Monday, 24 May 2021

क़िसास मुक्कम्मल, दीफ़ाई फौजियों ने लिया भाई की मौत का बदला।

अज़ीज़ नाज़रीन,

ऐसा नहीं है की अब मुस्लिम अवाम और दीफ़ाई फौजी कमज़ोर रह गए हैं।   हर मुस्लिम की शहादत का बदला बराबर लिया जा रहा है।   अभी तो पार्टी शुरू हुई है।   अभी ५ रोज़ क़ब्ल आसिफ नाम के जिम ट्रेनर (पहलवान) को काफिर शिद्दत पसंदों ने डंडों, रोड, और त्रिशूल, भाला, बल्लम से पीट पीट के गोद गोद कर शहीद कर दिया था।   उसका क़िसास आज दो हिन्दू अवाम ने चुकाया।  

पहला गुरूग्राम में एक ३८ साला युवक हरगोविदं को लाठी, डंडों, लोहे की राडों से पीट पीट कर हलाक कर बदला पूरा किया। ।  हलाक शुदा की बीवी की शिकायत पर गैंगस्टर राकेश हयातपुर के गुर्गों के ख़िलाफ़ क़तल का मामला दर्ज कर लिया गया है।  

यह क़त्ल खेतकी डोला थाना इलाक़े का है।   मामले की तफ्तीश में पुलिस को आपसी रंजिश और बेशक़ीमती ज़मीन के पैसे के लैन दैन का मामला सामने आया है।   लेकिन पुलिस हर ज़ाविया से जांच कर रही है।      

दूसरा क़िसास पहलवान से लिया गया।   क्योंकि आसिफ को लाठी, डंडों, लोहे की राडों से पीट पीट कर शहीद किया गया था सो ऊपर वाले क़िसास में पूरा हुआ।   लेकिन आसिफ तो पहलवान था तो उसका भी बदला किसी पहलवान को ही चुकाना था।  सो वोह आज शाम जवानों ने मुकम्मल कर दिया।  Boys are doing well.   बरोज़ पीर शाम वेश्या शिक्षण संस्थान (नाम तो संघी दिख रहा है) के ग्राऊंड में मश्क़ कर रहा पहलवान पर दो ना वाक़िफ़ अनासिरों (दीफ़ाई) जवानों ने अंधाधुन गोलिओं की बारिश कर दी।   जिससे वोह नामुराद काफिर मौके पर ही हलाक हो गया मजे ढेर हो गया।  

मारा गया काफिर पहलवान की पहचान अंकुश के रूप में हुई है, जो रोहतक के विजय नगर इलाक़े का रहने वाला था।  नाज़रीन जैसा खुशदिल खूबसूरत आसिफ था वैसा ही यह काफिर भी है।   मतलब बदला बराबर का छूटा। 

संघी पहलवान पर सात से आठ गोलियों की बौछार की गई, अपने ऊपर गोलियों की बौछार सेहेन नहीं कर पाया और पहलवान जगह पर ही ढेर हो गया और उसके ही ख़ून से ज़मीन को सुर्ख कर दिया गाया।   आगे यह तमाम ज़मीन पाक होगी।   मतलब पाकिस्तान की होगी।    

साधू तेरे सूबे में दो मुस्लिम नोजवावो को शहीद किया है।   एक १७ साला सब्ज़ी फरोश दूसरा बरेली जिला पंचायत के सदर मौलाना साहब को गोली मारी गई है।   इन दो का बदला या तो २० से लेंगे या फिर २०० से लेंगे।  उखाड़ ले साधू जो उखाड़ना है।   यह सब उधेड़ बून तू इंतेखाब जीतने के लिए कर रहा है ना।  क्योंकि उत्तर प्रदेश में होने वाले हैं इंतेखाब, बस फिर तैयार रह, तेरे कितने मारे जाते हैं और मुस्लिम कितने मारे जाते हैं।  

में जवानों को आगाह करता हूँ की उत्तर प्रदेश, हरयाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली की पुलिस अगर हमलावर हो तो उसको गोलिओं से भून डालो।   आगे की आगे से देखी जाएगी।  इन ज़ालिमों, ना इंसाफों, क़ातिलों का ख़ून तुम्हारे ऊपर हलाल है।   इनको जहाँ देखो पकड़ पकड़ कर काट डालो।  Boys listen, the orders. 

में तो उन हिन्दू अवाम को भी कहना चाहता हूँ जिनकी पिछले इंतेखाब में हुई गफलत के बाद आँखे खुल गई होगी और जिन्होंने शमशान के ऊपर अपना वोट दिया था अब ऐसी किसी भी हिन्दू मुस्लिम वाली एक तरफा बात पर वोह खुद ही ऐसे अनासिरों और शिद्दत पसंदों को पीट पीट कर मार डालेंगे।  फिर से गाये का मास और गाये की हत्या का मामला सर चढ़ने लगा है।   ऐसे लोगों का साथ देने के जो ऐसी झूठी बातों पर एक अकेले निहत्ते बेगुनाह मुस्लिम पर हमलावर होतें हैं तो इन गौ सेवकों पर ही हिन्दू अवाम को पत्थरों और लाठियों से हमला कर देना चाहिए।   क्योंकि यह तमाम दहशत और कवायत सिर्फ और सिर्फ इंतेखाब में हिन्दू मुस्लिम, पाकिस्तान हिंदुस्तान, हिंदु धर्म खतरे में है और ना जाने क्या क्या बोल कर जीतने की कोशिश करेगें.

Zuber

No comments:

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...