अज़ीज़ नाज़रीन,
कश्मीर की जन्नती वादियों को तबाह करने के बाद मोदी, ज़ाफ़रानी दहशत, बीजेपी, शिद्दत पसंद हिन्दू लंगूर लँगूरनियाँ मणिपुर को तबाह करने के ऊपर तुले हुए हैं। यह बात अलहदा है मसला ऐ कश्मीर पर भारत को आलमी और सिफारती शाकिस्त हो चुकी है। कश्मीर को ग़सप करने का भारत का हर हर्बा हर साजिश में नाकाम रहा और जंग में ज़बरदस्त शाकिस्त खा चूका है। ताहम अगर मज़ीद भारत ने इस मुद्दे को खींचा तो उसकी आतिश भारत को जला कर राख कर देगी। जिसका ज़िक्र २०१९ से ३७० मंसूख करने के बाद कई दफ़ा मज़मूनों में कर चूका हूँ।
कश्मीर की आग पूरे भारत में फ़ैलेगी। अब तक आधा शुमाल आतिशे नार हो चूका है। अगर अभी भी बीजेपी, मोदी, संघी दहशत अपनी फ़ौज के ऊपर पुर एतेमाद होंगे की हमारे पास दुनियां की सबसे ताक़तवर फ़ौज है हम किसी भी जंगी बेड़े की धज्जियाँ उड़ा सकतें हैं दुश्मन की फ़ौज का धूवाँ निकाल सकतें हैं तो में इल्तेजा करूंगा की बीजेपी के तमाम रकून पार्लियमान, वज़ीरों को बिठा कर एक बार ज़रा फ़िज़ा में अपने जंगी तय्यारों की परवाज़ कर के दिखा दो।
जी-२० इजलास में जितनी भारत को ज़लालत और रूस्वाई का सामना करना पड़ा है उतना तो २०१४ के ग़ुलाम भारत में शायद ही कभी करना पड़ा होगा। भारत के मदू करने और कश्मीर को एक सिया (टूरिस्ट) हब बनाने की क़वायत को ज़ोरदार झटका लगा है जब आलमी बरादरी के तक़रीबन सभी क़वी और माशी मज़बूत मुमालिकों ने आने से मना कर दिया। सऊदी, पाकिस्तान, चीन, मिस्र, तुर्की, यूं.ऐ.ई. ने इजलास में यह कहते हुए शिरकत नहीं की है की कश्मीर एक मुतनाज़ा ज़मीन है और वोह भारत का लाज़मी हिस्सा नहीं है। तो वही दूसरी जानिब जिन मुमालिकों ने शिरकत की है वोह गुमनाम ख़ामोश ही रहे और कोई क़रारदार नाफ़िज़ नहीं हो सका।
अब कश्मीर ही नहीं बल्कि भारत की बोहोत बड़ी ज़मीन पाकिस्तान को देना होगी। जंग हरगिज़ हरगिज़ भारत नहीं जीत सकता। जब कश्मीर पर संघी कट्टरपंथी काफ़िर बीजेपी वाले बोहोत उधम मचाते थे अपनी फौज की ताक़त दिखाते थे तभी बोला था अगर कश्मीर नहीं दिया तो उसका कफ़्फ़ारा पूरे भारत को देना होगा। अब भारत की फौज के साथ साथ ख़ुद मोदी ने हथियार डाल दिए। भारतीय फौज ने मिग-२१ को जंगी महाज़ से अलग कर दिया उसकी उड़ाने रद्द कर दी और मोदी ने आलमी मंच पर जा कर बोला पाकिस्तान से रिश्ते सुधारना चाहता है।
जब कश्मीर पर लंगूर लँगूरनियाँ बोहोत हू हल्ला करते थे तभी बोला था कश्मीर की आग पूरे भारत में लगेगी। अगर मोदी संघी दहशत शिद्दतपंसद काफिरों और बीजेपी के बहकावे में आ कर ऊल जलूल फैसले नहीं करता और कश्मीर को पाकिस्तान को सौंप देता तो आज भारत से भागा भागा नहीं फिरता। जापान गया उसके बाद गिन्नी पीपुआ गया अब ऑस्ट्रेलया में है जबकि जी-२० का एक अहम इजलास कश्मीर के मुस्तक़बिल का भारत की सदारत में मुनक़्क़िद किया गया था और मोदी भागा भागा फिर रहा है। साफ़ ज़ाहिर हो रहा है की जंग हार गया है भारत और अब फ़रारी इख़्तेयार की हुई है।
जैसा हर बार बोला है हर संघी हर शिद्दत पसंद काफ़िर हर बीजेपी वाला काट डाला जाएगा मार डाला जाएगा। इन मौतों में वोह मुनाफ़िक़ भी शामिल होंगे जो सिर्फ नाम मुस्लिम रख कर हर काम मुसलमानों के दिल आज़ारी जैसा करते हैं। और वोह मुस्लिम भी मारे जायेगें जो बीजेपी में हैं और संघ की बोली बोलतें हैं। और वोह पंडित और हिन्दू बचा लिए जायेगें जो सदा हक़ की बोली बोलते थे या २०१९ में जंग का आग़ाज़ होने के बाद हक़ की बोली बोलने लगे थे।
दिफ़ाई फ़ौजिओं के साथ सिर्फ दो साल की जंग में भारत की फ़ौज और मोदी ने हथियार डाल दिए। १९ अगस्त २०१९ में दिफ़ाई फौज के सरबराह ने “मेरा ख्वाजा महान“ मज़मून के साथ जंग का आगाज़ किया था। उस वक़्त से ले कर भारत के कम से कम ५०० से ज़्यादा जंगी तय्यारे मार गिराए गए हैं।
अभी तो बोहोत कुछ गवाना पडेगा अगर वक़्त पर कश्मीर पर कोई मुस्तहकम फ़ैसला काश्मिरी अवाम की मर्ज़ी के हिसाब से लेते तो आज भागना नहीं पड़ता। अगर अभी भी भारत का ५ जून २०२१ को शाया किया गया नक़्शे के हिसाब से भारत का बटवारा नहीं किया तो पूरा भारत इस्लामिक बनेगा। नक़्शे में जो ओर्रिसा वाला और जो ज़ाफ़रानी रंग का दिखाया गया है बस वही भारत रहेगा। अगर और ज़िद्द की तो वोह भी इस्लामिक होगा।
भारत, मोदी और बीजेपी कश्मीर में जंग हार चुके हैं। अब तो उनको भारत की ज़मीन बचाने की कवायत करनी होगी। जितनी ज़िद्द करेगें उतना बड़ा हिस्सा गवायेगें। कश्मीर पर जिद्द की पूरा कश्मीर गया भारत पर ज़िद्द करेगें पूरा भारत जाएगा। बेहतर है जितना मिल रहा है उतना ले लो और उसी गटर में रहो वहीँ मरो वहीँ जला दिए जाओ और उसी ज़मीन पर गंदगी करो गो मॉस, गो मूत्र, वन्दे, जय जय और हिन्दू राष्ट्र।
उधर मणिपुर में फिर से क्रिस्टी अवाम के ऊपर ज़ुल्म और दहशत की दूसरी क़िस्त का आग़ाज़ हो चूका है। चर्चेस को जला दिया क्रिस्टी अवाम का क़त्ले आम चालू है। और मोदी है की ऑस्ट्रेलिया में मंदिर मंदिर खेल रहा है।
।। भगोड़ा।।
दरअसल भारत की इस तबाही और बर्बादी के लिए चिड़ियाघर के ख़ूंखार जानवर लंगूर और लँगूरनियाँ ज़िम्मेदार हैं। जितनी तबाही और बर्बादी चिड़ियाघर के इन खूंखार जानवर लंगूर और लँगूरनियों ने भारत की है उतनी तो शायद मोदी हुकूमत ने भी नहीं की होगी। कियोंके अगर वक़्त पर इन लोगों ने मोदी मोदी मोदी और बीजेपी के बारे में झूठे क़सीदे नहीं कसे होते तो मोदी हुकूमत को ग़लत काम और भारत से ग़द्दारी करने का हौसला नहीं मिलता। हुकूमत बजाये अपना ख़ज़ाना भरने के भारत के अवाम के बारे में सही फेलसा करती। हालात ऐसे नहीं होते जैसे अभी हैं।
सहाफ़ी ज़ुबेर
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