अज़ीज़ नाज़रीन,
दिफ़ाई सरबराह ने फिर एक बार मोदी इन्तेज़ामियाँ को सख़्त इंतेबाह की है कश्मीर भारत का लाज़मी हिस्सा नहीं है और भारत अपनी नापाक हरकते अपने जासूसों दरअंदाज़ों को हमारी जन्नत जैसे ज़मीन में घुसाने की हिमाक़त ना करें नहीं तो हिन्द इन्तेज़ामियाँ अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
वहीँ बरोज़ मंगल एक बड़ा हादसा हो गया अमृतसर से कटरा (जम्मू कश्मीर) वैष्णो देवी जाते हुए खाई में गिरी बस १२ यात्री जहन्नुम वासिल हो गए और २५ शदीद ज़खीमी हो गए हैं। इस हादसे पर दिफ़ाई सरबराह ने कहा है भारत की हवा को क़ब्ज़े में करने की जंग कश्मीर से ही शुरू हुई थी आज दो साल बाद पूरे भारत की हवा दिफ़ाई फ़ौजिओं के क़ब्ज़े में है। उसी हिसाब से अब सड़क और ज़मीन को क़ब्ज़े में करने की जंग भी कश्मीर से ही शुरू हो चुकी है जल्द ही कश्मीर की पूरी सड़क और ज़मीन हमारे क़ब्ज़े में होगी उसके बाद ज़मीनी जंग में पूरे भारत की ज़मीन को क़ब्ज़े में करने की होगी जंग शुरू।
वहीँ एक और हमले में भारत हुकूमत का जासूस और काफिर दीपक उर्फ़ दीपू को दिफ़ाई फ़ौजिओं ने कश्मीर में गोलिओं से भून कर छलनी कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। उसको भारत हुकूमत की फौज का महफ़ूज़ कवर हासिल था फिर भी मारा गया जासूस। मोदी भक्त बीजेपी के ज़ाफ़रानी कीड़े १० लाख भारत की फ़ौज और २ लाख संघी दहशतगर्दों के कश्मीर में मौजूद होते हुए भी मेहफ़ूज़ नहीं हैं। पर्यटन और संस्कृती को नहीं दिखा पा रहे तो बेरुन मुल्क अवाम क्या ख़ाक मेहफ़ूज़ होंगें. लँगूर लँगूरनियाँ बड़ी बड़ी बातें करतें हैं की श्रीनगर मे भारत का पर्यटन अधिवेशन कामयाब रहा. मोदी जी जीत हुई पाकिस्तान को शाकिस्त हुई वग़ैरा।
३७० मंसूख किया उसका क्या असर हुआ बल्कि कश्मीर गया हाथ से। अब इन्तेख़ाब से क़ब्ल अपनी कामयाबी को बतायेगें और ३७० पर हिन्दू अवाम के ज़ेहनों लंगूर लँगूरनियों की जानिब से ज़हर भरेगें। लेकिन उन अहमक़ों को इतना भी शऊर नहीं होगा की मक़सद ३७० हटाना था ही नहीं। बल्कि कश्मीर को भारत का लाज़मी हिस्सा तसव्वुर करवाना था और पंडितों को वहां पर मुक़ीम करना था। और खून ख़राबे को रोकना था। तो क्या वोह हदफ़ भारत हुकूमत हासिल कर पाई। बल्कि कश्मीर तो गया हाथ से। लेकिन वोह बात नहीं बताई जाएगी की भारत सरकार कश्मीर खो चुकी है और अब भारत के दीगर हिस्सों के ऊपर सख़्त मुश्किल में फसी हुई है।
लंगूर लँगूरनियों और भक्तों अपने पापा की जितने भी तारीफ़ करना है करते रहो मोदी मोदी मोदी लेकिन पनोती है मोदी मान लो इस बात को। जो भी काम पहली दफा किया बर्बाद हुआ। कश्मीर भारत से टूटा वोह किस लिए २०१९ में पहली दफा वोह काम कर दिया जो सदियों से नहीं हुआ। गया हाथ से। १० चीते लाया था मोदी ६ तो परलोक सिधार गए। अभी तो नए ऐवांन का कुछ सच्ची नहीं हैं। जो लंगूर लँगूरनियाँ मोदी की बड़ी कामयाबी बता रहें हैं। खाकी चड्डियाँ फोटों सांझा कर रहें हैं। सेल्फी ले रहें हैं क्या पता यह उनकी आख़िर सेल्फी हो। पहले ही इजलास ऐसा कुछ हो जाए की सभी बीजेपी वाले मारे जाएँ। नील नदी में जैसे तमाम फ़िरोनी समा गए थे और मारे गए थे।
दिफ़ाई सरबराह ने मोदी को इंतेबाह की है कश्मीर पर ज़िद्द की कश्मीर गया भारत पर ज़िद्द करोगे भारत जाएगा। बेहतर है जितना मिल रहा है उतना ले लो और अपने भक्तों शिद्दत पसंद काफिरों बीजपी वालों लंगूर लँगूरनियों को ले कर दफा हो जाओ। ओर्रिसा वाला हिस्सा जो भगवा दिखाया गया है ५ जून २०२२ के नक़्शे में वही होगा भारत बाक़ी हिस्सा पाकिस्तान का होगा और कुछ आज़ाद रियासतें होंगीं।
इस हिस्से में तस्लीमा नसरीन, रिज़वान जैसे वोह तमाम मुनाफ़िक़ भी जायेगें जो मुस्लिम नाम रख कर मिडिया के सामने इस्लाम के ख़िलाफ़ ऊल जलूल झूठी बकवास करते थे या नहीं तो वोह सब मारे जायेगें। तारिक फतह मारा गया अगला हदफ़ जल्द ज़ाहिर होगा।
सहाफ़ी ज़ुबेर
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