Friday, 13 November 2020

हिन्द को एक और वबा २०० साल बाद परेशान करने पहुँची।

अज़ीज़ नाज़रीन,

अभी हिन्द कोरोना वायरस की दहशत से पूरी तरह से बहार भी नहीं निकला था और पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि अब सूबे मध्य प्रदेश के पन्ना में तक़रीबन २०० साल पुरानी बीमारी स्क्रब टाइफस फिर से लोगों में फैलने लगी है. पन्ना में अब तक चार लोगों में इस बीमारी का पता चला है. जिसमें २ मासूम बच्चों की मौत भी हो चुकी है. यह बीमारी चूहों, छछूंदरों से फैलती है.  

भोपाल से स्टेट इंट्रोलॉजिस्ट टीम पन्ना आई है. जहां इस बीमारी के मरीज मिले हैं. टीम वहां जाकर चूहों को पकड़ कर उनके सैम्पल ले रही है. जिसे जांच के लिए भोपाल ले जाया गया है. पन्ना में अब लोग अपने घरों में चूहों को देख कर ख़ौफ़ज़दा हैं.  पहले एक अदना से कीड़े से ख़ौफ़ज़दा थे जो खुली आखों से नहीं दिखता था मगर माइक्रोस्कोप से और अब एक अदना से जानवर चूहे से ख़ौफ़ज़दा हैं जो खुली आखों से दिखता है।

इस बीमारी के एहम अलामात हैं, मरीज को तेज बुखार आता है. इसके अलावा सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सांस फूलना, खांसी, जी मिचलाना, उल्टी होना इसके अलामात हैं. कुछ मामलों में शरीर पर सूखे चकते भी हो सकते हैं.  तबीबों के मुताबिक़ इससे मेहफ़ूज़ रहने के लिए खेतों में काम करते वक़्त हाथ-पैर को ढक कर रखना चाहिए और पाक और सफाई का एहतेमाम रखना चाहिए.

स्टेट स्क्रब टाइफस के ज़िम्मेदार जनाब शेलेन्द्र सिंह ने बताया कि स्क्रब टायफस बीमारी मुर्सी है मतलब जेनेटिक बीमारी है।   जेनेटिक बीमारी मतलब नस्ल दर नस्ल चलने वाली बीमारीबाप से बेटे को बेटे से पोते को ऐसे यह बीमारी नस्लों तक क़ायम रहती है।  इस बात के इमकान को खारिज नहीं कर सकते की अगर सदियों पहले किसी शख्स को बाप स्क्रब टाइफस बीमारी में मुब्तेला रहा होगा तो मौजूदा हालाते हाजरा में उसकी नस्लों में यह वायरस नहीं पहुंचेगा।   चूहों पर मुत्तादी मर्ज़ का लारवा होता है. जिसके काटने से बीमारी होती है. अभी पन्ना में दो केस पाए गए हैं. जिनकी मौत हुई है. इसके बाद चूहों और मुक़ामी अवाम के सैंपल लिए गए हैं ताकि यह पता चल सके कि यह बीमारी कहां से हुई है, और कहाँ तक पहुंच गई है.

सीएमएचओ पन्ना डॉ. एल.के.तिवारी ने बताया कि सुबाये मध्यप्रदेश के कई जिलों में इसके मामले सामने आए हैं. जैसे पन्ना, सतना, दमोह, डिंडोरी और मंडला आदि मैं करीब 10, 11 जिले हैं. यह चूहे में पाए जाने वाले बेक्टेरिया से फैलता है. जिसको ओरियंटा सुसु गेमौसी के नाम से जाना जाता है.

चूहों के ऊपर जो माइट्स होते हैंउससे बीमारी फैलती है यह 200 साल पुरानी बीमारी है जो पन्ना में अभी भी पाई जा रही है. पन्ना में अभी 4 केस पाए गए हैं. जिसमें 2 लोगों की मौत हो चुकी है.

सहाफी जुबेर का हालाते हज़रा पर तब्सिरा.

नाज़रीन क्या आपको मालूम हैं दिसम्बर १९९२ में बाबरी मस्जिद की शहादत के बाद हिन्द ने कितना कुछ भोगा थाक़त्ले आम, किल्लारी का ज़लज़ला, तूफ़ान, सूनामी और सूरत की वह प्लेग वबा जो की गुजरात की देन थी लेकिन उस बीमारी ने अपनी आगोश में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत निस्फ़ हिन्द को अपना शिकार बनाया था।   उस बीमारी में भी बड़ी तादात में आमवात हुई थी।   जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया टीम बीच में ही अपना क्रिकेट दौरा अधूरा छोड़ कर वतन वापिस हो गई थी और नूज़ीलैंड, इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने अपने दौरे भारत में रद्द कर दिए थे। 

 

इस सहाफी का फलसफा है जिसको पिछले कई एक मज़्मूनों में मंज़रे आम कर चूका है, अगर किसी मुल्क का अवाम सख़्त परेशानी, मजमूई आमवात, मुफलिसी और क़ुदरती आफ़ात और वबाओं में मुमतेला है तो उसकी महज़ दो वजह हो सकती हैं।


१.           १.     या तो उस क़ौम में कोई बदकारी, हरामकारी मजमूई तरीके से की जा रही है बड़े पैमाने पर ऐसा काम  किया जा रहा है जो मालिके मुतलक़ के क़वानीन की खिलाफ वर्ज़ी करता है।  या

२.     हुकूमत ऐसे ज़ालिम जाबिर बादशाह के हाथों में है जिसके गुनाहों का कफ़्फ़ारा अवाम को चुकाना पड़ रहा है।


अभी अभी मध्य प्रदेश में इंतेखाब ख़त्म हुए हैं, और हस्बे रिवायत और हस्बे आदत ज़ाफ़रानी तंज़ीम कोई भी काम हुस्ने सुलूक के साथ ईमानदारी से नहीं करती है तो इस बीमारी को भी उस जीत की जालसाज़ी से जोड़ के देखा जा सकता है।  क्योंकि जब जब क़ुदरत के क़ानून की खिलाफ़वर्ज़ी करोगे नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहो।  

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