आज यानी ८
मार्च को प्रत्येक वर्ष विश्व महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पे हिन्दू
स्टेट के उत्तर प्रदेश इलाके का लेफ्टनेंट कमांडेंट इन चीफ बड़ी बड़ी बाते करते हुए
देखा गया. उसने एक जन सभा को सम्भोदित करते हुए कहा के हम नारी का सम्मान करते है और
उसकी पूजा भी करते है और जहा नारी की पूजा की जाती है वहा सुख और शान्ति रहती है तभी
भारत सम्पन देशो की सूची में आता है. शायद योगी महाराज अपने कुकर्मो को गिना
रहे है और अगर वो कुछ भूल गए हो तो ये पत्रकार उनको याद दिलाना चाहता है के सिर्फ नारी
की पूजा भर कर लेने से कुछ नहीं होता बल्कि मन में उसके लिए श्रद्धा भाव होना चाहिए. वो
आप ही थे जो एक हिन्दू लड़की के जाने पे १०० मुस्लिम लड़कीओ की ज़िन्दगी बर्बाद करने या
उनको हिन्दू बनाने की बात करते थे. फिर वही राग २६ जनवरी २०१८ के बाद हिन्दू युवा वाहिनी
के उत्तर प्रदेश के मुख्या ने एक जन सभा में अलापा. आपकी भक्ति और सम्मान भी महिला की जाती धर्म के
आधार पे निर्भर करती है. मतलब आप पाखंड फैला रहे हो. महिला मतलब महिला अब उसमे जात,
धर्म किधर से आ गया.
दुनिया दिखावे के लिए नारी पूजा और भोग विलास के लिए धार्मिक आस्था. फिर योगी जी शायद ये नहीं जानते के विश्व में भारत महिलाओ के प्रति क्राइम रेट में सबसे आगे है. फिर अगर आप महिलाओ का सम्मान करते है तो 'नियोग' प्रथा के तहत उसके तन मन का तृस्कार काहे को किया जाता है. नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पे भारत में महिलाओ पे होने वाले अत्याचारो में २०१४ के बाद से ३४% का इज़ाफ़ा हुआ है. समूचे भारत में हर ३ मिनिट में एक महिला के ऊपर सगीन जुर्म होता है. जैसे रेप, गेंग रेप, मोलेस्टेशन, गर्भपात, कन्या भ्रूण हत्या, देवदासी प्रथा, नियोग प्रथा, दहेज़ प्रताड़ना, कुटुम्बीय प्रतारणा, हत्या, मार पीट, महिला से ७ फेरो का विवाह करने के बाद उसको ज़िन्दगी के सफर में दर बदर की ठोकरे खाने के लिए अकेला छोड़ देना आदि. और इन तमाम गुनाहो में हिन्दू स्टेट के आतंकवादी न सिर्फ मुस्लिम, दलित बल्कि खुद हिन्दू नाबालिग बच्चीओ, बालिकाओ और महिलाओ को रेप करते है. इसमें बीजेपी के बड़े कद्दावर राजनेताओ से ले कर संघ के आतंकवादी तक शामिल है.
अभी परसो ही की खबर है बिहार हिन्दू स्टेट के आतंकिओ दूआरा काबिज़ एक हिस्सा जिसमे एक प्रेमी जोड़े ने समान हिन्दू धर्म के गोत्र होने की वजह से घर से भाग के विवाह कर लिया. तो लड़के के सामने लड़की को बेइज़्ज़त किया गया. और उसको चप्पल पे थूक के चटवाया गया फिर कोड़े मारे गए. इस समूची प्रथा में लड़के को एक पेड़ से बाँध दिया गया था. इतना ही नहीं ऐसा फरमान किसी जनता का या समूह का नहीं था बल्कि ग्राम पंचायत का था जो के एक सरकारी संस्था है और उसका आर्डर सरकारी मान्यता रखता है.
दूसरी घटना
कल की है जहा गुजरात एक और हिन्दू आतंकिओ के दूआरा काबिज़ हिस्सा जहा पर एक मुस्लिम
५२ साल की महिला के साथ हिन्दू आतंकवादीओ ने मार पीट की प्रतिकार करने पे उसका एक हाथ
काट डाला तथा दुसरे हाथ की उंगलिया काट डाली. गंभीर हालत में उसको हॉस्पिटल में भर्ती
करवाया गया है जहा पे उसकी हालत आखिर समाचार मिलने तक स्थिर थी.
फिर योगी
जी जब आप महिला पूजा की बात कर रहे है तो मांगलिक प्रथा की कन्या के बारे में भी कुछ
बोल देते तो अच्छा होता. हिन्दू धर्म में नारी
की क्या इज़्ज़त है वो बतलाने की ज़रुरत नहीं है. वो तो भला हो अंग्रेज़ो का जिन्होंने
सती प्रथा को ख़त्म किया नहीं तो अभी तक नारी पति के मरने के बाद भी ज़िंदा आग के हवाले
की जाती रही होती. जिस तरह होलिका दहन के रोज़ दिल्ली में एक महिला को ज़िंदा होलिका
के अंदर जला दिया. फिर दुसरे रोज़ उसकी अस्थिया और अर्ध जली लाश नग्न अवस्था में मिली.
उसके कपडे होलिका के पास ही पड़े हुए मिले. ससुराल वालो का कहना था की महिला मति मंद
थी. अगर वो मति मंध थी तो होलिका के अंदर कैसे पहुंची फिर उसके कपडे किसने उतारे.
आपके मुख से महिला पूजा और महिला सम्मान की बाते अच्छी नहीं लगती है आप धार्मिक चश्मा उतार के देखो के एक नग्न साधू के लिंग को महिला को पूजा करवाने लगवाया जाता है सोचो उस महिला के मान सामान की तो धज्जिया उड़ जाती होगी जब वो एक पराये साधू के लिंग को स्पर्श करती होगी जो के उसका पति नहीं है.
यहाँ पे ये बतलाने की ज़रुरत ही नहीं के आपका प्रदेश महिलाओ के प्रति क्राइम में सबसे आगे है और केरला सबसे पीछे. फिर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की घटना याद है किस बर्बरता से पुलिस ने लड़कीओ के साथ मार पीट की थी. और जे.एन.यूं. में गुल मोहर के कथानाक के बाद विधियार्थी आतंकिओ ने रोड पे रेप करने की धमकिया दी थी.
योगी जी बड़ी
बड़ी बाते तो सभी कर लेते है लेकिन महत्वपूर्ण है उसके ऊपर कितना अमल किया जाता है. ये समूची बाते सच्ची श्रद्धा पे निर्भर करती है
अगर मन में सच्ची भक्ति और श्रद्धा हो तो एक नग्न महिला भी आपको कपड़ो में दिखेगी और
नहीं है तो एक पत्थर की देवी में भी आपको गंदगी दिखेगी और उसके साथ भी भोग कामना करोगे.
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