Tuesday, 24 December 2019

आलमी बरादरी में कारवाँ ऐ आज़ादी की गूँज

तहरीक हुर्रियत (आज़ादी) जो कश्मीर से शुरू हुई थी और कश्मीर यूनिवर्सिटी के तुलबा की आवाज़ जो पहले बनी मुल्क की आवाज़ और हाल ही जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के तालिबे इल्मों पर ख़ाकी दहशत और बर्बरता से आलामी यूनिवर्सिटी के तुलबा का अमन और चेन को परेशान कर दिया हैआलमी यूनिवर्सिटीज जैसे ऑक्सफ़ोर्ड, हेवर्ड, बर्लिन की नामचीन तालिबे इल्मों की यूनियन ने पुलिस की बर्बरता को दहशत पर सख़त एहतेजाज कियाEnglish circulation of this News Azaadi March reached to the International level. इन स्टूडेंट्स यूनियनों ने एक सहाफिये पैग़ाम और मज़्ज़मत्ती लेटर जारी किया जिसको भारत के तानाशाह हुकुमरान को भेजा गया है.   

तानाशाह और उसकी दहशतगर्द फौज (इंडियन आर्मी) कश्मीरी तुलबा की उनके हक़ की वाजिब मांगों का जवाब गोलिओं से दे कर खामोश कर देती थीअब और कितनी आवाज़ों को तानाशाह खामोश करेगा. कब तक वो आज़ादी के नक़्क़ारे को सुनने से क़ासिर रहेगा. क्योंकि अब ये महज़ कश्मीर तक ही महदूत नहीं रह गई बरक्स तमाम भारत को इस आज़ादी की आवाज़ ने अपनी आगोश में लेने के बाद अब ये मसला आलामी तवज्जो का मरकज़ बन गया है.

आज़ादी की इस तहरीक में आवाज़ बाज़ों की चीख़े उसी अंदाज़ में हैं, जो अब तारिख बनाएगीमेने पहले ही दो चीजों की पेशनगोई की है जिनका ज़िक्र तारिख में रहेगापहली वाल्देन अपने बच्चों को आज़ादी की इस तहरीक के जांबाज़ों के बहादुरी के किस्से अपने बच्चों को सुनाया करेगेंकिस तरह से इन जांबाज़ों ने भारतीय फौज के ज़ुल्म और बर्बरता का दिफ़ा अमन के साथ किया थादूसरी बात आज़ादी की इस तहरीक में तुलबा का आज़ादी का नारा शिनाख़्त बनेगा

आज़ादी की इस तहरीक में चीख़ बाज़ों के कहने के अंदाज़ का तरीक़ा तारीख में लिखा जाएगाआज़ादी की कितनी आवाज़ों को भारत का तानाशाह मोदी बंदूक की गोलिओं से खामोश करेगाजितना वोह बंदूक की गोलिओं की बौछार इंक़लाबिओं पर करेगा, उतने ही मज़ीद उसके रस्ते में उभरेंगेंकब तब वो  चीख़ बाज़ों की आज़ादी आज़ादी आज़ादी, हम ले कर रहेगें आज़ादी, दुश्मन से लेंगे, आज़ादी, सेना से लेंगे आज़ाद, चाहे गोली मारो, आज़ादी, चाहे डंडे मारो आज़ादीआज़ादी आज़ादी आज़ादी.    आवाज़ को अनदेखा करेगाऔर कान बंद करेगा.   कश्मीर के बाद भारत और अब तो आलामी बरादरी के तुलबा भी मोदी के तहशाही मिज़ाज पर एहतेजाज कर रहे हैं

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