मणिपुर का ज़ाफ़रानी दहशत का सरगना और मणिपुर बीजेपी का सदर अस टिकेंद्र को करोना फ़ौजिओं ने ढेर कर दिया है. उसको बरोज़ जुमेरात करोना फ़ौजिओं ने घेर लिया था, शदीद ज़ख़्मी हालात में उसको एक निजी शिफ़ा ख़ाने में भर्ती किया गया था. बरोज़ सनीचर उसको मौत के पंजों ने जकड लिया और अपनी आगोश में ले गए. वज़ीरे दरिंदा मोदी उसको करोना होने पर सख़्त ग़म का इज़हार किया है. वज़ीरे दरिंदा ने अपने ट्वीट में कहा वोह श्रीमान टिकेंद्र की मौत से दुखी हैं, वोह सदा एक हार्ड वोर्किंग कार्याकर्ता के जैसे याद रहेगें, जो की मणिपुर में तंज़ीम की क़ुव्वत थे.
वज़ीरे दरिंदा घर अमित शाह और बीजेपी का क़ौमी सदर जी पी नड्डा वज़ीरे खेल कूद किरण रिज्जू ने भी अपने अपने हिसाब से ताज़ियाती पैगाम भेजे हैं.
करोना फ़ौजिओं के हाथों मारा गया ज़ाफ़रानी दहशतगर्द का एरिया कमांडेंट पेशे से उस्दाद (प्रोफेसर) भी था. यह ज़ाफ़रानी ज़हर हर शोबे में घूस चूका है. तालीम साज़ों के बीच में रह कर यह ज़ाफ़रानी ज़हर आला तालीमी आफ़्ता और जानकार प्रोफेसरों को भी मुत्तासिर करने से पीछे नहीं हटा. हालात यहाँ तक पहुंच गए की तालीम भी ज़ाफ़रानी होने लगी थी. साइंस में गाये का पेशाब पाखाना और टेक्नोलॉजी में रॉकेट रामायण और राम के वक़्त में ईजाद हुआ था ऐसे ऐसे फलसफे दिए जाने लगे. जोग्राफिया में मौजूदा दौर में अफगानिस्तान से ले कर बंगलादेश तक और कश्मीर से ले कर तो कन्यकुमारी तक भारत का हिस्सा होने के मज़मून पढ़ाये जाने लगे. फिर तारीख़ में अकबर महान से दहशतगर्द राणा प्रताप जीता था और मोहम्मद गोरी से दहशतगर्द पृथ्वी राज चौहान। जबकी मग़रिबी और ब्रिटिश तारीख़ के माहरीन तो दोनों ही हिन्दू दहशतगर्दों को ज़ालिम तरीन हारे हुए जेल गए हुए राजा तस्लीम करतें हैं.
ख़ैर मारा गया एक और ज़ाफ़रानी कीड़ा, अब इसको अगर जलाने के लकडिया कम पड़ जाएँ तो इसकी लाश को इजराइल भेज दो। जहाँ हमास के राकेट से जल भून के राख हो जाएगा। और इसका मौत के बाद का काम काज भी हो जाएग। मुफ्त मुफ्त मुफ्त।
आगे और है, और है.........
जुबेर
No comments:
Post a Comment