Monday, 19 February 2018

भारतीय सेना ने आतंकी का रोका रास्ता



हिन्दू स्टेट के आतंकिओ द्वारा काबिज़ भारत के एक हिस्से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रविवार को हिन्दू स्टेट का लेफ्टिनेंट कमांडेंट त्रिवेंद्र सिंह रावत के हेलीकॉप्टर को देहरादून के जीटीसी हेलिपैड पर सेना ने उतारने से मना कर दिया और सेना के एक अधिकारी ने इसके लिए हेलिपैड पर दो ड्रम रख दिए. जिसके बाद लेफ्टिनेंट कमांडेंट का मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने इसको लेकर सेना के सामने शिकायत दर्ज की है.

शिकायत में लिखा गया है कि आतंकी लेफ्टिनेंट कमांडेंट की गाड़ी जिस दौरान जीटीसी हेलिपैड पर मुख्य द्वार से जा रही थी, तब वहां पर एक सैन्य अधिकारी जो कि अपनी प्राइवेट गाड़ी पर सवार थे, उन्होंने रास्ता रोका. इसके कारण लेफ्टिनेंट कमांडेंट को काफी देर तक इंतज़ार भी करना पड़ा. 
 
लगता है ये भारत के वफादार सैनिक होंगे जिन्होंने आतंकवादीओ का रास्ता रोकने की जुर्रत की है.  नहीं तो अगर सेना में आतंकिओ के जवान होते तो वो अपने आका के देख के सलूट करते.  लेकिन वफादार जवान न सिर्फ भारत की हिफाज़त दुश्मन से बॉर्डर पे करते है बल्कि देश के अंदर छुपे दुश्मनो और आतंकिओ से भी करते है.  जैसा के पिछले साल एक यादव ने आतंकिओ के द्वारा दी जाने वाली खाने की क्वालिटी के ऊपर निशाना साधा था फिर उन्नीकृष्णन और ज़मीर ने भी उनके साथ आतंकवादीओ द्वारा होने वाले अत्याचारों को मीडिया के सामने साँझा किया था. जिस तरह से सेना में आतंकवादीओ की घुस पेठ बोहोत बढ़ गई है और अभी हाल ही में आतंकी भागवत के बयान की सेना ने किसी भी तरह से भर्त्सना नहीं की और न ही सेना के ऊपर आतंकी द्वारा किये हुए कटाक्ष पे कोई आधिकारिक जवाब आया उससे साफ़ ज़ाहिर है के सेना में अब आतंकवादीओ का कब्ज़ा है और अब भारत के वफादार जवानो को हिम्मत कर के देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए आगे आना होगा.  नहीं तो वो दिन दूर नहीं जबकि सेना भी राजनीति के अखाड़े में घसीटी जायेगी.  और और जिस तरह से ये आतंकवादी हवाओ, नदिओं, मोहल्लो, समाज, प्रशासन, न्यायपालिका, शिक्षा को सेक्युलर और हिन्दुतुत्व के दो हिस्सों में बाट रहे है सेना को भी दो हिस्सों में बाँट दिया जाएगा. 



See the English version of this Article.


Indian Army is following terror path.
autonomousjournalist.wordpress.com/2018/02/22/ind

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