जब फट गया मोदी, योगी नामक गुब्बारा
और सभी सूरमाओ की समूची हवा निकल गई. जिस भगवे तलवार के ज़ोर पे आतंकवादी सत्ता के गलयारो
पे काबिज़ हुए थे मात्र ४ सालो के कुशासन ने ही उन्हें उनकी ओकात दिखा दी. आतंकवादीओ की मुहाफ़िज़ बीजेपी सदा ही मैन स्ट्रीम
चुनाव जीतती आ रही है लेकिन उप चुनाव सदैव ही हार जाती है. २०१४ के बाद तकरीबन हर उप
चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है. यहाँ तक के जिन सीटों पे पहले बीजेपी काबिज़ थी जैसे
गुरदासपुर या राजिस्थान और दीगर जगहों की सीट उप चुनावों में वो भी बीजेपी के हाथ से
जाती रही. उसकी क्या वजह हो सकती है ये पत्रकार समूची जानकारी इकठ्ठा करने के बाद विश्लेषण
करता है.
जिस तरह बीजपी
मैन स्ट्रीम चुनाव को प्रतिष्ठा का विषय बना लेती है तो उसको जीतने के लिए वो किसी
भी हद को पार कर जाती है. चाहे वो ई.वि.ऍम. में गड़बड़ी कर के जीते या रूपयो की बरसात
कर के या वातावरण को ज़हरीला और साम्प्रदाइक कर के बस चुनाव जीतना बीजेपी का मकसद रह
जाता है. लेकिन इस मकसद में वो सबसे बड़ा मकसद
इंसानी दिल जीतना उसको भूल जाती है और जो वादे उसने जनता से किये है उनको दर किनार
कर दिया जाता है.
फूलपुर, गोरखपुर
और आरिया में जिस तरह से बीजेपी की अर्थी निकली और उनका राम नाम सत्य हो गया उससे एक
बात और निकल के आती है जिस उत्तर प्रदेश की राजनीति ही राम के नाम पे पाखंड पे निर्भर करती
है इस हार से साबित करता है के अगर राम मर्यादावादी है और पुरषोत्तम है तो कभी इन जैसे
पाखण्डिओ की हठधर्मी को कामयाब नहीं होने देंगे.
फरवरी २०१८
को एक लेख में इस पत्रकार ने बाबरी मस्जिद की निस्बत से यही बात कही है अगर राम सच्चे
होंगे तो वो खुद ही डाका डाली हुई ज़मीन और पाखण्डिओ से दूरी बना लेंगे.
See the
English version of this article
Secular’s
eclipse on Saffron.
https://autonomousjournalist.wordpress.com/2018/03/14/seculars-eclipse-on-saffron/ …
No comments:
Post a Comment