Tuesday, 6 February 2018

कश्मीर में सिर्फ एक कैदी के छुड़ा ले जाने पे बवाल क्यों



जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में मंगलवार दोपहर अस्पताल में हमला हुआ. इस हमले में दो पुलिसवाले शहीद हुए हैं और कई घायल भी हुए. हमलावर इस दौरान एक कैदी अबु हुंजाल को भगाने में कामयाब हुए. पुलिसवाले ६ कैदिओ का मेडिकल चेकअप करवाने के लिए अस्पताल लाए थे, जिस दौरान ये हुआ. बाकी ५ पुलिस की गिरफ्त में ही हैं.

अब सवाल बड़ा यही है के कश्मीर में अस्पताल पे भी हुए हमले को लंगूर और नार्मल मीडिया आतंकी हमला करार दे रहे है जबकि हिन्दू स्टेट के आगरा और भोपाल में पुलिस स्टेशन पे भी हुए हमले को आतंकी हमला नहीं बोला गया. 

२०१७ में हिन्दू स्टेट की दो जगह आगरा और भोपाल से बजरंगदल तथा वीहपी के आतंकी पुलिस स्टेशन में कैद आतंकिओ को छुड़ाने में कामयाब रहे थे.  आगरा से कुछ ५ और भोपाल से दो आतंकिओ को आतंकी पुलिस स्टेशन पे हमला कर के ले भागे थे. फिर कश्मीर पे इतना बवाल क्यों. दूसरी बात कश्मीर में तो अस्पताल से छुड़ाया गया है उसके ऊपर कश्मीर पुलिस के दो जवानो ने अपनी कुर्बानी दी है मतलब सामने वाले से लड़ाई की गई. वही हिन्दू स्टेट में पुलिस स्टेशन से छुड़ाया गया और एक भी पुलिस वाला नहीं मरा मतलब पुलिस तथा प्रशासन की आतंकवादीओ से मिली भगत थी. या उन्होंने पहले ही आतंकवादीओ के सामने हथियार डाल दिए थे. आगरा हमले में जाते जाते पुलिस का समूचा रिकॉर्ड पुलिस जीप को आतंकवादीओ ने आग के हवाले कर दिया था इतना ही नहीं पुलिस की गन भी छीनने की कोशिश की गई थी. जो कुछ हो रहा है सही हो रहा है जो होगा सही होगा तुम क्या लाये थे जो तुमने खो दिया जो पाया यही से पाया जो दिया यही पे दिया. जो बोवोगे वही काटोगे.


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Why panic for single under trial rescue in Kashmir.

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