Sunday, 4 February 2018

अब कासगंज हिंसा योगी के मंत्री को छोटी दिखने लगी.

यूपी सरकार के मंत्री सत्यदेव पचौरी को कासगंज हिंसा अब छोटी दखने लगी है. इस छोटी हिंसा को लेकर उन्होंने बड़ा बयान दे डाला है.  उन्होंने कहा कि यह हिंसा छोटी-मोटी घटना थी और ऐसी घटना होती रहती हैं. कासगंज में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बारे में सवाल पूछे जाने पर पचौरी ने कहा, ‘‘ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं. और हर जगह होती हैं. इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है.

जिस घटना को लेकर समूचे भारत वर्ष में बवाल मचा हुआ है और विपक्षी पार्टियों ने मामले को संसद तक में उठाया, जिससे सदन की कार्यवाही भी बाधित हुई और केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की.  जिस घटना की वजह से उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आने की सम्भावना है तथा जिस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था के किस तरह से कुछ आतंकवादी तत्वों दुवारा सच्चे देशभक्तो के ऊपर तिरंगा यात्रा के बहाने भगवा यात्रा रंग चढाने की कोशिश की गई.  यहाँ तक के हालात को काबू करने के लिए प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा.  जिस घटना से प्रशासन और आतंकवादीओ के बीच सांठ गाँठ होने की सम्भावना ज़ोर पकड़ती जा रही है.  जिस घटना की वजह से अब हर सच्चे देश भक्त को २६ जनवरी तथा १५ अगस्त जैसे राष्ट्रिय प्रव बनाने से पहले आतंकवादी हमलो को ध्यान में रख के काम करना पड़ेगा.  क्यूके अब इन आतंकवादीओ और अराजक तत्वों को प्रशासनिक सुरक्षा मुहैया है. और ऐसे शरारती, अराजक और आतंकवादी तत्व देशभक्ति के नाम पे आतंकी हमलो को अंजाम देते है. लेकिन योगी के एक मंत्री के लिए यह एक मामूली घटना थी.

जब खुद की सरकार घिरती नज़र आयी और हिन्दू आतंकवाद के कुकर्म खुल के सामने आ गये के हमला एक सोची समझी साजिश का नतीजा था जिस बात का ज़िक्र इस पत्रकार ने अपनी २८ जनवरी २०१८ की “ फेक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट”  में किया है तो इन लोगो को छोटी मोटी घटना दिखने लगी.   अब ये बात भी खुल के सामने आ गई है के आतंकी चन्दन को मारने के पीछे उसके अपने हिन्दू संघटनो का हाथ है. फिर भी उत्तर प्रदेश का भगवा प्रशासन उस आतंकी की मौत के पीछे सिर्फ मुस्लिम युवको को पकड़ रहा है. जितनी कुशलता पुलिस ने मुस्लिम युवको को पकड़ने में दिखाई है अगर उतनी मुस्तेहादि पहले दिखाई होती तो मुस्लिम बहुल हलके और सच्चे देश भक्तो पे आतंकी हमला होता ही नहीं.  अभी पुलिस की रिपोर्ट ये कह दे की ये एक जिहादी हमला था फिर देखो इन मंत्री जी की ज़बान एक दम अलग बोली बोलने लगेगी. फिर इनको ये घटना बड़ी नज़र आने लगेगी.  आतंकी चन्दन  'संकल्प' नामक एक संस्था चलाता था जिसमे कुछ ७०  - ८० के करीब  मेंबर्स थे. अब ये आतंकी किस बात का सकलप लेता था और इस संस्था के क्या क्या काम थे इस बात की भी पुलिस को तफ्तीश करना चाहिए. अगर उस संस्था में कुछ भी देशविरोधी गतिविधिया चालाई जाती होगी जैसे भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करना, तिरंगे की जगह भगवा ध्वज को तरजीह देना, मुस्लिम और क्रिस्टी समाज की निस्बत से युवाओ में ज़हर भरना, इसकी भी जांच होनी चाहिए और अगर कुछ भी देशविरोधी और विघटनकारी गतिविधिओ में ये संकल्प नामक संस्था पाई जाती है तो उसको बेन करना चाहिए और फिर उसके समूचे मेंबर्स को भी अरेस्ट करना चाहिए. 

इससे पहले उत्तर प्रदेश के एक ए.डी.ऍम. ने राम मंदिर बनवाने के लिए संघ के साथ सकल्प सभा में हिस्सा लिया और सकलप किया के राम मंदिर बनवा के रहेंगे. तो ऐसे बड़े बड़े व्यक्तित्वों के छोटे छोटे बोल को न सुनते हुए प्रशासन को अब सच्चाई की और न्यायपक्ष की हिमायत करते हुए काम करने की ज़रुरत है. 

जो हिन्दू संघी मानसिकता के हामी है वो अगर राम मंदिर के निर्माण का समर्थन करते है तो कोई गलत बात नहीं है लेकिन मुस्लिम समाज में बोहोत से पाखंडी और फरेबी मौजूद है जो असल में संघ के कारकून है और उनको संघ से या बीजेपी से पैसा मिलता है ऐसे ओछे, ज़लील और नीच बयान देने के लिए. फिर ऐसे बयानों को लंगूरो की टीम खूब हवा देती है और ऐसे बोहोत से पाखंडी अभी निकलना बाकी है.   जिसके ऊपर इस पत्रकार ने १/११/२०१७ कोएक और पाखंडी निकला बहार...... एक लेख में खुल्लम खुल्ला इन लोगो के संघ के साथ सांठ गाँठ की बात कही है.




जुबेर एहमद खान
पत्रकार   





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Big personality with small words on Kasgaon Violence.
autonomousjournalist.wordpress.com/2018/02/04/big

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