एक वीडियो
सोशल मीडिया पे बोहोत वायरल हो रहा है जिसमे हिन्दू आतंकी मुस्लिम समाज के खिलाफ ज़हर
उगलते हुए देखे जा सकते है. इतना ही नहीं ये
आतंकी मुस्लिम इज़्ज़त को तार तार करने की भी बात करते हुए देखे जा सकते है. इसमें शामिल है मुस्लिम बच्चिओं से छल, कपट से या
फिर तलवार, बन्दूक के बल पे ज़ोर ज़बरदस्ती शादी करने के बाद उस हिन्दू आतंकी को दिए
जाने वाली सुविधाएं. यहाँ पे ये पत्रकार इन
आतंकिओ को दो बाते और एक चुनौती देना चाहेगा.
पहली बात इन लोगो की इस तरह की मुहिम से ये साबित हो गया की हिन्दू धर्म फैला
ही ज़ोर ज़बरदस्ती कर के तलवार के ज़ोर पे है या फिर छल से कपट से, जिस तरह से इनकी धार्मिक
किताबों में दर्ज है रावण जो की एक पंडित था, महात्मा था विद्वान था लेकिन छल से कपट
से उसने सीता को हासिल किया. तो इससे ये साबित
हो गया के हिन्दू धर्म में छल, कपट, पाखंड तो खून में भरा है, जिसके लिए इनको रूपये
पैसे मिलते है और इनके घरों में ऐसे ही संस्कार दिए जाते हैं. बीजपी इस कार्य में आतंकिओं
की पूरी राजनैतिक, सामाजिक, दीगर मदद करती है और आतंकिओ को संरक्षण देती है के किस
तरह से अल्पसंख्यक समाज को डरा के रखा जाए.
जिसके सबूत
भी मिले है के बीजेपी आतंकवादिओं को सरंक्षण देती है हाल ही में रांची में १५ - २०
आदमखोर हब्शिओं का जिस तरह से सत्कार किया, गुलपोशी की इज़्ज़त अफ़ज़ाई की गई उसपे मोनी
बाबा की चुप्पी ने साबित कर दिया के बीजपी इन आतंकिओं के हर अनैतिक कार्य में सहभागी
है.
दूसरी बात
ये पत्रकार इन आतंकिओं की मोहीम का हिस्सा बन के इनका साथ देगा लेकिन पहले ये आतंकी
इस चुनौती को सुविकार करें और उत्तर प्रदेश की उस महिला से शादी करें जिसने इस्लाम
के कानून को मानने से इंकार कर दिया था. उसके हिसाब से वो शरीयत को नहीं मानती बल्कि
वो मानती है के भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है और इसमें किसी एक धर्म का कानून नहीं
होना चाहिए बल्कि यकसां कानून होना चाहिए जो सबके लिए एक सामान हो. उसके खिलाफ इस्लामिक
विद्वानों का मुस्लिम समाज से सामाजिक बहिष्कार करने का फ़तवा है और उसको कब्रस्तान
में भी जगह नहीं दी जाए. सही तो बात है अब
जो मुसलमान अल्लाह, उसके रसूल, क़ुरआन इस्लामिक कानून को ही ना माने तो वो मुसलमान नहीं
है और जो मुसलमान ही नहीं है उसके साथ केसा रिश्ता. तो इन आतंकिओं से ये पत्रकार कहना चाहता है पहले
उत्तर प्रदेश की उस महिला से शादी करें जो हिन्दू ही है और मुस्लिम समाज को ना तो ऐसी
औरतों की ज़रुरत है जो इस्लामिक कानून को नहीं मानती है और ना ही ऐसे मर्दों की जो १५
अगस्त पे साम्प्रदाइक, ज़हरीला, इस्लाम विरोधी नारा चिल्लाने को कहते हैं.
ये आतंकी
पहले इस्लाम से खारिज ७ से १० उन औरतों में से किसी एक से तो शादी कर के दिखाए जो उच्चतम
न्यायलय में गई थी इस्लामिक शरीयत में तब्दीली के लिए फिर पाकीज़ा और पाक दमन औरतों
के बारे में सोचे. यहाँ ये पत्रकार दो बातें
साफ़ करना चाहता है अगर एक गिरी हुई, चरित्रहीन मुस्लिम महिला तुमसे शादी कर लेती है
तो मुसलमानो के ऊपर से कुछ भार कम होगा क्योके ऐसी गिरी हुई चरित्रहीन महिलाये भरी
पड़ी है जो इस्लाम में रह कर मुस्लिम नाम रख कर मुसलमानो और इस्लाम को बदनाम करती है. हमें ऐसी गिरी हुई और चरित्रहीन महिलाओं की ज़रुरत
भी नहीं है. उत्तर प्रदेश, इंदौर, वेस्ट बंगाल,
गुजरात ऐसी कुछ ७ से १० महिलाये उच्चतम न्यायलय में गई थी इस्लामिक कानून तब्दील करवाने
के लिए उनमे से किसी एक से तो शादी कर के दिखाओ.
एक गिरी हुई
और चरित्रहीन मुस्लिम महिला भी इन हिन्दू आतंकिओं से शादी कर के हिन्दू होना पसंद नहीं
करेगी, और अगर करती है तो मुस्लिम समाज से एक बदनुमा दाग, धब्बा, गंदगी दूर होगी हम
खुद और कोई भी मुस्लिम यही चाहेगा के ऐसी औरत जो इस्लाम के कानूनों को शरीयत को नहीं
मानती तो बजाये उसके मुर्तद बन के रहने के वो किसी हिन्दू से शादी कर ले और इस्लाम
से पूरी तरह से खारिज कर दी जाए.
इस पत्रकार
का ठाम एक दम ठाम यकीन है जो मुस्लिम महिला पाकीज़ा होगी शरीयत और इस्लाम के कानून की
मुहाफ़िज़ होगी वो हरगिज़ हर्गिज़ तुम जैसे ठोगीओं, ठगों, आतंकिओं और पाखंडिओं के झांसे
में नहीं आएगी और ऐसी पाक दामन, इज़्ज़त वाली औरतों की मदद अल्लाह गैब से करता है और उनकी
इज़्ज़त की हिफाज़त फ़रिश्ते करते हैं.
See the English version of the article
Marry with those unchaste women: Journalist Zuber. https://autonomousjournalist.wordpress.com/2018/08/15/marry-with-those-unchaste-women-journalist-zuber/ …
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