अज़ीज़ नाज़रीन,
ऐसा कहतें हैं इंसान के अमल और उसकी सिफ़त जानवर इख़्तेयार कर लेता है। या यूं कह लीजिये की जिस मज़हब में खून खराबा करना मार काट करना आतंक मचाना एक आम सिफ़त हो तो उस मज़हब के जानवर भी उसी सिफ़त के ख़ूंखार दहशत मचाने वाले होते हैं।
ख़बर सूबे दरमियान (मध्य प्रदेश) के हिन्दू मज़हबी शहर उज्जैन से है, जहाँ पर एक लंगूर (बन्दर) ने खूब आतंक मचाया। उज्जैन के तीन बत्ती, बागपुरा, हाथीपुरा और नारायणपुरा इलाके में बंदर करीब १२ घंटे तक क़ेहर बरपा मचाता रहा. इस दौरान उसने कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया, तो वहीं बंदर के हमले में एक दर्जन से ज्यादा लोग ज़ख़्मी हो गए. कई घंटों की मशक्कत के बाद महकमे जंगलात की टीम ने बंदर को गोली मार कर बेहोश कर पिंजरे में डालकर क़ैद कर लिया।
दरअसल, हिन्दू मज़हबी शहर उज्जैन में यहां से ४० किलोमीटर दूर इंदौर से बंदरों का एक झुंड पहुंचा था, यह झुंड इंदौर में बागपूरा, हाथीपुरा, नारायणपुरा में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के बाद उज्जैन पंहुचा था। इस झुंड में से एक लंगूर (बंदर) ने उज्जैन का मोर्चा सम्भाला जिसने सुबह से शाम तक लोगों को परेशान किया. बंदर के हमले में करीब एक दर्ज़न लोग घायल हुए और आधा दर्जन से ज़्यादा गाड़ियों का नुकसान हुआ है।
इन वानर सेना का हमला सुबह ८ बजे से शुरू हुआ था और रात ८ बजे तक इनका आतंक अवाम भोगता रहा। महकमे जंगलात को उस आतंकी वानर सेना को काबू में करने में काफी मशक़्क़त का सामना करना पड़ा। मुक़ामी विकास वाडिया ने बताया सबसे पहले इन लंगूरों का आतंकी हमला आश्रय होटल पर हुआ। फिर ३-४ लोगों के ऊपर हमलावर हो गए और एक लेडी को गिरा दिया जिसके सबब उसके सर पर चोट आई। आगे वोह बंदरों का झुंड तीन बत्ती चौराहे पर पहुंच गया जहाँ एक साइकिल सवार को ऐसी टक्कर मारी की वोह गाडी के नीचे आते आते बचा।
सहाफ़ी जुबेर की नुक़्ता-ऐ-नज़र
ख़ैर बिल आख़िर जानवर लंगूर के आतंक को हूकूमती निज़ाम ने क़ाबू में किया और तमाम आतंकी लंगूरों को जेल (पिंजरे) भेज दिया। हम उम्मीद कर सकतें हैं जिस तरह हूकूमती निज़ाम ने एक मज़हबी जानवर को गोली मार कर बेहोश किया और उसको क़ाबू में कर के जेल भेजा तो उसी जानवर के ऊपर यक़ीन रखने वाले जानवरों (बजरंगबली) के भक्तों पर कब पुलिस एक्शन लेगी और उनको गोली मार कर हलाक करेगी या गिरफ्तार करेगी। क्योंकी लंगूर तो कोई मज़हब नहीं देखतें हैं लेकिन उसको मानने वाले सिर्फ और सिर्फ ख़ास मज़हब के लोगों पर आतंक मचाते हैं उनको हलाक करतें हैं।
दूसरी
बात क्या यह हिन्दू मज़हब की नहूसत है की इस समाज के इंसानों से ले कर जानवर तक देहशती
हैं। चूहा, याद आया सूरत का वोह प्लेग याद
है। जिसकी वजह से २५०० लोग मारे गए थे। और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने अपना भारत दौरा रद्द
कर दिया था। आतंकी गाये उसने कई हिन्दू अवाम को मौत के घाट उतार दिया था, यहाँ तक की
अमहदाबाद में बीजेपी के राकूने पार्लियामेंट जब गाये को रोटी देने पहुंचे तो उनको शदीद
ज़ख़्मी कर दिया। उसको हॉस्पिटल में भर्ती होना
पड़ा था। अब बन्दर। मतलब बजरंगबली ही आतंकी है। जिस बजरगबली का मंदिर खोजते रहतें हैं यह शिद्दत
पसंद हिन्दू, संघी और बीजीपी वाले वही इनका ख़ातमा करेगा। इससे क़ब्ल उत्तर प्रदेश में बीजीपी के राकूने असेंबली
की लुगाई सीता देवी को मौत के घाट उतार चूका है यह बजरंगबली।
Zuber

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