Saturday, 17 March 2018

गौ आतंकी दोषी करार लेकिन धाराएं आतंक की नहीं


झारखंड देश का पहला स्टेट बनेगा जिसमे की गौ आतंकिओ को सबसे पहले सजा दी जायेगी.  रांची में पिछले साल गोमांस का कारोबार करने के झूठे आरोप में एक मुस्लिम व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दि गई थी. इस मामले में शुक्रवार को झारखण्ड रामगढ़ के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ओम प्रकाश की एक स्थानीय अदालत ने ११ लोगों को दोषी करार दिया है. अदालत अलीमुद्दीन अंसारी की हत्या के दोषी पाए गए इन ११ गौ आतंकिओ को २१ मार्च को सजा सुनाएगी.

दोषी करार दिए गए ११ गोरक्षकों में एक नाबालिग समेत एक स्थानीय बीजेपी का वरिष्ठ नेता भी शामिल है. झारखंड के रामगढ़ में बीते वर्ष २९ जून को गाड़ी में भरकर गोमांस ले जाने का आरोप लगाकर कथित गोरक्षकों ने पीट-पीटकर अलीमुद्दीन अंसारी की हत्या कर दी थी.

मुख्य आरोपियों के अलावा स्थानीय भाजपा नेता नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, उत्तम राम, विक्रम प्रसाद, राजू कुमार, रोहित ठाकुर, और कपिल ठाकुर को कोर्ट ने धारा 147, 148, 427/149, 135/149, 302/149 के तहत दोषी करार दिया. इसमें तीनों मुख्य आरोपी को धारा 120 (बी) के तहत भी दोषी पाया गया है.

सभी आरोपियों के खिलाफ मजमा लगाकर दंगा भड़काने, मारपीट, आगजनी और हत्या का दोष साबित हुआ है. मुख्य आरोपी को घटना का मुख्य साजिशकर्ता पाया गया. इसके अलावा दोषी करार दिए गए नाबालिग का केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के हवाले कर दिया गया है. हालांकि अपर लोक अभियोजक ने दलील दी कि उसकी उम्र भी 16 वर्ष से ज्यादा है, इसलिए उसके खिलाफ भी दूसरे आरोपियों की तरह ही कार्रवाई की जाए. इस मामले में कुल 19 लोगों को बतौर गवाह पेश किया गया. इसमें चार गवाह मुकर गए, जबकि 15 ने आरोपियों के खिलाफ गवाही दी.

झारखण्ड के बाद अब देश के दुसरे भागो के मकतूल के परिवार वालो में भी ऐसी उम्मीद जागी है जहाँ पर भी गौ आतंकिओ ने हमला किया था और झूट फरेब फैला के मासूम इंसानो की जाने ली थी के उनको भी जल्द इन्साफ मिलेगा. 

कर्नाटक में ३ मार्च २०१८ को वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश के क़त्ल के इलज़ाम में पुलिस ने एक हिन्दू आतंकी को गिरफ्तार किया था. हिन्दू कट्टरपंथीओ पे फंदा सख्त हुआ  उस गिरफ्तारी को ले कर बीजेपी ने सत्तारूढ़ पार्टी के ऊपर हिन्दू भेद भाव का मोर्चा खोल दिया था. फिर झारखण्ड में तो खुद ही बीजेपी की सरकार है और अगर वहां पे ११ गौ रक्षक दोषी करार दिए जाते है जिसमे मुख्य साजिश करता खुद बीजेपी का वरिष्ठ नेता है तो अब बीजेपी को अपनी निति निर्धारण की ज़रुरत है ना की कर्नाटक में भेदभाव के नाम पे राजनैतिक लाभ लेने की ज़रुरत है. 

कर्नाटक में चुनाव होने वाले है इसीलिए बीजेपी जाती गत भेदभाव का इलज़ाम लगा कर वोट्स का धुर्वीकरण करने के चक्कर में है जिससे सिर्फ और सिर्फ खून इन्साफ का ही होगा.  बल्कि बीजेपी को अब अपनी नीति बदलने की ज़रुरत है. इन्साफ का साथ देकर और बैगेर किसी भेद भाव के काम किया तो इतनी उठा पटक करने की भी ज़रुरत नहीं पड़ेगी. ना वोट्स का धुर्वीकरण न जातिगत आधार पे वोट्स मांगने की ज़रुरत और न पाक या दहशतगर्दो का खौफ दिखा के वोट मांगने की ज़रुरत.  जनता की भलाई के काम ईमानदारी से करो वोट्स और जनता अपने आप पीछे पीछे आएंगे.

See the English version of News


Cow Terrorists are convicted, not under section of terrorism.
autonomousjournalist.wordpress.com/2018/03/17/cow

No comments:

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...