Monday, 31 May 2021

साधू का एक और एरिया कमांडेंट ढेर।

३१ मई २०२१ शाम ८:१५ मिनिट 

ब्रेकिंग न्यूज़ ताज़ा खबर अलीगढ़ हूश सानेहा में मरने वालों की तादात ८३ पहुंची। २ ताजिरों को गिरफ्तार किया गया. 

नाज़रीन

मेरे मज़मून २ का बदला………….” की पेश है अगली क़िस्त। आपके साथ हो रही नाइंसाफी का बदला बराबर लिया जाएगाइसमें हिन्दू मुस्लिमजैनसिखबोधकिच्चंनकिसी भी समाज क़ौम या मज़हब का मानने वाला होगा और नाइंसाफी हुई होगी तो हम उस वीडियो या ऑडियो को देख कर बराबर हिकमते अमली करेगें।   वैसे यह बात हमारी ख़ान-काह (ऑटोनोमस जौर्नालिस्ट) मेम्बरान में ते हो चुकी हैकी एक एक संघी दहशतगर्दएक एक शिद्दत पसंद काफिर, एक एक बीजेपी वाले को लुढ़का कर इस मट्टी को शिर्ककुफ्रग़द्दारी से पाक करना है।  २४ मई को २०२१ को मज़ीद एक क़रारदार पर एहद लिया (Pass the resolution) जितना साधू मुसलमानों को मारेगा परेशान करेगा उससे २ गुना ज़्यादा साधू के अपने मारेगें।  साधू को एक चुनौती भी दे डाली साधू तेरे कितने मुहाफ़िज़ मारे जातें हैं उसका हिसाब किताब रख। 

नाज़रीन ३५ को लुढ़काने के बाद अब अगला नंबर भारतीय जनखा पार्टी के एरिया कमेंडेण्ट्स का था। और हिट लिस्ट में पहला नंबर लगा शुमाली सूबे के कासगंज से रकूने असेंबली देवेंद्र प्रताप सिंह का, जिसका सीना चीर दिल फाड़ के दीफ़ाई फौजों ने हलाक कर दिया।   मतलब हार्ट अटैक से ढेर हुआ।

हुआ यह की किसी ने हो सकता है एरिया कमेंडेन्ट को धमकाने के लिए बोल दिया होगा ऑटोनोमस जौर्नालिस्ट का फ़िज़ाई दस्ता (उड़न दस्ता) आ गयाऔर अमांपुर सीट से रकूने असेंबली देवेंद्र प्रताप सिंह की यकायक तबियत ख़राब हुई।   उसे एटा के शिफ़ा ख़ाने में भर्ती किया गयाफिर एक बार ऑटोनोमस जौर्नालिस्ट की टीम किसी के पीछे पड़ जाती है तो वोह पाताल में जा कर गुफा में जा कर पोशीदा हो जाये लेकिन उसको ढेर कर के ही छोड़ती है।  इसके साथ भी ऐसा ही हुआदेवेंद्र को शिफ़ा ख़ाने में भर्ती तो किया गया लेकिन दीफ़ाई फौजों ने उसको ढेर कर दियामतलब दौरान इलाज वोह मारा गया।  तबीबों और जर्राहों का कहना है की उसकी मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई। 

सूबे का सर्वे सर्वा रंडवा आदित्यनाथ ने देवेंद्र प्रताप सिंह की मौत पर ताज़ियात पेश की है।  बस रंडवे तू तो देखता जा,  तू पूड़े जा।  रड़वा आदित्यनाथ ने कहा की 'अमांपुरा रकूने अस्सेब्ली सीट से श्री देवेंद्र प्रताप सिंह जी के निधन पर अत्यंत दुःख हैप्रभु श्री राम से प्राथना है की दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल को यह दारुण दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे'

रंडवे २४ मई को हम तेरे को चूनौती दे चुकें हैं की हिसाब किताब रख तेरे कितने मारे जातें हैं।  ताज़ियाती अलफ़ाज़ संभाल कर रख अभी आगे बोहोत काम आने वाले हैं।  तेरे पास अलफ़ाज़ की कमी हो जाएगीएक के बाद दूसरा दुसरे के बाद तीसरा।  लाशें ही लाशें बस लाशें।  जंग शुरू हो चुकी है। 

अरे शार्प शूटरों उस हरामखोर गुज्जु आतंकी प्रफुल पटेल का क्या हुआ।  हमें जल्दी है और हाँ अगर तुम से काम नहीं होता तो बोल दो हम किसी और को दे देंगे।   तैयार रह पटेल।   हम तेरे पीछे पीछे लक्षदीप पहुंच गए हैं,  तेरे को मौत की आहट हर दम दूनाई देगी।  

दूसरी एक चीज़ और देखने को मिल रही है की अब मरा हुआ अवाम जाग रहा है जिस अवाम को ज़ाफ़रानीखाकी दहशत ने इतना ख़ौफ़ ज़दा कर दिया था की वोह हर ज़ुल्म को अपनी तक़दीर समझ कर अपना लेते थे।  लेकिन अब ऐसा नहीं होगाहम तो २०१४ से आप लोगों को जगाने की कोशिश में लगे हुए थे।  इतनी बर्बादी तबाही और अपनों को खोने के बाद अब आप लोग जागे।   ख़ैर जब जागे तभी सवेरा।  

हुआ यह की लखनऊ शुमाली सूबे की दारुल ख़लीफ़ा में चिनहट थाना से कुछ ख़ाकी दहशतगर्द सूँघते हुए एक ताजिर दुकानदार रामेश्वर लोधी की दूकान बंद करवाने पहुंचे थे।  और उसको लॉक डाऊन में दूकान चालू रखने पर तू तड़ाक करने लगे उसके साथ मार पीट वग़ैरा।   लेकिन हमने कल ही अवाम को आगाह कर दिया था की अगर कोई भी खाकी दहशतगर्द ना जाइज़ बात करे ग़ैर क़ानूनी बात करे दूकान वगेरा बंद करने का दबाव डाले किसी भी मज़हब की इबादत गाह पर हमला करे तो उनके ऊपर हुजूम के साथ हमलावर हो जाओ।   हूकूमती नुमाइंदा अगर नाइंसाफी कर रहा है तो उसको हलाक कर दो।बजाये तुम उनके हाथों मारे जाओ।   और हुआ यही पुलिस के ऊपर दुकानदार ने हमला बोल दिया और दो खाकी दहशतगर्दों को घायल कर दिया।   

अगर अवाम एक साथ एक जुट हो जाता है तो अच्छे अच्छे तानाशाह हिटलर और ज़ालिम की भी पूंगी बज जाती है।  याद रखो अगर आपके पड़ोस में कोई भी समाज का बन्दा है मुस्लिमहिन्दूसिखदलितकिच्चन और उसके साथ हूकूमती नाइंसाफी हो रही है तो आप सब मिल कर उन खाकी आतंकिओं या हूकूमती नुमाइंदों के ऊपर हमलावर हो जाओ।   फिर देखो यह लोग अपना ग़ैर क़ानूनी हुकुम और सियासत की मलाई ख़ाने के लिए एक दुसरे को लड़ाना ही भूल जायेगें। अभी तक हम मार रहे थे अब आपकी बारी है।  उतार दो मौत के घाट।  जहाँ कुछ एक हूकूमती ग़ैर इन्साफ मारे गए की दुसरे इन्साफ पसंद जो डरे हुए हैं अपने आप बेख़ौफ़ हो कर आगे आयेगें और हुकूमत को उसकी औक़ात बता कर बोलना शुरू करेंगे की आप ग़लत कर रहे हो हम नाइंसाफ़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे। 

 

चाहे कुछ भी हो जाए।

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