Saturday, 15 May 2021

अल्लाहबाद हाई दहशत अड्डे के जज को करोना फ़ौजिओं ने किया ढेर।

 

नाज़रीन जैसा की पहले ही यह बात ते हो चुकी है, शिद्दत पसंद काफिर, ज़ाफ़रानी दहशत (संघ) और हर बीजेपी वाले को ढेर करने के बाद अदलिया में मौजूद उन जजों को मारेगें जो मुत्तसिब और फ़िरक़ावारना ज़ेहनियत के साथ इन्साफ का क़तल करते थे।   इस इन्साफ के क़तल में करोना फ़ौजिओं को अल्लाहाबाद हाई कोर्ट और उसकी लखनऊ बेंच सबसे अव्वल दर्जे में खड़ी पाई गई थी।  अभी तो पार्टी शुरू हुई है, अभी तो हिन्दुस्तान को बोहोत कुछ देखना बाक़ी है।  

२०१९ में करोना की इस जंग के आगाज़ के बाद अदलिया में बैठे कई जजेस यहाँ तक की सुप्रीम कोर्ट के जजेस को करोना फौजियों ने मौत के घाट उतार दिया है।  

इस ज़िम्न में अल्लाहबाद हाई कोर्ट का मौजूदा जज जस्टिस वि के श्रीवास्तव को करोना फ़ौजिओं ने ढेर कर दिया।   लेकिन उसको जिस अंदाज़ में तड़पा तड़पा कर ढेर किया गया, अब वोह बड़ा मुद्दा बन गया है।   कश्मीर, बाबरी, ट्रिपल तलाक़ और तमाम मुसलमानों से ताल्लुक़ रखने वाले मुद्दों पर इन ज़ेहनी मरीज़ों अदलिया में बैठे जजेस का काफी मनफ़ी किरदार रहा है।   तो उसका कफ़्फ़ारा अदलिया, सियासत, शिद्दत पसद (हर ज़ाफ़रानी) अवाम और सहाफत को देना होगा। 

फिर कश्मीर में भाई बुरहान वानी और दिगार मुजाहिदीनों को जिस अंदाज़ में तड़पा तड़पा कर भारतीय दहशतगर्द फोर्स (फौज) शहीद करने के बाद मीडिया इजलास में उनको दहशतगर्द बोल कर बदनाम करती थी इस जज को ढेर करने के बाद वोह क़िसास भी मुक्कम्मल हुआ।    

नाज़रीन कुछ अर्से क़ब्ल अल्लाहाबाद हाई कोर्ट का जस्टिस वीरेंदर कुमार श्रीवास्तव (कायस्त) को करोना फ़ौजिओं ने घेर लिया था।   उसके बाद उसको मौत के घाट उतार दिया गया।   लेकिन जिस अंदाज़ में साधू की इन्तेज़ामियाँ ने उसके ज़ख़्मी जिस्म के साथ बेक़द्री और अनदेखी की है उसको यही बोल सकते हैं कोई तो गैबी ताक़त ऐसा करने के लिए इन लोगों को मजबूर कर रही है ताके मुसलमानों का क़िसास मुक्कम्मल हो सके।   उस जज को कोई भी ख़ादिम नहीं मिला, हुकूमत की जानिब से उसको ना ही कोई ख़िदमतगुज़ार मिला और ना ही बेहतर सुविधाएं।  

नाज़रीन जितना यह शिद्दत पसंद और ज़ाफ़रानी कीड़े भौंकेगे उतना है इनके लिए आगे की राहें तकलीफकुन होती जायेगीं।  बर्मा फतह करने के बाद अभी हम फलस्तीन के मुजाहिदों के साथ इजराइल में तबाही मचाने में मसरूफ हैं।  और जो कुछ भी हिन्द में हो रहा है वोह महज़ हमारे शागिर्दों के ज़ारिये हो रहा है।  जल्द हम हिन्द की जानिब रूख़ करेंगें।  फिर कोई भी शिद्दत पसंद काफिर, कोई संघी दहशतगर्द, कोई बीजेपी वाला कोई ज़ाफ़रानी ज़हर नहीं बच पायेगा।   हर एक मारा जाएगा।  

नाज़रीन मुस्लिम नस्लों को बर्बाद करने का अज़्म रखते थे, ज़ाफ़रानी ज़हर संबित पात्रा, ओसामा बिन लादेन पर तंज़ कसता था।   ज़मीन भी नसीब नहीं हुई पानी में बहना पड़ा।  २०१७-१८ में नव भारत टाइम्स और आज तक पर कमेंट किया था, तुमको भी तुम्हारे अपने पानी में बहाना पड़ेगें, इतना ही नहीं तुम्हारे अपनों की लाशों को चील कव्वे गिद्ध और कुत्ते नोचेगें।   और ऐसे कमैंट्स फेसबुक, ट्वीटर पर शेयर किये थे, लेकिन ट्वीटर ब्लॉक है और फेसबुक से वोह तमाम कमैंट्स हटा दिए गए हैं. लेकिन आज तक और नव भारत के एडिटर इन चीफ के पास अगर वोह तमाम कमैंट्स मेहफ़ूज़ हो तो देख सकतें हैं, जो कहा वोह हो रहा है. 

जितना भोंकते जायेगें यह ज़ाफ़रानी कुत्ते उतना ही इनके ऊपर अज़ीयत सख्त कर दी जाएगी। 

India stand with Israel,  ठीक है, now India will stand with dead bodies.  

Zuber

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