हिन्दू मज़हब ताग़यूरात (विविधाताओं) और कसरियात (अनेकताओं) से भरा पड़ा है। यही वजह है हर चौराहों हर नुक्कड़ पर एक ज़ाफ़रानी पत्थर पर कुत्ते अपनी रफ़ा-ए-हाजत पूरी कर रहें होतें हैं। अब शिव के लिंग को ही ले लीजिये पार्वती की भोग को तलाश करने कहाँ कहाँ मारा मारा फिर रहा है। शिव का लिंग ही उसके इख़्तेयार में नहीं, कहीं भी फुट पड़ता है। कभी खतना हुआ मिलता है तो कभी टूटा फूटा।
लेकिन इसको क़ुदरत का करिश्मा ही कहेगें कलयुग में शिव को अपनी पार्वती की भोग के अंदर सामा जाने की आरज़ू पूरी हो गई है। सूबे शुमाल की दारुल ख़िलाफ़त लखनऊ की एक ख़ातून ने चौंकाने वाला दावा पेश किया है। वो पुलिस को बता रहीं हैं कि वो माता पार्वती की अवतार हैं और हर कीमत पर भगवान शिव से शादी करना चाहती है इस वक़्त ये ख़ातून भारत-चीन सरहद के पास नाभिधांग के पाबन्दी वाले इलाके में रह रहीं हैं। पुलिस की एक टीम जदीद पार्वती को ले जाने के लिए गई थी, लेकिन उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा क्योंकि जदीद पार्वती ने खुद्कशी करने की धमकी दे डाली.
बताया जा रहा है कि जदीद पार्वती अपनी वालेदा के साथ १५ दिनों के लिए गुंजी गई हुई थी. लेकिन जिस जगह पर वो रह रही थी वो ममनूअ (प्रतिबंधित) इलाक़ा था, ऐसे में २५ मई को पुलिस गई लेकिन ख़ातून ने खुद को माता पार्वती का अवतार बता शिव से शादी करने की जिद पाल ली. उसने उस इलाके को छोड़ने से ही मना कर दिया. जब एक तीन अधिकारियों की पुलिस टीम उस जदीद पार्वती को वापस लाने के लिए गई तो उसने जाने से साफ मना कर दिया. जब दबाव बनाने का प्रयास हुआ तो महिला ने खुद को जान से मार डालने की बात कही।
अब
देखने वाली बात यही होगी की तोहम परस्ती की भी कोई हद मुक़र्रर होना चाहिए। जहाँ शिव लिंग हर गली नुक्कड़ पर योनी की आस में
आसूं बहाते हुए मिल जातें हैं उस मुल्क में ऐसे भी दावे पेश होंगे। फिर लँगूरनियाँ और कुँवारी हिन्दू कन्याएं और विधवा
जो अपनी शेहवत को महदूत नहीं कर सकती रात के अँधेरे में पूरे कपडे उतार पूरी तरह
बरहना हो कर शिव लिंग पर अपनी योनी मसल नहीं पाएगी। क्योंकि इस नए भारत की जदीद पारवती के हिसाब से
शिव लिंग पर उसका हक़ है। अगर अदलिया में यह
बात साबित हो गई की शिव का लिंग किसी के पास नहीं रहेगा वोह पार्वती की प्रॉपर्टी है
तो जितने भी हम्जिन्सी पोंगा पंडित लिंग पर अपना हक़ जता रहें हैं और जितनी भी लँगूरनियाँ
टॉनिक वाली बाई से ले कर मोदी की बांदी अंजना ॐ मोदी सभी की आस शिव के साथ काम वासना
की अधूरी रह जाएगी।
यह दिलचस्प होगा अगर सूबे शुमाल की उस हिन्दू खातून जदीद पार्वती के दावे को भारत की तोहम परास्त अदालिया ने मान लिया की वोह माता पार्वती का अवतार हैं तो इन तमाम हम जींस मुनाफ़िक़ पोंगा पंडितों की दुकानदारी ही बंद हो जाएगी। साथ ही लिंग के साथ खेलने की आरज़ू तमाम लँगूरनियों की भी ख़तम हो जाएगी। क्योंकि एक ख़ातून अपने मर्द की दौलत जायदाद हर चीज़ में दूसरा तक़सीम बर्दाश्त कर लेती है लेकिन लिंग के साथ कोई समझौता और तक़सीम नहीं। अगर शिव का लिंग जदीद पार्वती के हक़ में आया तो हमजिंस (homosexual) साधू और जिन्सी मरीज़ लँगूरनियाँ तड़प तड़प मरेंगीं।
Zuber

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