पंडितो, ब्राह्मणो की आस्था गुन्हा के लिए उकसाने का हथकंडा
जनता को अपने मकसद से भटकाना हो और उसको गुमराह करना हो तो दो बातो में उलझा दीजिये धर्म और देशप्रेम. फिर दोनों ही बातो में जनता ये नहीं देखती के सही क्या है और गलत क्या है. और भावनाओ के आवेश में बह निकलती है. धर्म का फायदा ब्राह्मण, पंडित अपने कुकर्मो और गुनाहो को छुपाने के लिए आस्था के नाम पे करते है जिस तरह से आज कल समूचे हिन्दू स्टेट में आस्था के नाम की बारिश हो रही है. और देशप्रेम की आड़ ले कर आतंकवादी अपनी गद्दारी छुपाने के लिए करते है. जिस तरह से एक गाने को देश प्रेम का नाम दे कर आतंकवादी अपनी विचारधारा आम कर रहे है और तिरंगे की आड़ में भगवा. ऐसे पाखंडी पंडितो, ब्राह्मणो को पहले ही ये पत्रकार बेनकाब कर चूका है. इसमें कुछ मुल्ला भी शामिल है जो अपने मज़हबी एतेक़ाद के ऊपर रुपयों की माला चढाने की फिराक में थे. इस कड़ी में हिन्दू स्टेट के आतंकवादीओ दोवारा काबिज़ एक हिस्सा उत्तर प्रदेश में आतंकिओ का एरिया कमेंडेन्ट ने एक इंटरव्यू में कुछ ऐसे तथ्य रखे जिसका ऑपरेशन पत्रकार जुबेर ने किया. पेश है इंटरव्यू में एरिया कमांडेंट से पूछे गए कुछ सवालों पे पत्रकार जुबेर के तीखे हमले:
जनता को अपने मकसद से भटकाना हो और उसको गुमराह करना हो तो दो बातो में उलझा दीजिये धर्म और देशप्रेम. फिर दोनों ही बातो में जनता ये नहीं देखती के सही क्या है और गलत क्या है. और भावनाओ के आवेश में बह निकलती है. धर्म का फायदा ब्राह्मण, पंडित अपने कुकर्मो और गुनाहो को छुपाने के लिए आस्था के नाम पे करते है जिस तरह से आज कल समूचे हिन्दू स्टेट में आस्था के नाम की बारिश हो रही है. और देशप्रेम की आड़ ले कर आतंकवादी अपनी गद्दारी छुपाने के लिए करते है. जिस तरह से एक गाने को देश प्रेम का नाम दे कर आतंकवादी अपनी विचारधारा आम कर रहे है और तिरंगे की आड़ में भगवा. ऐसे पाखंडी पंडितो, ब्राह्मणो को पहले ही ये पत्रकार बेनकाब कर चूका है. इसमें कुछ मुल्ला भी शामिल है जो अपने मज़हबी एतेक़ाद के ऊपर रुपयों की माला चढाने की फिराक में थे. इस कड़ी में हिन्दू स्टेट के आतंकवादीओ दोवारा काबिज़ एक हिस्सा उत्तर प्रदेश में आतंकिओ का एरिया कमेंडेन्ट ने एक इंटरव्यू में कुछ ऐसे तथ्य रखे जिसका ऑपरेशन पत्रकार जुबेर ने किया. पेश है इंटरव्यू में एरिया कमांडेंट से पूछे गए कुछ सवालों पे पत्रकार जुबेर के तीखे हमले:
राम मंदिर राजनीतिक मुद्दा
नहीं
योगी आदित्यनाथ ने २०१९ के लिए चुनावी
मुद्दे के सवाल पर कहा कि राम मंदिर का मुद्दा हमारा राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकता,
आस्था का मुद्दा हो सकता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास विकास और सुशासन के मुद्दे
हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिए हैं. दोनों दिशाओं पर काम हो रहा है.
जुबेर
का कटाक्ष
योगी जी आपकी आस्था का अब कोई
क्या करे वो तो कही भी किसी भी वस्तु पे जागृत हो जाती है. नारी के घागरे से ले कर
तो चौली तक, सांप को दूध पिलाने से ले कर गाय के मल मूत्र खाने तक फिर पत्थर की
पूजा करने से लेकर पेड़ को धागा बांधने तक आप जैसे पाखंडी पंडितो और साधुओ ने
आस्था के नाम पे जनता को सिर्फ गुमराह किया है और आपकी आस्था की भरमार है. 'नियोग'
प्रथा के तहत पाखंडी साधु पंडित एक पराई नारी के तन मन का त्रिस्कार करते
है और उसको नाम दिया जाता है आस्था. फिर क्या आपकी आस्था डाकाज़नी, नकबज़नी और
बलात्कार जैसे संगीन अपराधों पे भी रहती है. जहा तक राम मंदिर का सवाल है समूचे
समाज को आपलोगो ने गुमराह किया. और सभी जानते है के चोरो और डाकूओ की तरह आप लोगो
ने मुस्लिम समाज की मस्जिद हड़पने के लिए राम की मूर्ती रातो रात मस्जिद में रखवाई.
अब सवाल ये उठता है के क्या राम की मूर्ती को पैर थे जो खुद बा खुद मस्जिद के अंदर
दाखिल हो गई. तो आपकी आस्था हमेशा क्राइम वाले कामो में ही काहे को रहती है. आप
लोग राम मंदिर को आस्था का विषय मानते है वो भी डाका डाल के आस्था पालते
है. लेकिन आप ये भूल गए जब जब आप जैसे डाकू डाकाज़नी करेंगे कोई न कोई
वाल्मीकि आपको सही मार्ग दिखाने आएगा. आपकी आस्था की क्या बात की जाए जिस चीज़ पे आपकी
नज़रे गन्दी हो जाए आपकी आस्था जाग उठती है.
जिस नारी के ऊपर आपकी निगाहें गन्दी हो गई उसको आप किसी भी देवी का अवतार बता
के मंदिरो में बुला के उसके तन मन के साथ खिलवाड़ करते हो. और उसको नाम देते हो साध्वी. आपकी आस्था मनुष्य के लिंग से लेकर तो नारी की योनि
तक हर वस्तु में है. तभी नारी समाज नंगे साधु के लिंग की पूजा करती है और उसको चुम्मा
भी किया जाता है फिर कहा जाता है के ये बोहोत सिद्ध ज्ञानी साधू है जिसकी भोग कामना
एक पराई नारी के होंठ स्पर्श पे भी जागृत नहीं हुई. फिर शिव लिंग की पूजा की जाती है जो कुँवारी लड़की
अपने विवाह की सीमा पार कर जाती है या विधवा वो रात के समय मंदिर में प्रवेश कर के
नग्न अवस्था में अपनी योनि का स्पर्श शिव लिंग पे करती है और संतुष्टि का आभास पाती
है. आपकी आस्था की क्या बात की जाए अगर आपकी नियत किसी सामान्य नागरिक के घर, खेत या
दूकान पे गन्दी हो गई और आस्था के नाम पे बिठाई गई मूर्ती और बोल दिया यहाँ मूर्ती निकली
है तो हो गई वो जगह विवादित.
पर्यटन की अपार संभावनाएं
योगी ने कहा है कि उनके राज्य में
पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं. योगी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के पास सबसे ज्यादा
युवा हैं और इन्हें सकारात्मक दिशा में लगाना होगा.
जुबेर
का कटाक्ष
योगी जी ज़्यादा बड़ी बड़ी बाते मत कीजिये
आपके कारिंदे तो पर्यटन की धज्जिया उड़ाने में लगे है आप किस पर्यटन की बात करते है. ताज नगर की विवादित इमारत जो पहले गूगल सर्च में
सबसे ज़्यादा सर्च करने वाली इमारत हुआ करती थी उसकी साख विवादित होने के बाद तेज़ी से
घटी है. फिर उस इमारत के फॉलोवर्स भी तेज़ी से घटे है. दूसरी बात आपके प्रदेश में जिस तरह से जर्मनी के
दो जोड़ो की और एक जर्मन नागरिक की पिटाई की गई थी और फिर इंग्लैंड की एक कन्या के साथ
बलात्कार तो ये सभी बाते आपके पर्यटन की धज्जिया उड़ाने के लिए काफी है.
हमने किया भेदभाव बंद
योगी ने कहा है कि राज्य में विकास
के लिए भेदभाव बंद हुआ. उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ है, सड़कों को गड्ढा मुक्त
किया गया है.
जुबेर
का कटाक्ष
योगी जी भेदभाव आपने बंद नहीं किया
बल्कि आपने भेद भाव ज़्यादा शुरू कर दिया है. कासगंज में राष्ट्रवादी मुस्लिम समाज के
ऊपर आतंकी हमला हुआ और अर्थव्यवस्था मुस्लिम समाज की ही तबाह की गई. फिर गिरफ्तारी
किसकी की गई बेगुनाह मुसलमानो की जिनका इस हादसे से कोई भी लेना देना नहीं था. जिस
सलीम को पुलिस ने प्रमुख अपराधी और एक मात्र मारे गए आतंकी के क़त्ल के इलज़ाम में गिरफ्तार
किया है उससे समूचा व्यापारी संघ सकते में है और सभी ये कह रहे है सलीम ऐसा नहीं कर
सकता हमें यकीन है. हमारे साथ उसका व्यवाहर बोहोत ही भाईचारे वाला था और आचार नीति
पाल के चलता था. फिर आतंकी के बाप ने कुछ भी उल्टा सीधा इलज़ाम लगा दिया और आपकी पुलिस
ने इल्ज़ाम की तफ्तीश करना भी मुनासिब नहीं समझा और तीन मुसलमानो को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने फैसला कर लिया की कौन दोषी है. पुलिस को पहले निस्पक्ष जांच करनी चाहिए थी. फिर मुजफ्फरनगर हमलो का आतंकी जिसको कोर्ट
ने नॉन बेलेबल वारंट जारी किया आपके संरक्षण में है. तो भेद भाव की बात आपके मुख से
अच्छी नहीं लगती. आप तो आतंकवादीओ का साथ दे
कर नार्मल पब्लिक के साथ भेदभाव कर रहे हो
अब
विकास की ज़रुरत है
योगी ने कहा कि पहले यूपी बदनाम था,
क्राइम और करप्शन की वजह से. हमारी सरकार ने दोनों पर कैंची चलाई. क्राइम को पहले सत्ता
का संरक्षण था. हमने जो वादा किया था, वही किया. आज अपराधी तख्ती उठाकर शहर में घूम रहे हैं कि हमसे
अपराध हुआ है, अब नहीं करेंगे. दहशतगर्द पुलिस थानों में जाते हैं और कहते हैं कि अब
हम क्राइम नहीं करेंगे.
जुबेर
का कटाक्ष
योगी जी क्योके अब आतंकवादीओ के साथ
सत्ता पक्ष की सांठ गाँठ है. आपको क्या लगता
है उत्तर प्रदेश में युवा वाहिनी के आतंकी जो कुछ कर रहे है किसी को मालूम नहीं. फिर २६ जनवरी से पहले जिस तरह के वीडियो और मेसेज
आतंकवादीओ ने सोशल मीडिया और व्हाट्सअप ग्रुप पे आम किये थे. जिसकी जानकारी आपकी पुलिस
को दे दी गई थी फिर भी कासगंज में दंगा हुआ. पुलिस को समूची जानकारी होने के बावजूद
भी पुलिस नाकाम हुई मतलब प्रशासन और आतंकवादीओ में सांठ गाठ है. दूसरी बात जब दंगा हो गया और जैसा की वीडियो और
मेसेज में प्रसारित किया गया था के मुस्लिम समाज की अर्थव्यवस्था को तबाह करना है तो
आतंकवादी अपने मकसद में कामयाब हुए और आप फेल.
रहा सवाल अपराधिओं का तख्ती उठाकर शहर में घूमने का और पुलिस थानों में जा
के मुजरिमो का बयान देना ये एक आपके प्रशासन और पुलिस की गिरती हुई साख को बचाने की
सोची समझी रणनीति है. जिसका कोई भी प्रयोग कर सकता है, मुजरिमो के सामने ५०० का नोट
फेको वो कुछ भी करने को तैयार हो जाते है. अगर क्रिमिनल्स डरे हुए है तो पब्लिक कानून
अपने हाथो में क्यों ले रही है. मतलब पुलिस और प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है और पब्लिक
परेशान. युवा वाहिनी के साथ आपकी सांठ गाँठ का एक विडिओ देखिये. जो २६ जनवरी के आतंकी हमले के बाद एक सभा का है. जब प्रशासन की खुद की सांठ गाँठ ऐसे आतंकवादीओ से होगी जो खुले आम जुर्म करने की धमकी दे रहा है और हिन्दू युवाओ को भड़का रहा है मुस्लिम बच्चीओ के साथ रेप करने या उनको ज़बरदस्ती खींच कर हिन्दू बनाने की तो अब किस राजनेतिक शरण की बात कर रहे हो. फिर ये बोली तो आप ही की दी हुई है जिसके ऊपर युवा वाहिनी अमल कर रही है. आपने भी तो बोला था अगर एक गई तो तुम १०० मुस्लिम लड़कीओ को हिन्दू बनाओ. अगर याद नहीं हो तो उसका भी वीडियो है इस पत्रकार के पास.
राजनीतिक दल ने की साजिश
पिछले 11 महीनों में सहारनपुर और कासगंज
में सामाजिक समरसता बिगाड़ने की दो ही घटनाएं हुईं. कासगंज में गणतंत्र दिवस के मौके
पर फोर्स परेड में थी. फिल्म पद्मावत को लेकर भी फोर्स तैनात थी. इस फिल्म या कासगंज
की आढ़ में राजनीतिक दल माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही थी. मैं जल्द ही विधानसभा
में इसे उजागर करूंगा.
जुबेर
का कटाक्ष
योगी जी आपकी समूची ज़िम्मेदारी विपक्ष
कब तक ढोता रहेगा. दंगा रहित प्रदेश सत्ताधारी पक्ष की ज़िम्मेदारी होती है और अगर विपक्ष
आपके सिद्धांतों के साथ खिलवाड़ करने में कामयाब हो रहा है मतलब आपकी ३२५ सीट किसी भी
लायक नहीं है. फिर ये पहला मौका नहीं है जब
आपका खुफिया विभाग विपक्ष की नियत को नहीं भांप सका और आपकी फजीती हुई. जब प्रधान सेवक
अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होते है और हिन्दू विश्वविद्यालय में छात्रों और पुलिस
के बीच कुश्तम पछाड़ हो जाती है और गर्ल्स विद्यार्थीओ की जाईज़ मांगो को सुनने के बजाय
पुलिस उनके साथ बल प्रयोग और लाठी चार्ज करती है.
उसमे भी आपने विपक्ष का हाथ होने के सबूत विधान सभा में पेश करने की बात कही
थी. अब आप विपक्ष में नहीं है अब आप सत्ता
धारी पक्ष है. आप विपक्ष में होते हुए गुंडा गर्दी, आतंक का माहौल बना सकते थे लेकिन
अब तो आप खुद ही आतंक की कुर्सी पे बैठे है तो आपसे ज़्यादा बलवान विपक्ष कैसे हो सकता
है.
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