चंडीगढ़ २१ मई २०२१
दहशतगर्दों के साथ जंग में हर रोज़ नए नए आयाम जुड़ते जा रहें हैं। जिसमे बड़ी तादात में भारतीय जंगी तय्यारे और जंगी बड़े की तबाही भी शामिल है। जंग में ताज़ा सूरते हाल यह है की २० मई को देर रात चंडीगढ़ में भारतीय फ़िज़ाई फौज (इंडियन एयर फाॅर्स) का मिग २१ जंगी तय्यारा पंजाब के मोगा ज़िले के लंगियाना के नज़दीक दीफ़ाई फौजों ने मार गिराया है। जिसमे दहशतगर्दों का फ़िज़ाई पाइलेट अभिनव चौधरी भी मारा गया है। तय्यारे ने राजिस्थान के सूरतगढ़ एयर बेस से फ़िज़ा में परवाज़ की थी। लेकिन पंजाब आते ही जैसे ही वोह दीफ़ाई फौजों के राडार सिस्टम में दाख़िल हुआ उसको फ़ौरन मार गिराया गया। दहशतगर्द अभिनव चौधरी की लाश खेत में पड़ी मिली है। बेहतर है की दहशतगर्दों के इस पायलेट की लाश को कुत्तों ने नहीं नोचा। जिस तरह से उत्तर प्रदेश गंगा में तैरती लाशों, लकड़ियों की क़िल्लात और शमशान में जगह ना मिलने के सबब रेत में दबाई गई लाशों को कुत्ते कुरेद कुरेद कर निकाल कर बेहुरमती कर रहें हैं।
भारतीय फ़िज़ाई फौज ने तमाम तहक़ीक़ात का हुकुम नाफ़िज़ कर दिया है।
ज़ाराये इत्तेला मसूल मालूमात के मुताबिक़ राजिस्थान के सूरत गड एयरबेस से पायलट अभिनव चौधरी ने जगराओं के नज़दीक इनायतपुर के लिए परवाज़ की थी। जब इनायतपुर से सूरतगढ़ घर वापसी के लिए परवाज़ का आगाज़ किया तो मोगा के गांव लांगेआना के नज़दीक उसको मार गिराया गया। बेहतर यह हुआ की तय्यारा रिहायशी हल्क़े में नहीं गिरा नहीं तो जाहांबाक होने वाले अफ़राद की तादात में इज़ाफ़ा होता।
तय्यारे के गिरते ही पंजाब पुलिस हरकत
मे आई और बेहतरीन कारगरदेगी दिखाते हुए अस पी हेड क्वार्टर गुरदीप सिंह को हादसे का
पैग़ाम मसूल हुआ। मोगा अस पी हरमनबीर सिंह गिल
और पुलिस के आला ओहदेदार मौक़ा ऐ वारदात पर पहुंचे और उन्होंने पाइलट की तलाश जारी कर
दी। जल्द ही उनको अपने मक़सद में कामयाबी मिल
गई और २४ घंटों की मेहनत का नतीजा रंग लाया।
आख़िरकार अभिनव चौधरी की लाश खेतों से बरामद हुई।
Zuber

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