Wednesday, 22 June 2022

ग़द्दार भाजपाइयों तुम्हारे लिए सब जाइज़ दुसरे के लिए वही नाजाइज़।

अज़ीज़ नाज़रीन, 

अमूमन भाजपा वाले इक़्तेदार के ऐसे भूके हो गए हैं की उनको जब डसने पर आतें हैं तो अपने खुद के बच्चे, भाई, हम वतन, हम ज़ात अवाम भी नहीं दीखते।  यह केसा हिन्दुत्व है। यह केसा राम राज्य है, जहाँ इक़्तेदार वाली हुकूमतों को नेस्त नाबूत कर के अपने नुमाइंदों को बैठाया जाए।   अमन से चलने वाले हुकूमतों को तबाह कर दिया जाए, भले ही सूबे की माशी हालत तबाह हो जाए, असासे जला कर राख कर दिए जाएँ लेकिन इंसानी लाशों पर हम अपना महल तामीर करेगें।  दुनियां के सबसे ज़्यदा खतरनाक तानाशाहों की फेहरिस्त में अब मोदी का नाम दर्ज हो चूका है।   और वोह भी इंसानी सरों के ढेर पर लाशों के अम्बार के पहाड़ के ऊपर खुद बैठना चाहता है।

अगर महाराष्ट्र में शिव सेना की हुकूमत जाती है तो फिर एक एक भाजपा वालों को कूदा कूदा के हलाक किया जाएगा।  भारत पहले ही खाना जंगी से जूझ रहा है इस हिकमत से भारत में मामलात और मज़ीद पेचीदा हो जायेगें।  महाराष्ट्र की अवाम खामोश नहीं बैठेगी, इसलिए नहीं की शिव सेना की हुकूमत गई बल्कि बल्कि इसलिए की किसके इशारे पर गई और हस्बे रिवायत वोह भाजपा का गले लग कर गर्दान काट लेने की हिकमत से ख़फ़ा होंगे।

अगर इंतेखाब में अवाम ने शिव सेना को नकार दिया होता तो बात अलहदा होती, लेकिन बेक डोर एंट्री पर शिव सैनिकों का गुस्सा उभरेगा।

फिर भाजपा किस मुँह से हिंदुत्व की बात करती है जब अपने ही दोस्त अपने ही हमवतनों अपने ही मज़हबी लोगों की गर्दन उतार रही हैं।  ग़द्दार भाजपा में सत्ता की ऐसी भूख की अपने ही भाइयों को गले लग कर गर्दन उतारने लगे।

मोदी, भाजपा, कट्टरपंथी हिन्दू, संघी औरंगज़ेब को बोलतें हैं की उन्होंने भाई को क़तल किया बाप को क़ैद किया।  वोह तो तारीख़ की बातें हैं,  हमें नहीं मालूम माज़ी में क्या हुआ लेकिन आज के दौर में तारीख़ में दर्ज होगा की ग़द्दारी कर के शिव सेना और अपने ही भाई की गर्दन सत्ता के लिए मॉर्डन हिटलर ने उतार दी।  भाजपा जो हिन्दू हितों की बात करती है उससे कई गुना साफ़ और सुथरा हिंदुत्व शिव सेना का है।  लेकिन भाजपा को पसंद नहीं आया वोह तो कट्टर हिन्दुस्त्व पर यक़ीन रखती है जहाँ हिटलर के नज़रिये के सिवाए कोई दूसरा नजरिया नहीं हो।  जहाँ राये भी हिटलर की मानी जाए। 

आज औरग़ज़ेब को भाजपा वाले पानी पी पी के कोस्तें हैं।  दारा शिको के साथ खड़े रहतें हैं क्योंकि वोह एक रिब्रल था वोह नाच गाने भी करता है शराबनोशी भी और हिन्दू मंदिरों में भी जाता था पूजा भी करता था और खुदा पर भी यक़ीन था।  तो दारा शिको भाजपा का हीरो हो गया वहीँ औरगंजेब सख़्त मिज़ाज थे सख़्त शरीयत के पाबंद तो उनको कोसते रहतें हैं।  फिर वही काम तो भाजपा ने किया आज के दारा शिको शिव सेना जो लिबरल हो चुकी है और इन्साफ की बात करती है गंगा जमुना तहज़ीब पर यक़ीन रखती है सिवाए उसके शिव सेना के नज़दीक हिन्दू मज़हब सबसे पहले था, है और रहेगा।  लेकिन कट्टरपंथी ज़ेहनियत वाले भाजपाई एक लिबरल हिन्दू को कैसे तस्लीम कर लेते।  जो तंज़ीम जो हुकूमत इन्साफ की बात करती है जो हुकूमत हुस्न सुलूक से काम करती है हिकमत से काम करती है उसकी सरकार को गिरा कर हमें कट्टरपंथी हुकूमत चाहिए।  जो सर क़लम करना चाहती है, जो एक ख़ास फ़िरक़े के खून की प्यासी है।  वोह राक्षस जब तक १०-१२ मासूमों का खून नहीं देख लेता उसको चैन नहीं मिलता।

नाज़रीन तंज़ीम भाजपा ग़द्दारी की तमाम हदें पार कर चुकी है।  मुतलक़ अक्सरियत वाली हुकूमतों को गिराना और कठपुतली सरकार बना कर अपने नुमाइंदे बैठा देना, यह तो तारिख में कभी नहीं हुआ जो नए भारत में हो रहा है।  उसकी महज़ कुछ वजूहात समझ में आती हैं।  वोह यह की भाजपा हुकूमत के उसके अपने तमाम सूबों में खून ख़राबा होता रहता है, नाइंसाफी, मार काट, दहशत, जुर्म ऊरूज पर है।  इसलिए वोह ऐसे तमाम सूबों की हुकूमतों पर डाका डालती है और वहां की अमन पसंद फ़िज़ा को पुर आलूद करती है ताके जो भाजपा ज़ेरे इंतज़ाम सूबों में बदनज़्मी फैली हुई है वोह भारत में सभी जगह फेल जाए।   ताके फिर कोई हम पर ऊँगली ना उठा सके।  जो एक सूबे में हो रहा है वही सभी सूबों में होगा।  एक ही हम्माम में सब नंगे होंगे तो कोई किसी के ऊपर ऊँगली नहीं उठाएगा। 

जो कर्नाटक, मध्य प्रदेश में किया वही महाराष्ट्र में किया लेकिन हो सकता है महाराष्ट्र का हाल राजिस्थान जैसा होगा।  दरहक़ीक़त भाजपा को महाराष्ट्र का अमन पसंद नहीं आया।  ग़द्दार भाजपा ने सोचा होगा की जिस तरह मध्य प्रदेश, कर्नाटक को हड़प किया था वैसा ही हम महाराष्ट्र में कर लेंगें।  लेकिन यहाँ तो अमित शाह फडणवीस के आलते के पालते हो गए।  उद्धव हुकूमत के साथ ग़द्दारी भाजपाइयों को मॅहगी पड़ेगी और महाराष्ट्र में दाल गलती नहीं दिख रही है। 

जो हिकमत ग़द्दार भाजपा ने दीगर सूबों में की थी अगर वही महाराष्ट्र में की तो होगी यलग़ार हम इस मुद्दे पर हर अमन पसंद इन्साफ पसंद क़ानून की बालादस्ती पर यक़ीन रखने वाला अवाम शिव सेना के साथ है। हाँ अब जो दहशत पर यक़ीन रखतें हैं क़त्ले आम पर यक़ीन रखते हैं फरेब धोखे बाज़ी पर यक़ीन रखतें हों वोह भाजपा के साथ हैं।  क्योंकि भाजपा ने ग़द्दारी कर के न्याय का क़तल कर सत्ता हतियाने की कोशिश की है।  यह फैसला अवाम का नहीं है बल्कि बलजबरी और तलवार के ज़ोर क़ाबिज़ होने की हिकमत है।  और ऐसी हरकतों से ना सिर्फ महाराष्ट्र की फ़िज़ा खराब होगी बल्कि इसकी आग दीगर सूबों में भी फैलेगी। 

Zuber

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