मालदीव
के निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने चीन को दो टूक जवाब देते हुए कहा भारत
कब्जा करने वाला नहीं, मुक्तिदाता है और बुधवार को फिर भारत से मालदीव के ताजा
घटनाक्रम में दखल देने की गुहार लगाई. नशीद ने कहा कि उनके देशवासी भारत से
सकारात्मक भूमिका की उम्मीद करते हैं.
पत्रकार जुबेर का विश्लेषण
बोहोत जल्द
इन महाशय नशीद की ये गलत फेहमी दूर होगी के हिन्दू स्टेट कब्ज़े पे यकीन नहीं रखता.
जब खुद के देश में आये दिन मस्जिदों पे झूट और फरेब के सहारे कब्ज़ा किया जाता है तो
मालदीव किस खेत के मूली है. जब कश्मीर पे ज़बरदस्ती कब्ज़ा किया गया तो मालदीव किस खेत
की मूली है. जब निज़ाम हैदराबाद के ऊपर सैन्य हमला कर के कब्ज़ा किया गया तो मालदीव किस
खेत की मूली है. जब जूनागढ़ पे सैन्य कार्यवाही करके ज़बरदस्ती कब्ज़ा किया गया तो मालदीव
किस खेत की मूली है. जब गोवा के ऊपर सैन्य हमला करके ज़बरदस्ती कब्ज़ा किया गया तो मालदीव
किस खेत की मूली है. जब इन महाशय नशीद ने मांगी
है नज़ीस्त से मदद तो इनको उसका ख़मयाज़ा भुगतना पड़ेगा. कुफ्फार ला इतबार. जब ये लोग अपने
ही देश के मुस्लिमो को पाकिस्तानी कह के देश निकाला कर रहे है तो क्या य तुम्हारी मदद
करेंगे. गले लग के गर्दन काट लेंगे.
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Maldeev:
Naseed cry for help.
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