Thursday, 1 August 2019

गज़वा ऐ हिन्द होगा और ज़रूर होगा.


भारत में जिस तरह के हालात बन रहे हैं उससे साफ़ ज़ाहिर हो रहा है की हुकूमते हिन्द की नाहीली और ना इंसाफ़ी की वजह से भारत तेज़ी से ख़ाना जंगी की जानिब गामज़न हो रहा है.  जिस तरह के हालात आज भारत में चल पड़े हैं उससे साफ़ तोर पे गज़वा ऐ हिन्द की इब्तेदा होने के जानिब हालात इशारा कर रहे हैं.  

गज़वा ऐ हिन्द होगा और ज़रूर होगा उसमे कोई भी शक और शुबा नहीं है और पाकिस्तान भारत पे ग़ालिब होगा. ये ही कायनात का निज़ाम और इन्साफ का तक़ाज़ा है.  इस बात से कोई भी हिंदी बाशिंदा इत्तेफ़ाक़ करे या ना करे लेकिन ये सहाफी सो फि सद गज़वा ऐ हिन्द की पेशनगोई से इत्तिफ़ाक़ रखता है और मुल्क के जो हालात हैं उसी और इशारा कर रहें हैं.  गज़वा ऐ हिन्द से पहले एक मस्जिद को मिस्मार कर दिया जाएगा, हुकूमते हिन्द की कुर्सी पे एक निहायत ही ज़ालिम, ना इन्साफ हुकुमरान फ़ाइज़ होगा फिर पेशनगोई है की शरीयत में तब्दीली कर दी जायेगी.    

जल्द भारत ख़ाना जंगी की सख़्त अज़ीयत और तपिश को बर्दाश्त करने में क़ासिर रहेगा.  ख़ाना जंगी की शुरूवात उत्तर प्रदेश से ही होगी. ये सहाफी तो २०१७-१८ से कह रहा था और अपने कई मज़्मूनों में और कमैंट्स में कहा है की २०१९ में चाहे बीजेपी की हुकूमत आये या किसी और जमात की भारत में ख़ाना जंगी तो होगा.  अभी आज़म खान के ऊपर हिन्दू दहशतगर्दों का गुबार और आलूद उतर रहा है थोड़े दिनों के बाद खुद हिन्दू अवाम इन दहशतगर्दों की तपिश भोगेगी और वो ख़ाना जंगी मज़ीद पेचीदा मरहले में पहुंच जायेगी.
पुराने भारत यानी आज का नया इंडिया जिसके अंदरूनी हालात इतने पेचीदा हैं की हर जानिब मार काट, खून रेज़ी, ज़िना कारी तास्सुब, ना इंसाफ़ी, हर जानिब ज़ुल्म हो रहा है; उसके ऊपर हुकूमत की खामोशी और मज़ीद किसी ख़ास मज़हब और जमात को सख्त अज़ीयत देना ज़ुल्म करना शिद्दत करना ऐसे हालात का फायदा कोई बाहरी ताक़त उसके ऊपर हमलावर हो कर इक़्तेदार अपने हाथों में ले ले तो कोई ताज्जुब नहीं होगा.

अगर भारत के हुकुमरान सोचते होंगे और गफलत में होंगे की हम बोहोत ही ताक़तवर मुल्क़ हैं और हमारे पास दुनिया की सबसे ज़्यादा ताक़तवर फौजी अमला है हमारा कोई भी बाल बिंका नहीं कर सकता तो ऐसी ही सोच उस दौर के हाकिम सबसे ज़्यादा ताक़तवर शैतानी और दुनयावी इल्म का माहिर और जानकार रावण की थी उसको भी अपने फौजी अमले की कुव्वत और शैतानी ताक़त पे बोहोत ही गुमान और घमंड था फिर उसकी और उसकी क़ौम की बर्बादी औरत की वजह से हुई और आज के रावण और भारत की बर्बादी की वजह भी औरत ही होगी.  जिस तरह से रावण ने धोखा दे कर और दग़ाबाज़ी से एक औरत को उसके जज़्बात को हासिल करने की नाकाम कोशिश की थी उसी तरह से आज के रावण और उसकी फौज ने की है.  एक ख़ास मज़हब की ख़्वातीनों के साथ हमदर्दी का नाटक और दग़ाबाज़ी फरेब कर के उनके यक़ीन और एतेमाद को हासिल करने की नाकाम कोशिश की है. फिर उस अहंकारी रावण ने भी एक लंगूर को अदना समझा और राम और लक्ष्मण को जंगल में भटकने वाला जंगली तस्सुवर किया वो क्या मेरे जैसे क़वी, ताक़तवर हर उलूम के माहिर और जानकार को हरा पायेगा.  जंगल में भटकने वाले वनवासी मेरा क्या बिगाड़ लेंगे.  और आज के दौर के रावण ने भी ये ही ग़लति की है पाकिस्तान को एक मामूली हक़ीर मुल्क़ तस्सुवर कर के और अपने आपको अपने फौजी अमले को बोहोत ही माहिर और जानकार तस्सवुर कर के की है. 

फिर अगर भारत की क़िस्मत का फैसला ऊपर वाले ने बर्बादी के रूप में लिख ही दिया है तो उसको कोई भी नहीं बदल सकता, उसी हिसाब से कायनात के निज़ाम और कानून को कोई कैसे बदल सकता है.  जिस तरह से रावण की बर्बादी का फैसला हो चूका था, तो रावण की बर्बादी के पहले उसकी अक़ल को ख़पत कर दी गई थी और उसके सोचने समझने की कुव्वत ख़त्म हो गई थी फिर उसने एक ख़वातीन के साथ फरेब और धोखा किया जिसकी वजह से उसको अपना इक़्तेदार खोना पड़ा.  उसी हिसाब से आज के रावण ने भी ख़्वातीनों के साथ धोका किया फरेब किया तो वही सब इस रावण के साथ भी होगा जो पहले के रावण के साथ हुआ.   ना तो आप अपनी बोहोत बड़ी फौज के ऊपर मुतमइन रह सकते हैं और ना ही कायनात के निज़ाम और कानून तब्दील सकते हैं. गज़वा ऐ हिन्द के पूरे हालात आ रहे हैं. अपने महेरीनों और जानकारों से पूछो, अगर वो सच्चाई से मुँह नहीं फेरते होंगे और हक़ की बात करते होंगे सच्चे होंगे तो बोलेगे की हाँ भारत ख़ाना जंगी की जानिब गामज़न है.

जब एक क्रिकेट मैच का फैसला भारत के हक़ में होते हुए मुसलमान के साथ ना इंसाफ़ी, फरेब, धोखेबाज़ी और गद्दारी की वजह से बदल सकता है.  तो हुकूमत की मुसलमानों के साथ गद्दारी, फरेब, ना इंसाफ़ी धोखेबाज़ी, ज़ुल्म, क़त्ले आम की वजह से भारत के ऊपर खुशहाली, तरक़्क़ी का फैसला  तबाही और बर्बादी में काहे को नहीं बदल सकता.  बिलकुल बदलेगा और हर हाल में बदलेगा.  क्रिकेट में सबसे ज़्यादा मज़बूत तस्सव्वुर की जाने वाली टीम वर्ल्ड कप की सबसे ज़्यादा मज़बूत दावेदार एक अदना सी टीम के सामने २४० तक पार नहीं कर पाई.   उसी हिसाब से भारत जैसे मज़बूत और ताक़तवर मुल्क़ को कब एक अदना सा कमज़ोर तस्सव्वुर किया जाने वाला मुल्क़ धुल चटा दे कोई भी तवक़्क़ो नहीं कर सकता.  

भारत की बदअमनी, खून रेज़ी, ख़ाना जंगी का फायदा बाहरी ताक़त को होगा.   ये सहाफी पहले ही अपने कई मज़मूनों में कह चूका है की २०१९ में इक़्तेदार में चाहे ज़ाफ़रानी महाज़ आये या कोई और जमात भारत में बदअमनी होगी खून रेज़ी होगी ख़ाना जंगी होगी, जिसकी शुरूवात उत्तर प्रदेश से होगी, जिसके सबब भारत में सख्त तरीन इन्तेशार पैदा होगा और हाल ही के हालात की पेशबंदी वैसी ही दिख रही है.

जिस तरह से सिर्फ दो कमज़ोर निहत्ते जंगलों जंगल भटकने वाले वन वासिओं ने लंगूरों की फौज के साथ मिल के माज़ी के रावण के विशाल और ताक़तवर साम्राज्य को ध्वस्त कर दिया था उसी हिसाब से आज के रावण को अपनी फौजी कुव्वत और ताक़त पे बोहोत ही घमंड और अकड़ नहीं करना चाहिए अगर ऊपर वाले ने उसकी किस्मत में दो अदना और कमज़ोर तस्सव्वुर किये जाने वाले मुल्कों के हाथों शाकिस्त और हार लिख दी है तो वो दोनों मुल्क़ मिल के कब उसको,  उसकी विशाल सेना को और उसके साम्राज्य को मटिया मेल कर देंगे तबाह कर देंगे बर्बाद कर देंगे उसको खबर तक नहीं हो पाएगी. और ये ही विधि का विधान रहेगा और इन्साफ का तक़ाज़ा रहेगा.

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