Saturday, 21 December 2019

बीजेपी, संघी दहशतगर्द और पुलिस शिद्दत के लिए ज़िम्मेदार

भाजपा और संघी दहशतगर्द मुल्क के मुख़्तलिफ़ हिस्सों में जारी शिद्दत के लिए ज़िम्मेदार हैं। जब से मैं सहाफत की दुनिया में आया हूं, मैंने इस मौज़ूं पर कई बात गुफ्तू की और मज़मून भी शाया किये हैं. कॉलेज और पेशेवर ज़िन्दगी मेंने जो कुछ भी देखा है और महसून किया, उसका कई बार इज़हार किया है। ये संघी और शिद्दतपसन्द हिंदू मुस्लिमों की पीठ में खंजर घोंपने वाले साबित होतें हैं। वे भरोसेमंद नहीं हैं। भाजपा की हुकूमत वाले सूबों में 'का" के खिलाफ हर अमनपसन्द एहतेजाज में एक ही बात हो रही है, आगज़नी, शिद्दत। मुझे कई वीडियो और इत्तेलात और जानकारी मिली है कि भीड़ में से किसी ने पत्थर या ईंटों को फेंकना शुरू कर दिया, ऐसा होते ही अफरा तफरी मच गई और पूर अमन एहतेजाज में पल में हंगामा परपा हो गया।


ऐसी भी साफ़ तोर पर देखने में आया है कि कुछ संघी दहशतगर्द और भाजपा या एबीवीपी के रकून शरारती अनासिर इस्लामी लिबास  में एहतेजाज में शामिल हो गए हैं और जुलूस के दौरान अपना चेहरा रूमाल वग़ैरा से पोशीदा कर लिया है। मुझे ऐसे वीडियो मिले हैं, जिसमें भीड़ और हुजूम में से कोई शख़्स पुलिस पर पत्थर या ईंट फेंकता है और फ़ौरन भीड़ में छिप कर रूह पोश हो जाता है।

ऐसी भी ख़बरें हैं की कुछ भाजपा ज़ेरे क़यादत सूबों में पुलिस को मुक़ामी रकूने असेंबली ने एहतेजाज में हंगामा मचाने का हूकूम दिया। कई जगह पुलिस ने पत्थर फेंके या नाज़ेबा नारे लगाए जिसकी वजह से हालात कशीदा हो गए और पूर अमन जुलूस में हंगामा बरपा हो गया।


क्या वजह है क्यों भाजपा हुकूमत के ज़ेरे क़यादत हर सूबे में एहतेजाज के अंदर तशद्दुत हो रही हैं। दिल्ली पुलिस, आसाम, यूपी, गुजरात, बिहार, कर्नाटक। जबकि महाराष्ट्र के तक़रीबन हर बड़े शहरों में मुख़ालेफ़त एहतेजाज हुआ। मुम्बई, नागपुर, औरंगाबाद जिसके अंदर अगस्ता क्रांति मुंबई और नागपुर में कमो बेश ३० हजार से ज़ाइद अफ़राद थे और औरंगाबाद में १ लाख से से ज़ाइद लेकिन कोई शिद्दत नहीं हुई। उसी तरह तेलंगाना हैदराबाद ने असदुद्दीन की क़यादत में बड़े पैमाने पर खिलाफत एहतेजाज किया लेकिन कोई तशद्दुत नहीं हुई। संघियों और भाजपा ने असदुद्दीन पर नफरत और शिद्दत फैलाने का आईकॉन होने का इलज़ाम लगाया था  लेकिन यह बहुत अचरच करता है कि उनके अबाही शहर हैदराबाद में डेढ़ लाख से ज़ाइद अफ़राद की भीड़ जमा हुई लेकिन कोई शिद्दत का एक भी वाक़िया नहीं सामने आया। और हर भाजपा सूबे आतिशे नार हैं।
केरल, तमिल में भी बिना किसी आगज़नी और तशद्दुत के बड़े पैमाने पर एहतेजाज हुए। खबर है कि दिल्ली का मुक़ामी गुंडा और माफिया आदतन मुजरिम शातिर रकून असेंबली कपिल मिश्रा ने जामिया दहशतगर्द हमले के बाद, एहतजाजियों को फ़ौरन गोली मारने के लिए भीड़ और पुलिस को उकसाया। तमाम शिद्दत पसंदी वारदातों से यह साबित होता है कि इस आगज़नी और शिद्दत के पीछे बीजेपी, संघी दहशतगर्दों और शिद्दतपसन्द हिंदुओं का हाथ है।
इन संघी दहशतगर्दों ने बीजेपी के रकूनों और गुंडा माफिया डॉन कपिल मिश्रा ने हिंदू मुस्लिम भाईचारे के पैग़ाम को अपने तख़रीब कारी अमल से जो 'का' के एहतेजाज के ऊपर पुख़्ता हुई है वतन परस्ती के नाम पर तोड़ने की शरारत की है।  ये लोग वतन के सबसे बड़े गद्दार और दुश्मन हैं और ये ही अनासिर हिंदू भाईचारे को गद्दारी क़रार दे रहे हैं।

BJP, Sanghi terrorists & Police are involved in violence.

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