Thursday, 15 August 2019

कश्मीर देने वाला हैं आंसू और तकलीफकुन रातें.


हिन्दू दहशतगर्द, शिद्दतपंसद हिन्दू और मोदी की ज़ेरे क़यादत ज़ाफ़रानी इंतेज़ामिया अगर ये सोचता है की कश्मीर की उसकी खुदमुख्तारी ख़त्म कर के मसलाये कश्मीर पे फतह हासिल कर ली है, तो ये उनकी बड़ी ग़फ़लत और भूल होगी.  मोदी के लिए मुश्किलात ख़तम नहीं हुई बरक्स असली मुश्किलात तो अब शुरू होने वाली हैं.  इस सहाफी ने जैसा की पहले ही २०१७ से २०१८ के दरमियान मीडिया में अपने कई कई तब्सिरों और मज़मूनों में कहा है कश्मीर के बाद पंजाब हिंदुस्तान से अलहदा होगा.  इस सहाफी के हिसाब से पंजाब को मिला के कुल ५ तक़सीम होंगें.

कश्मीर की आज़ादी की मांग के बाद पंजाबी अवाम की आज़ादी की मांग ज़ोर पकड़ने लगी है.  भारत की यौमे आज़ादी के मौक़े पे कमो बेश २००० से ५००० के दरमियान पंजाबी अवाम ने सियाह परचम के साथ एक सियाह एहतेजाजी रैली मुनक़्क़िद की थी.  इस दिन यानी १५ अगस्त को उन्होंने सियाह दिन जैसा मनाया और मातम किया. 

पंजाब के बाद शुमाल मशरिक़ ख़ास अरुणाचल और सिक्किम मनिपाल आज़ादी के नक़्क़ारे फ़िज़ायों में बुलंद कर मोदी इंतेज़ामिया को तकलीफ देने वाले हैं.  मोदी इन्तेज़ामियाँ और वज़ीरे दाख़ला के लिए सख्त अश्कबार रातें और तकलीफकुन दिन तवक़्क़ो हैं.

मोदी और अमित की रातों की तारीकी में अश्कबार होना पोशीदा रहेगा और किसी को इल्म नहीं होगा, क्योंकि ये दोनों अकेले में आंसूं बहाएंगे लेकिन दिन के उजाले में इनकी परेशानी और तकलीफ इनके चेहरे पे नुमाया निशान से साफ़ पहचाने जा सकेंगे.

एक ख़्वातीन के आंसू तो ज़मीन को बंजर बना देतें हैं फिर इन दोनों शैतानों और इनके तमाम अमले ने तो बोहोत सी मस्तूरातों (माओं, बेटियों, बीवीयों) को ना सिर्फ कश्मीर में बल्कि मुल्क भर में रोने पे मजबूर किया, इनको इनके गुनाह की सज़ा तो मिलेगी और इनको  उसका कफ़्फ़ारा तो देना पड़ेगा


Kashmir will give tearful, painful nights to Modi.

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