. 

https://autojourna.wordpress.com/2023/03/30/good-news-for-pakistan-islam/ 



Thursday, 23 March 2023

रमज़ान मुबारक

जुमेरात मार्च २३, २०२३ 

AUTONOMOUS JOURNALIST

Happy Ramadan

https://autojourna.wordpress.com/2023/03/23/happy-ramadan/


तमाम अहल-ए-इस्लाम के रोज़ेदारों को रमज़ान की पुर-ख़ुलूस मुबारकबाद।  या अल्लाह इस माहे मुक़द्दस में तमाम उम्मत के रोज़ेदारों पर अपने रहमतों की बारिश कर और उनकी तमाम हाजतों को पूरा कर।  प्यास और भूक की शिद्दत बर्दाश्त करने की क़ुव्वत फ़राहम कर।  गुनाहों की लज़्ज़त से दूर कर और अपने रोज़ों को शव्वाल के चाँद तक मेहफ़ूज़ ले जाने की तौफ़ीक़ अता कर।आमीन

 

सहाफ़ी ज़ुबेर

Sunday, 19 March 2023

हर हाल में शुक्र ऐ इलाही।

अज़ीज़ ब्रादराने मिल्लत इस्लामिया और ख़ैर ख़्वाहा। 

नाज़रीन आप तमाम हज़रात को अज़हद मुस्सरत के साथ इत्तेला दी जाती है की चीफ विंग कमांडर (Wing Commander L33OS 7G) पूरी तरह सेहत याब हो चुके हैं।  इससे क़ब्ल  १२ जून २०२१ को फ़िज़ाई फौजी (विंग कमांडर) दरकार है। एक मज़मून इश्तेहार की शकल में दुखे दिल से शाया किया गया था।  https://zuberjournalist.blogspot.com/2021/06/blog-post_12.html   जिसमे उनके ज़ख़्मी होने की इत्तेला दी गई थी।   अब उनके सेहतयाब होने की इत्तेला ख़ुशदिली से दी जाती है।   बल्कि अगस्त २०२१ में ही उनको शिफ़ाख़ाने से छुट्टी दे दी गई थी।  हालांकि जर्राहों ने उनके सेहतयाब होने और बचने के काफी कम इमकान ज़ाहिर किये थे।  लेकिन जिसको अल्लाह रखे उसको कौन चखे।  नाज़रीन दिसम्बर २०२१ को विंग कमांडर ने अपना काम संभाल लिया था।  बल्कि पहले के मुक़ाबले काफी मुसतहद और फुर्तीले हो गए हैं। 

साल २०२१ में ही हंगामी इजलास मुनक़्क़द कर के फौज से किनाराकश हुए अफसर को जंग की क़यादत के लिए नामज़द किया था और उनको ख़िदमात देने के लिए दीफ़ाई सरबराह ने रख लिया है। 

सेहत याब हुए विंग कमांडर फील वक़्त तिजारती महाज़ पर हैं।  और आलमी तिजारत में अपने हाथ आज़मा रहें हैं।  उनको आलमी चेम्बर ऑफ़ कामर्स में एक एहम ओहदे पर फ़ाइज़ किया गया है।  उनके तजुर्बे और महारत का फायदा क़ौम और मिल्लत को मुस्तक़बिल में हर हाल में होगा।

सहाफ़ी ज़ुबेर

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...