Monday, 5 March 2018

डकैत शंकर का बाबरी मस्जिद पे फिर विवादित बयान


डकैत शंकर बोला - अयोध्या विवाद नहीं सुलझा तो सीरिया बन जाएगा भारत.

डकैत और विवादित साधु ने न्यायलय और सरकार को धमकी भरे लहजे में चेतावनी दी है अगर कोर्ट के बाहर अयोध्या विवाद को नहीं सुलझाया गया और विवाद नहीं सुलझा तो देश सीरिया बन जाएगा.

इससे पहले ये विवादित साधू धमकी दे चूका है के अगर अयोध्या विवाद नहीं सुलझा तो भयंकर दंगे होंगे. और जिसके हक़ में फैसला होगा उसकी तो जीत होगी लेकिन जिसके हक़ में नहीं होगा उसकी हार होगी और वो अपनी हार हरगिज़ नहीं मानेगा.  ये साधू इस तरह के बयान दे कर न्यायलय और सरकार को डरा सकता है  लेकिन मुस्लिम समाज को नहीं डरा सकता है. क्योके मुस्लिम समाज अपनी मौत से नहीं डरता और उसका ठाम यकीन है की ज़िन्दगी और मौत का ज़िम्मेदार सिर्फ और सिर्फ अल्लाह है न की कोई दुनिया वाला. फिर सं १९४७ से आज तक मुस्लिम समाज सिर्फ और सिर्फ दंगे ही तो देखता आया है. लेकिन दंगो का डर दिखा के क्या कोई भी अब हम से हमारी ज़मीन जायदाद घर मस्जिद और बीवी बच्चे छीन लेगा. ऐसे कई मामले गुजरात में देखने को मिले २००२ के बाद कई मुस्लिम बच्चो को दंगे की आड़ में हिन्दू आतंकवादीओ ने अपने घरो पे छुपा लिया फिर जब मुस्लिम माता पीता को पता चला के हमारा बच्चा उस हिन्दू के घर पे ज़िंदा है और सही सलामत तो मुस्लिम माता पीता की बच्चे को वापिस करने की मांग को हिन्दुओ ने मना कर दिया. फिर न्यायलय ने भी हिन्दू के पक्ष में फैसला दिया और यहाँ भी आस्था जाग उठी कृष्ण को पैदा किसी और ने किया और पाला किसी और ने तो ये हमारी धार्मिक आस्था है. अब वो मुस्लिम बच्चे हिन्दू रीति रिवाज़ के साथ देश भक्ति के कसीदे कस्ते हुए और इस्लाम के खिलाफ गलत बयानी करते हुए देखे जा सकते है.

ये पाखंडी साधू साफ़ क्यों नहीं कहता अगर बाबरी मस्जिद की ज़मीन हमें नहीं सौपी गई तो हम जैसे पाखंडी साधू देश को सीरिया बना देंगे. दूसरो के कंधो पे रख के बन्दुक कब तक चलाते रहोगे महाराज. भारत को सीरिया बनाओगे आग में घी डाल के तुम जैसे पाखंडी साधू और राजनेता जिसका ज़िक्र अभी से तुम लोगो ने करना शुरू कर दिया है.  दूसरी बात अपने राजनैतिक फायदे के लिए ही तो बीजेपी, संघ, विहपि और तमाम हिन्दू आतंकिओ के समूहों ने विवाद इतना बढ़ाया है. अब उस विवाद में तुम जैसे पाखंडी साधू भी आ गए, जिनका इस विवाद से कुछ भी लेना देना नहीं है तुम बेंगलोर के और दखल दे रहे हो उत्तर प्रदेश की राजनीति में. फिर तुमको किसने ये अधिकार दिया के तुम राम मंदिर के नाम पे ऊल जलूल बकवास करते रहो. जो असली पंडित और राम भक्त है वो तो मार काट की बात ही नहीं करते. जो पंडित राम लाला के देखभाल करते है वो तो इस विषय पे कुछ और ही राय रखते है. उनका ये कहना है राजनैतिक पार्टिओ ने विवाद को इतना बढ़ाया है और उनका ये भी कहना है डाका डाली हुई ज़मीन या किसी और की ज़मीन पे जिसपे भगवान् का मालिकी हक़ न हो पूजा अर्चना हिन्दू धर्म के हिसाब से जाइज़ नहीं है

ये विवादित साधू किस को डरा रहा है, सरकार को या न्यायलय को इससे पहले भी इस विवादित साधू ने बयान दिया था के अगर कोर्ट के बहार अयोध्या मसला हल नहीं हुआ तो दंगे होंगे. मतलब अब हिन्दू स्टेट को इन जैसे पाखंडी साधू चलाएंगे और न्यायलय को धमकिओं और आस्थाओ के आधार पे अपना फैसला देना होगा. फिर न्यायालय की क्या ज़रुरत है.  मतलब अब किसी भी विवाद के निपटारे के लिए इन जैसे साधू, पाखण्डिओ और आतंकवादीओ की शरण में जाना होगा.

कुछ नहीं होगा ऐसी ही धमकी हिन्दू राजपूत रानी पद्मावती और मुस्लिम राजा अलाहउद्दीन की सच्ची प्रेम कहानी पे बनी फिल्म पद्मावती के रिलीज़ के ऊपर भी आई थी.  मध्य प्रदेश और राजिस्थान सरकार ने उच्चतम न्यायलय को हलफनामा दिया था अगर फिल्म रिलीज़ की गई तो भयंकर दंगे होंगे. उसपे न्यायलय ने उस हलफनामे को उठा के फेक दिया और कहा सरकारों को नागरिको की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहिए और दंगे कण्ट्रोल करना सरकार की ज़िम्मेदारी है.

मुस्लिम समाज को राम की आस्था से कोई भी आपत्ति नहीं है और अगर किसी हिन्दू की आस्था राम में है तो अच्छी बात है. लेकिन उस आस्था के नाम पे डाका मुस्लिम समाज को बर्दाश्त नहीं. फिर अगर बाबरी मस्जिद की ज़मीन मुस्लिम समाज ने हिन्दुओ को आस्था के नाम पे दे दी तो मथुरा की जामी मस्जिद सर उठाएगी वहां पे कृष्ण की आस्था है. फिर वो दे दी तो धार की जामी मस्जिद सर उठाएगी वह पे राजा भोज की आस्था है. तो ऐसी कुल १०० से ज़्यादा आस्था वाली मस्जिदे, मज़ारात और खानकाये आस्था के नाम पे भेट चढ़ जायेगी

सरकार को चाहिए के इस जैसे पाखंडी साधुओ के ऊपर एक्शन ले जो खुले आम धमकी दे रहे है के अगर बाबरी विवाद न्यायलय के बहार नहीं सुलझा तो दंगे होंगे, भारत सीरिया बन जाएगा.  समझदार को इशारा काफी है अगर न्यायलय का फैसला हिन्दू समाज के खिलाफ आया तो इन जैसे साधू आतंक मचाएंगे दंगा फसाद करेंगे हिन्दू समाज को भड़काएंगे मार काट करेंगे फिर सरकार से जंग करेंगे और उसको नाम देंगे हमारी आस्था टूटी है तो ये सब तो होगा.

ये रविशंकर महाराज धमकी दे रहे हैं कि अदालत के फैसले से कोई नतीज़ा नहीं निकलेगा ! कितनी हवस है इनको अपनी नेतागिरी चलाने की ! अदालत को चाहिए कि इनको "राष्ट्रिय सुरक्षा कानून " के तहत गिरफ्तार करे ! रविशंकर महाराज निहायत बेहूदा फ़लसफ़ा बघार रहे हैं कि अदालत में एक पक्ष हारेगा और वो फ़साद करेगा ! ये तो हर मुक़दमे में ही होता है और होता रहेगा , इसका मायने ये हुआ कि बाबरी मस्जिद ही क्यों , हिन्दोस्तान की मुख्तलिफ अदालतों में पेंडिंग करोड़ों मुक़दमों को रज़ामंदी से ही निबटाना चाहिए क्योंकि कोई न कोई पक्ष तो हारेगा ! इस तरह तो रविशंकर महाराज ने अदालतों की जरूरत और उनके वज़ूद पर ही सवाल खड़ा कर दिया !
   
सरकार को और न्यायलय को किसी भी धर्म गुरू को राजनैतिक मामलो में हस्तक्षेप करने से रोकना चाहिए और ऐसा सख्त कानून लाना चाहिए जो धर्म गुरू है चाहे वो किसी भी धर्म के हो हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई बौद्ध पारसी जैनी या किसी और धर्म से जुड़े हुए उनको राजनैतिक मामलो में बोलने का कोई हक़ नहीं होना चाहिए. अगर वो राजनैतिक मामलो में बोलते है तो धार्मिक प्रवचन नहीं दे सकते.



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