नाज़रीन एक एहम और मुसर्रत आमोज़ खबर आलमे इस्लाम के लिए आ रही है, हमास के हमले जिसको की कामयाबी से जोड़ कर देखा जा रहा है, उसके पीछे ग़ैबी ताक़त और हक़ीक़ी फरिश्तों की मदद है। नाज़रीन दुनियां का सबसे आला तरीन और जदीद टेक्नोलॉजी से आरास्ता इजराइल का डिफेंस सिस्टम कैसे हमास के हमलों के सामने पंगु और नाकाम साबित हुआ उसकी वजह है इजराइल के आयरन डॉम और डिफेंस सिस्टम की अप्रैल २०२१ के दरमियान पाकिस्तान धज्जिया उड़ा चूका था। पाकिस्तान ने दहशत के दीफ़ाई निज़ाम आयरन डॉम को जाम कर के तबाह कर दिया था। जिसके बाद हमास के १३० मिसाइल और राकेट हमलों में से कई हमले कामयाब हो गए। और इजराइल की दीफ़ाई निज़ाम भी उन मिसाइल रोकट को नहीं पकड़ पाई जिसके ऊपर सदा इसरायली फ़ौजी पोंगाते रहते थे।
नाज़रीन तमाम आलम में दहशत मचाने वाले और दुनियां के सबसे ज़्यादा मेहफ़ूज़ तस्सव्वुर किया जाने वाले सिक्योरिटी अमले और आयरन डैम की पाकिस्तान की एक मिसाइल ने धज्जियाँ उड़ा कर रख दी थी। अब अगर एहले इस्लाम बनाम कुफ्र के माबेन जंग का आगाज़ होता है तो इजराइल पाकिस्तान की किसी भी शाहीन मिसाइल के हद या रेंज में है कभी भी उसको सफाये हस्ती से मिटा दिया जाएगा। अगर फौरी जंग का आगाज़ होता है तो ऐसी सूरत में इस्लाम फतह के परचम के तले होने के काफी पुख्ता इमकानात हैं। उसकी ४ वजूहात हैं:-
१. तमाम आलम पहले ही एक कुदरती
वबा से जंग लड़ रहा है, और तक़रीबन तमाम सुपर पावर की क़ुव्वत पस्त हो चुकी है।
२. इजराइल का डिफेंस सिस्टम
को पाकिस्तान की मिसाइल का भेद डालना और उसको जाम कर देने से इजराइल की दीफ़ाई क़ुव्वत और सलाहियत तक़रीबन ख़तम हो चुकी है। कियोंकि जिस आयरन डॉम
के ज़ेरे साये तमाम इसरायली यहूद अपने आपको मेहफ़ूज़ समझते थे उस छतरी में पाकिस्तान ने
एक नहीं कई छेद कर डाले।
३. वेस्ट में फ्रांस जो इजराइल
की हिमायत में आ सकता था वोह अपने घरेलू तनज़िया से परेशान है।और मुमकिन खाना जंगी की जानिब बढ़ रहा है। फौज में मेक्रों हुकूमत के खिलाफ बगावत के सूर
देखे जा सकतें हैं। फौज के सरबराह ने फौजियों
के साथ बरोज़ मंगल एक इजलास बुलाया और एक ख़त हुकूमत को लिखा जिसमे मुमकिन खाना जंगी
के मरहले को देखते हुए फौज के सरबराह और तमाम फ़ौजिओं ने अपने ओहदे से इस्तीफा दे दिया
है।
४. ब्रतानियाँ में अपने खुद
के मसले हैं। स्कॉटलैंड आज़ादी की मांग कर रहा है।
गुजिश्ता क़रारदार अक़वामे मुत्तहदे से मुस्तरद होने के बाद मई २०२१ में स्कॉटलैंड
में अहम मुखालिफ तंज़ीम के बरसरे इक़्तेदार में आने के बाद उसने फिर से आज़ादी की मांग
दोहराई है और कहा है हम फिर से हमारी मांगों को ले कर आज़ादी की मोहीम तेज़ करेगें और
इस मुद्दे पर अक़वामे मुत्तहिदा की जानिब इंतेखाब के लिए रूख करेंगें।
ऐसी सूरते हाल में अगर तमाम मुस्लिम मुमालिक यकजेहदी दिखा कर
मुकम्मल क़ुव्वत के साथ दहशत पर हमला करेंगें तो यह फितना हमेशा हमेशा के लिए ख़त्म हो
जाएगा। अगर जंग होती है तो हिटलर से ज़्यादा
बर्बरियत दिखाने की ज़रुरत है। ताके वाल्दैन
पर जब्र और खात्मे के बाद भारत में दहशत की उन नस्लों को इबरत मिले जो हिटलर को सराहते
हैं और वही हाल मुस्लिम अवाम के साथ दोहराना चाहते थे। यतीम
Zuber
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