मोदी सरकार जब
से सत्ता में आई
है विवाद उसका दामन नहीं छोड़ रहे है.
या यूं कह
लीजिये के
मोदी सरकार का
विवादों से
चौली दामन का
साथ रहा है.
इन
विवादों से
बचने के
लिए मोदी सरकार नए
नए शगूफे और
हथकंडे इस्तेमाल करती है
परन्तु हर
बार फेल हो
जाती है.
इस कड़ी में मोदी सरकार के
नाम नया विवाद जुड़ गया है
या यूं कह
लीजिये मोदी ने
खुद ही
पुराने विवादों को
शांत करने के
लिए एक
और विवाद को
जन्म दे
दिया.
नेशनल रजिस्टर ऑफ
सिटीजन (NRC)
जिसमे मोदी सरकार ने
आसाम में कुछ ४५
लाख के
करीब जनता को
अवैध घोषित कर
दिया और
उनको बंगलादेशी करार दे
दिया. यहाँ पे
भी मोदी सरकार की
किरकिरी और
फजीती होना लाज़मी है
क्योंकि जिस नेशनल रजिस्टर की
मोदी सरकार दुहाई दे
कर ४५
लाख के
करीब जनता को
अवैध घोषित कर
रही है
उसको घोषित करने का
समय ही
दुरूस्त नहीं है, और इस (NRC) लिस्ट में बड़ी बड़ी हस्तिओं के
नाम नहीं है
जैसे के
५ वे
राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली एहमद के
भतीजे का
नाम नहीं है. सेना के
कई अफसरों के
नाम नहीं है.
टीचरों, दानिशमंदो के
नाम नहीं है तो क्या वो सब बंगलादेशी घुसपैठिये है.
पिछले ४
सालों से
मोदी सरकार ने
हिन्दू मुस्लिम के
अलावा कुछ नहीं किया रही सही कसर जनता के
सामने राम मंदिर और
गौ हत्या के
रूप में भी
मोदी का
दोहरा चरित्र सामने आ
गया. खुद बजरंगदल और
वीहपी के
आतंकी गौ
वध और
गौ तस्करी में शामिल रहते है. मोदी सरकार और
ज़्यादा विवादों से
उस वक्त घिर गई
जब भारत को
लचिस्तान, रेपिस्तान, और
आतंकिस्तान जैसे नामों से
बुलाया
गया. तो
२०१९ को
देखते हुए इन
सभी हमलो से
बहार निकलने का
मोदी ने
नया शगूफा इस्तेमाल किया है.
क्योंकि २०१९ में मोदी को
गौ हत्या, राम मंदिर, हिन्दू मुस्लिम, बालक विकास के
जन्म पे
कोई भी
वोट नहीं देगा. भारत में बंगलादेशी घुसपैठिये है
या रोहिंगिया घुसपैठिये है
और भारत के
तंत्र और
अनाज को
खा रहे है
इस मुद्दे पे
समूचे देश की
जनता एक
जुट हो
कर मोदी को
वोट करेगी. फिर ये
मुद्दा २०१९ तक
जीवित रहेगा उसके बाद उप
चुनावों में और
राज्यों के
चुनावों में जीवित रहेगा फिर कुछ सालों बाद धीरे धीरे ये
मुद्दा भी
मर जाएगा जैसे की
दुसरे मुद्दे मर
गए. ये
पत्रकार मोदी सरकार से
कुछ सवाल करना चाहता है.
१. इतनी बड़ी संख्या में घुसपैठिये कैसे आ
गए सरकार क्या कर
रही थी.
२. अब
ये घुसपैठिये आ
गए है
तो ४५
लाख लोगो का
मोदी सरकार क्या करेगी. क्या उनको गोली मार देगी और
उनका सामूहिक नरसंघार कर
देगी.
३. क्या मोदी सरकार ने
बंगलादेश सरकार से
इस मुद्दे पे
विचार विमर्श किया है
और अगर बंगलादेश सरकार ने
उनको अपना नागरिक मानने से
इंकार कर
दिया तो
इनके भविष्य का
क्या
होगा.
४. ये
लोग तो
आज़ादी के
पहले से
रह रहे है
तो आज
अचानक ये
बात कैसे ध्यान में आई.
५. फिर मोदी सरकार ने
२०१५ में बंगलादेश के
साथ Land Boundary Agreement साइन किया था
जिसके तहत १०,००० हेक्टर किलोमीटर भारत की
ज़मीन बंगलादेश को
दी गई
थी इस
एग्रीमेंट के
तहत भारत के
हज़ारों गाँव बंगलदेश में चले गए
थे फिर अगर ये
नागरिक बंगलादेशी थे
तो उसी वक्त इन
लोगो को
बंगलादेश को
काहे को
नहीं सौपा गया.
६. अगर २०१५ में Land
Boundary Agreement साइन करने के
बाद सभी बांग्लादेशी नागरिकों को
उनके वतन वापसी कर
दी गई
थी तो
क्या ये
४५ लाख २०१५ से
ले कर
जुलाई २०१८ तक
की अवधि में आये है.
अगर हाँ तो
नाकामी मोदी सरकार की
है के
वो इतनी बड़ी तादाद में लोगो की
घुसपैठ को
नहीं रोक सकी.
कुछ नहीं ये
मोदी सरकार का
नया राजनैतिक हथकंडा है
कुछ भी
होना जाना नहीं है. क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में लोगो को
वापिस नहीं किया जा
सकता परन्तु इनके नाम से
वोट खूब बटोरे जायेगे. अगर मोदी सरकार सही में देश हित में काम कर
रही है
और (NRC)
के पीछे उसकी कोई भी
राजनैतिक लाभ लेने की
मंशा नहीं है
तो २०१९ से
पहले सभी ४५
लाख लोगो को
बजाये मीडिया में थोथली बयान बाज़ी करने के उनके वतन वापसी की
कवायत तेज़ करे. जिस तरह से
(NRC) की
रिपोर्ट आने के
दो ही
दिनों में जनता का
मूड बदला बदला दिख रहा है
और बीजीपी के
आतंकिओं के
दूआरा राजनैतिक बयान बाज़ी भी
तेज़ हो
गई है. अब
ये बयान बाज़ी २०१९ के
चुनाव तक
तेज़ रहेगी फिर ये
मुद्दा भी
दफ़न हो
जाएगा.
मोदी का नाम
ही विवाद है और उनका विवादों से पुराना नाता रहा है. गुजरात में मुख्य मंत्री का
पद संभालने के
तुरंत बाद २००१ में २६
जनवरी का
भूकंप शायद ही
कोई भूल पाया होगा. ७.७ मैगनीटुडे के
उस भूकंप में कम
से कम
१४००० लोगो की
मौत हो
गई थी
जिसमे ज़्यादातर स्कूली बच्चे थे. इस
हादसे की
यादें अभी धूमिल भी
नहीं हुई थी
के २००२ में हिन्दू आतंकिओं दूआरा मुसलमानो के
ऊपर हमला जिसमे कम
से कम
३००० से
ज़्यादा मुस्लिम समाज के
लोगो की
हिन्दू आतंकिओं ने
बर्बर हत्या कर
डाली थी.
और करोड़ों की
मुस्लिम सम्पत्ति या
तो लूट ली
थी या
आतिशे नार कर
दी गई
थी. इन
हादसों के
बाद भी
कुदरती केहर और
बारिश तूफ़ान से
गुजरात देहलता रहा.
जब मोदी गुजरात के
मुख्य मंत्री थे
तो गुजरात आसमानी आफत से
देहलता था
और मोदी विवादों से
घिरे रहते थे
और अब
भारत के
प्रधान है
तो भारत में आफ़ात शुरू है
और मोदी यहाँ भी
विवादों से
घिरे रहते है.
मोदी के
प्रधान मंत्री बनते है
गौ आतंकिओं का
केहर मुस्लिम समाज के
लोगो के
ऊपर टूटा. इतना ही
नहीं लेंचिंग हिन्दू आतंकिओं का
हथियार बन
गया.
मोदी की
चुप्पी की
वजह से
राष्ट्रीय और
अंतराष्ट्रीय स्तर पे
बे हद
किरकिरी हुई. उस
फजीती और
किरकिरी से
जनता का
ध्यान हटाने के
लिए मोदी सरकार नए
नए शगूफे ले
कर आती है
जिसमे एक
अवैध बंगला देशी का
मुद्दा उठाया गया है.
English version
of the article
Who
are these 45 lakhs
No comments:
Post a Comment