Monday, 12 February 2018

आतंकिओ पे कब होगी कार्यवाही



हिन्दू स्टेट का आतंकी मोहन भगवत बिहार के दौरे पे है और वहां पे मुज्जफरपुर में उसने रविवार को भारतीय सेना के अनुशासन, कूव्वत, काबिलियत और कार्यप्रणाली के ऊपर अपने आतंकिओ को तरजीह देने वाला बयान दे डाला. जिसके ऊपर बिहार तथा केंद्र की सत्ता धारी पक्ष तथा सरकार चुप है. बिहार और केंद्र सरकार की चुप्पी इस बात की तस्दीक करती है के उन दोनों सरकारों को भारतीय वफादार सेना की कार्यप्रणाली पे शक है और अपने आतंकिओ पे ज़्यादा यकीन.

हिन्दू स्टेट के आतंकी संघटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को भारतीय सेना को ज़लील कर के अपने आतंकिओ को सेना से ज़्यादा सूझ बूझ वाला, अनुशासनात्मक और ताक़तवर बता दिया, जिस पर विवाद गहराता जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार सुबह संघ प्रमुख के बयान का वीडियो शेयर करते हुए उस पर हमला बोला.

संघ का आतंकी मोहन भागवत रविवार को बिहार के मुज्जफरपुर में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहता है कि देश को अगर हमारी जरूरत पड़े और हमारा संविधान और कानून इजाजत दे हम तुरंत तैयार हो जाएंगे. स्वयंसेवकों की कुव्वत का बखान करते हुए संघ प्रमुख ये भी कह गए कि सेना को तैयार होने में ६ ७ महीने लग जाएंगे, लेकिन हम दो से तीन दिन में ही तैयार हो जाएंगे, क्योंकि हमारा अनुशासन ही ऐसा है.

अब इस बयान का डेमेज कंट्रोल और ऑपरेशन करने की ज़िम्मेदारी संघ की ओर से RSS प्रवक्ता मनमोहन वैद्य को दी गई है जो कहता है कि संघ प्रमुख के बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है. वैद्य ने कहा कि 'भागवत जी ने कहा था कि परिस्थिति आने पर तथा संविधान द्वारा मान्य होने पर भारतीय सेना को सामान्य समाज को तैयार करने के लिए 6 महीने का समय लगेगा तो संघ स्वयंसेवकों को भारतीय सेना 3 दिन में तैयार कर सकेगी, कारण स्वयंसेवकों को अनुशासन का अभ्यास रहता है.

बोलिये जेनेरल डायर कश्मीर पे तो आपकी ऊल जलूल बयानबाज़ी चालू रहती है हिन्दू स्टेट के आतंकिओ के ऊपर भी कुछ बयान दे डालो. ये आतंकी खुले आम तुमको,  तुम्हारी सेना को, उसके प्रशासन को और उसके अनुशासन को ललकार रहा है फिर भी तुम खामोश हो. जब जब इस पत्रकार ने ये ही बात कही के भारत की सेना में क़ाबलियत, अनुशासन और प्रशासनिक कमी है तो तुरत तुम्हारा अगला बयान आ जाता था. फिर रविवार को इस आतंकवादी ने सेना के ऊपर बड़ा हमला किया है फिर आज पूरे २४ घंटे तक भी तुम्हारी तोपे और बन्दूक की गोलिया शांत है. क्यों.

और यही बात ये पत्रकार हमेशा कहता है की सेना और पुलिस की गोलिया सिर्फ और सिर्फ मुसलमानो के लिए है. हिन्दू स्टेट का आतंकी अगर तुम्हारे ऊपर गोलिओ से हमला भी करता है तो तुमको खामोश रहने के निर्देश दिए जायेगे. और अगर एक मुस्लिम कश्मीर में प्रदर्शन भी करता है तो उसको पत्थर बाज़ बोलके गोलिओ से छलनी कर दिया जाता है. क्या पेलेट गन सिर्फ कश्मीरी अवाम के लिए ही है. क्या तुम्हारे और कश्मीर के पुलिस अध्यक्ष वैद्य के ज़ुबानी तीर सिर्फ मुसलमानो को जवाब देने के ही लिए है.




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When Terrorists will be eliminated.
autonomousjournalist.wordpress.com/2018/02/12/whe

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