मोदी हुए गर्म मोब लंचिंग अपराध, विपक्ष राजनीतिकरण ना करे।
भारत में तो अक्सर राजनैतिक ज्वालामुखी
फूटते रहते है लेकिन हाल ही में मोदी रुपी ज्वालामुखी अचानक फुट पड़ा जो पिछले ५ सालों
से खामोश था. २०१२ से पहले ये मोदी रुपी ज्वालामुखी
गुजरात में बेहद फूटा करता था. फिर २०१२ के बाद थोड़ा शांत हुआ लेकिन जुमलों और झूट
का लावा और गर्म प्रदार्थ २०१२ से लेकर २०१४ के चुनाव तक सदा ही निकलता रहता था. फिर अचानक २०१४ के बाद मोदी रुपी ज्वालामुखी कई
वर्षो तक शांत हो गया था और खामोश रहा।
समाचार एजेंसी
एएनआई को दिये एक साक्षात्कार में देश में बढ़ रही मॉब लिंचिग की घटनाओं पर प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस तरह की एक भी घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, हर किसी
को राजनीति से ऊपर उठकर समाज में शांति और एकता सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना
चाहिए। घटनाओं और ऐसी मानसिकता वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात तो कही है, लेकिन यहाँ पर भी मोदी हस्बे आदत ये बताना भूल गए, अगर
कोई आगे से ऐसी घटनाओ में मूलविस पाया जाता है या मोब लीचिंग पे सरकार कोई नया कानून
ले कर आएगी जिसके तहत दोषिओं पे कड़क कारवाही होगी।
भारत में
लंचिंग और कुशासन शायद विपक्ष के लिए २०१९ का चुनाव घोषणापत्र बन जाएगा। बीजेपी ने
देश के लोगों की सुविधा के लिए कड़ी मेहनत की और अपने जुमलाबाज़ी को सामान्य रूप से
लाने की कोशिश की आश्वासन दिए लेकिन बीजेपी की जुमलाबाज सरकार और उनके मंत्रियों पर भारत की जनता आशावादी नहीं दिख रही हैं। अब आखिरकार
राजा युद्ध में अपने लड़ाकों के बचाव के लिए मैदान में उतरता है जो युद्ध हारने की कगार
पे हैं।
अब उसने भी
बोलना शुरू कर दिया है, जब २०१९ (गंतव्य) निकट दिख रहा है। उनकी सरकार के इन सभी ४
वर्षों में वह विदेशी दौरे पर भारत से बाहर थे, लेकिन जब चुनाव करीब आये तो उन्होंने
फिर से राष्ट्रीय लोगों को याद किया। "भाई और बेहनो", "केवल देस के
१३० करोड़ देसवासिओं", और बुला बुला बुला।
प्रधान मंत्री श्री मोदी ने लीचिंग को राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए विपक्ष को लताड़ा।
यह पत्रकार निश्चित रूप से प्रधान मंत्री के साथ सवाल पूछेगा कि कितना लंबा विपक्ष
चुप रहेंगे। मुझे लगता है कि विपक्ष २०१९ के
लिए राजनीतिक बिरयानी की सही तैयारी कर रहा है। जहां मोदी इन सभी वर्षों में लिंचिंग
पर कानून भी पारित नहीं कर सके। उनकी सरकार के गठन के बाद पहला मोब लीचिंग जून २०१४
में पूना में हुआ था। जो अभी तक जारी है अभी हाल ही में कल बिजनौर उत्तर प्रदेश में
एक कपिल त्यागी को चोरी के संदेह पर लीच कर दिया था। हम कहाँ जा रहे हैं, किस तरह से
हमने खुद को विकसित किया है। २१ वीं शताब्दी में अभी भी भारत में लोग भोजन की कमी के
कारण मर रहे हैं। अगस्त २०१८ के महीने में जब भारत के लोग अपनी ७२ आजादी का जश्न मनाएंगे
और ऐसी भयानक घटनाये, शर्म की बात है. फिर भी श्रीमान मोदी विपक्ष से पूरी तरह से चुप्पी
बनाए रखने की उम्मीद कर रहे हैं। आप नहीं बोलते हैं तभी तो विपक्ष गर्जता है। आप काम
नहीं कर रहे हैं तभी तो विपक्ष काम कर रहा है। किस ने चौकसी को क्लीन चित और ना हरकत
प्रमाण दिया जब एंटीगुआ सरकार ने उसकी नागरिकता मांगी थी? शर्म करो श्रीमान मोदी अभी
भी आप अपनी सरकार का बचाव कर रहे हैं। अपर्याप्त बहाने देने के बजाय बेहतर है अपनी
गलतियों को स्वीकार कीजिये, जनता सबकुछ समझती है। भारतीय जनता पाक के लोगों की तरह
बुद्धिमान नहीं है, लेकिन वे इस हद तक डफर्स नहीं हैं कि वे आपके कमिया, खामिया और
गलतियों को जानने के बाद भी आपको बार-बार चुनेंगे।
लोगों को
समझने की तीन श्रेणियां होती हैं :-
१. जो लोग दूसरों की गलती देखने के बाद खुद को संशोधित कर लेते है, वह अकल्मन्द
या बुद्धिमानों की श्रेणी में आते हैं। जैसे की पाक के लोगों की तरह जो लोकतंत्र में
विश्वास करते हुए भारतीय प्रायोजित आतंकवाद को खारिज कर देते हैं।
२. वो लोग जो ठोकर खाते है और गलतियों को सुधार लेते हैं।
३. वो लोगों को ठोकर पे ठोकर खाते
है लेकिन उसी रास्ते पर चलते है, जिसपे ठोकर लगती है। एहि लोग कुंदबुद्धि, मतिमंद और
अंधे हैं जो देख नहीं सकते और गलतियों से भी अनुभव नहीं कर सकते हैं।
यह सच है
कि भारतीय, पाक लोगों के समान बुद्धिमान नहीं हैं; दूसरों को देखने के बाद उन्हें खुद
को संशोधित करने की बुद्धि नहीं है। लेकिन वे इतने भी ना समझ और कूड़ दिमाग नहीं है
एक के बाद एक झटका पाने के बाद फिर भी उसी रास्ते पर चलेगे। ९/११ के बाद इन सभी वर्षों
में लंगूरों ने, भारत सरकार और भारतीय जनता ने हमेशा आतंकवाद पर पाक की आलोचना की,
लेकिन भारत और पाक दोनों देशों के हाल ही चुनाव इस का सबूत हैं कि कौन से लोग आतंकवाद
के समर्थक हैं और कौन से शांति के प्रतीक हैं।
See English Version
Lynching is crime yells PM.
https://autonomousjournalist.wordpress.com/2018/08/12/lynching-is-crime-yells-pm/ …
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