५ दिनों से ज़्यादा की लुका छुपी के बाद आखिरकार बिहार
के मुजफ्फरपुर सड़क हादसे का मुख्य आतंकी मनोज बैठा ने सरेंडर कर दिया. इस हादसे
में नौ स्कूली बच्चों की मौत हुई थी.
हालांकि नितीश कुमार की सरकारी यंत्रणा उस आतंकी को
पूरा सपोर्ट कर रही है और सरेंडर करने के बाद मनोज बैठा को अस्पताल में भर्ती
कराना पड़ा क्योंकि इस हिट एंड रन मामले में मनोज के भी घायल होने की खबर मिली थी.
इलाज के लिए पहले मनोज बैठा को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती
कराया गया, लेकिन बाद में मनोज को पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में
शिफ्ट किया गया.
यहाँ पे सवाल बड़ा यही है उसको भी अगर चोट लगी थी तो
इतने दिनों तक किधर भटक रहा था. उसको हॉस्पिटल में ही होना चाहिए था. एक दम बकवास
है सिर्फ पुलिस रिमांड और जेल से बचने के लिए हॉस्पिटल का बहाना ले रहा है ये
मासूम बच्चो का कातिल आतंकवादी. पुलिस के
पास सर्रेंडर करने के बाद हॉस्पिटल में इसलिए भर्ती हो गया के रिमांड और जेल से बच
जाऊँगा. सिर्फ और सिर्फ नाटक है और इसमें नितीश की आतंकवादीओ के लिए भक्ति शामिल
है जो मासूमो की जान से ज़्यादा आतंकवादी को बचाने में लगा है. जो मासूम इस आतंकी हमले में शहीद हुए वो सभी
भारत का भविष्य थे क्या पता उनमे से कोई अब्दुल कलाम बन के निकलता या लाल बहादुर
शास्त्री या सुशिल कुमार शिंदे या फिर रामनाथ कोविद. क्योके जो बच्चे सरकारी
स्कूलों में पड़ते है और गरीबी में जीते है वो ही देश का नाम रोशन करते है. अमीरी
में जीने वाले तो ललित मोदी, मालिया और नीरव मोदी बनते है वो देश का नाम सिर्फ
भारत में ही नहीं बल्कि विदेशो तक में रोशन करते है और कमा कुठा के विदेशो के
भ्रमण पे निकल जाते है. ऐसे लोगो को तो फ़ासी देना चाहिए और जो राजनेता ऐसे
आतंकवादीओ को बचाने की कवायत करे उसको भी फ़ासी देनी चाहिए.
ये है पूरा मामला
शनिवार को सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के बीच एनएच 77 पर
भीषण सड़क दुर्घटना हुई थी. इसमें 9 बच्चों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई. बीजेपी
नेता मनोज बैठा अपनी बोलेरो गाड़ी से सीतामढ़ी से मुजफ्फरपुर आ रहे थे. इस दौरान
मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव में उनकी गाड़ी ने पहले एक
महिला और पुरुष को टक्कर मारी, फिर भागने के चक्कर में सड़क किनारे खड़े बच्चों को
कुचल दिया. ये बच्चे अपने स्कूल से घर लौट रहे थे.
हादसे में 9 बच्चों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी.
गाड़ी खुद मनोज बैठा चला रहा था. आजतक ने सीसीटीवी फुटेज भी सबसे पहले दिखाया था,
जिसमें वो अपने गाड़ी चलाते हुऐ रुन्नीसैदपुर टोल प्लाजा क्रॉस कर रहा था.
ये पत्रकार केंद्र सरकार से निवेदन करता है के
मासूम बच्चो के हत्यारे उस आतंकवादी के लिए सजाये मौत की सिफारिश करे. और अगर नितिन याहू की भक्ति इस आतंकवादी
और सजा के बीच में आती है तो उसको भी सजा दी जाए.
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Terrorist surrendered
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