Friday, 10 August 2018

मुंबई से पकड़ा गया सनातन धर्म का हिन्दू आतंकी.


भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई और महानगर पे कई बार हमले हुए और दहला है. इन सभी हमलो में मार्च १९९३ को अब तक का सबसे बड़ा हमला कहा जा सकता है.  इस बार फिर हिन्दू आतंकिओं की मुंबई को दहलाने की साजिश को पुलिस ने नाकाम किया है.  आर्थिक राजधानी मुंबई के नालासोपारा में ATS ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए हैं. और यहां से हिन्दू सनातन संस्था से जुड़े आतंकी वैभव राउत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके घर, दुकान पर एटीएस ने छापेमारी की, इस दौरान करीब ८ देसी बम बरामद किए गए.  घर के पास ही दुकान पर बम बनाने की भारी मात्रा में सामग्री मिली है.

गन पावडर यानी सल्फर बड़ी मात्रा में दुकान के अंदर से मिला है जबकि कुछ डेटोनेटर भी मिले हैं. जो गन पावडर मिला है उससे लगभग 2 दर्जन बम बनाए जा सकते हैं. सनातन धर्म से जुड़े व्यक्ति के घर पर बम और उसे बनाने की सामग्री मिलना चौंकाने वाला लगता है.

एटीएस टीम पिछले कुछ दिनों से लगातार वैभव को ट्रैक कर रही थी और गुरुवार शाम को रेड की गई. छापेमारी के दौरान वैभव घर में ही मौजूद था, जहां उसे हिरासत में लिया गया. छापेमारी के दौरान एटीएस की डॉग स्क्वायड, फॉरेंसिक टीम के अधिकारी मौजूद रहे.

पुलिस और जांच एजेंसी आतंकी से पूछ ताछ के बाद पता चल सकेगा की इसके तार देश की किस आतंकी संघटन से जुड़े है और उसके पीछे इस आतंकी का क्या मकसद था. हो सकता है ये आतंकी एक मामूली मोहरा हो और इसके पीछे मोसाद जैसे बड़े अंतराष्ट्रीय आतंकी संघटन का हाथ हो. हिमाचल में एक समूचे गांव को जिस तरह से इजराइल ने अपने कब्ज़े में ले लिया है इससे सुरक्षा एजेंसिओं के कान खड़े हो गए है. 

बात चाहे जो कुछ भी हो १५ अगस्त से पहले इस तरह के विस्फोटक सामग्री का मिलना ज़रूर सुरक्षा विभाग के लिए खतरे की घंटी को आवाज़ दे रहा है

अब तो ये सभ्य समझा जाने वाला समाज और अपने आपको पत्रकार कहने वाले साप्रदायक लंगूर ते करे के कौन है असली आतंकवादी.  मुस्लिम समाज के निर्दोष नवजवानो को गिरफ्तार करते समय कभी भी उनके घरों से या उनके पास से इस तरह की विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई.  फिर भी उनको नाम दिया जाता था आतंकवादी. और अब इन जैसे लोगो के लिए कोई नया नाम सोच लो लंगूरो. दूसरी बात ये महाशय किस से जंग लड़ने जा रहे है जो डिटोनेटर, बारूद और बम अपने घर पे रख रखे है. अभी तो आज़ादी का जश्न मानाने की तैयारी हो रही है और इस तरह के विस्फोटक. ये लोग ही भारत को दीमक की तरह चाट रहे है और खोकला कर रहे है और मोदी सरकार इन जैसे लोगो के ऊपर नरम है. ये ही लोग देश के गद्दार है, जो दोहरा चरित्र रखते है. एक चेहरा देशभक्ति का दूसरा आतंकवाद का, और एक तीसरा पोशीदा चेहरा साधू का.

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