English version
Infiltration of Saffron Terror in Army.
हूकूमते हिन्द
की अग्निपथ स्कीम कुछ नहीं बल्कि तालीम, पार्लियामेंट, अदलिया, इन्तेज़ामियाँ, इन्तेख़ाबी
कमिश्नर, रिजर्व बैंक के बाद फौज का ज़ाफ़रानीकरण की एक और मंसूबा है।
दरहक़ीक़ात अग्निपथ स्कीम दो तीन मुद्दों पर मब्नी है। एक हूकूमते
हिन्द मुस्लिमों, दलितों, ईसाइयों, सिखों का अच्छी तरह से मंसूबा बंदी के तहत नस्ल
कुशी के रस्ते पर गामज़न है। उसके तहत कानूनी
हिकमते अमली से उनकों हरासा करना को अंजाम दे रही है। ताकी आलमी बरदारी, वतन के सबसे
बड़ी अक़लियत मुसलमानों, औसत अक़लियत सिख और सबसे अदना अक़लियत ईसाइयों और दलितों की नस्ल
कुशी के लिए भारत सरकार को जिम्मेदार न ठहरा सके। हूकूमते हिन्द के ज़ेरे इंतज़ाम हूकूमती
अफसर, इन्तेज़ामियाँ, पुलिस, फौज और अदलिया
पहले से ही ज़ाफ़रानी रंग में रगां चुकी है और अवाम के साथ दहशत करने जैसे अमल की ज़ेहनियत
रखती है।
दूसरी जब आलामी बरादरी संघ के दहशतगर्दों पर कोई हिकमत करे या उनके ऊपर एक्शन ले तो उनको भारतीय फौज के अराकीन हैं बोल कर साफ़ सुथरा बाहर लाने की हिकमत है।
अगर कोई अवाम हरासमेंट
और इंसानी हुक़ूक़ की खिलाफवर्जी के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा तो संघ के ये दहशतगर्द अनासिर
जो फौज में में घुसपैठ कर रहे हैं, एहतेजाजियों को अपनी बंदूक की गोली से जवाब देंगें। इन ८ सालों में भारत सरकार ने हर हूकूमती महकमे
में संघ के दहशतगर्दों की दरन्दाज़ी कर दी है और तमाम आला ओहदों पर कब्जा कर लिया है।
मुसलमानों को सीने से ऊपर या सर पर गोली मारने का हक़ रखने वाली पुलिस। पुलिस को एनएसए
के सख़्त इलज़ाम में बेगुनाह मुसलमानों को गिरफ्तार करने का हक़ है। अदलिया को मुसलमानों
के घरों के गैर क़ानूनी तरीके से तबाह करने की हिकमते अमली को नज़रअंदाज़ करने का हक़ है। मुसलमानों के कानूनी घर, महल और बंगले को नेस्तनाबूत
करने का इन्तेज़ामियाँ को हक़ है। क्या यह कानूनी तरीके से भारत सरकार के नस्ल कूशी और
दहशतगर्द की हिकमते अमली नहीं है। ताकी हूकूमते हिन्द पर भारत पर आलमी बरदारी की जानिब
से कोई कार्रवाई शुरू न की जाए। नई अग्निपथ योजना फौज में संघी दहशतगर्दों की घुसपैठ
है, इन अग्निवीरों के पास अवामी हल्क़े में भी किसी भी मुसलमान को गोली मारने की पूरी
आज़ादी होगी। ग़द्दारी के गलत और फर्जी इल्ज़ामात
पर उनके रोज़गार को तबाह करने की क़ुव्वत होगी।
अग्निवीर के ४ साल का वक़्फ़ा मुक्कम्मल होने के बाद
वे भाजपा और संघ के दफ्तर के बाहर चौकीदार के रूप में काम करेंगे।
Zuber
No comments:
Post a Comment