Sunday, 21 May 2023

बेरुन मुल्क सरबराहों के सामने गिड़गिड़या मोदी हाथ जोड़ जान की भीक मांगी।

अज़ीज़ नाज़रीन,

दिफ़ाई फ़ौजिओं के सामने भारतीय फौज और मोदी के हौसले पस्त दिख रहें हैं।  भारतीय फौज और मोदी  ने दिफ़ाई फौजियों के सामने हथियार डाल दिए हैं।   जहाँ एक जानिब मोदी जी-७ इजलास में बेरुन मुल्क सरबराहों के सामने गिड़गिड़ा रहा है हाथ जोड़ कर रो रहा है और इल्तेजा कर रहा है की भारत पाकिस्तान से बेहतर रिश्ते करना चाहता है।  मोदी को अपनी जान का खदशा भी है कहीं दिफ़ाई फौजी उसको हलाक नहीं कर दें।  ऐसी सूरते हाल में वोह अमेरिकी सदर जिओ बाइडेन की मौजूदगी में अपनी जान की भीक मांग रहा है। 

वहीँ दूसरी जानिब जंग में दिफ़ाई फ़ौजिओं को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है जब भारीतय फ़िज़ाई फौज ने उनके सामने हथियार डालते हुए बड़ा फैसला लिया है।  बड़ी तादात में मार गिराए जाने के सबब मिग-२१  के पूरे बेड़े की परवाज़ पर रोक लगाई है। 

भारतीय फ़िज़ाई फौज ने परवाज़ के दौरान लगातार मार गिराए जाने का शिकार हो रहे मिग 21 तय्यारों के पूरे बेड़े की परवाज़ पर रोक लगा दी है. अभी हाल भी में राजस्थान में एक मिग 21 तय्यारा मार गिराया गया था जिसमें तीन अफ़राद हलाक हुए थे।  हालांकि यह बात अभी वाज़े नहीं हो पाई है की ये रोक मुस्तक़िल है या आरज़ी। 

भारतीय फ़िज़ाई फौज ने मिग -२१ तय्यारे के बेड़े की परवाज़ पर रोक का फैसला राजस्थान में दो हफ्ते क़ब्ल हुए सानेहा के बाद लिया गया है. अभी उस हादसे की जांच की जा रही है, की उस तय्यारे को मार गिराया गया था या वोह किसी हादसे का शिकार हो क्रेश हो गया थ।  

हुकूमत के आला अराकीन ने बताया कि मिग-२१ जंगी तय्यारों की परवाज़ पर रोक लगा दी गई है क्योंकि ८ मई को हुए सानेहा की तहक़ीक़ात अभी भी जारी है के यह सानेहा था या तय्यारे को मार गिराया गया था। 

बारहाल एक बात वाज़े है भारत के दोनों ही आला मसनद पर फ़ाइज़ अराकीन अपने घुटनों पर आ गए।  फौज और मोदी।  जंग में यह बात कोई मायने नहीं रखती की जंगी तय्यारे को मार गिराया गया था या हादसे का शिकार हुआ।  दुश्मन का कितना नुकसान हुआ है वोह मायने रखता है।

लंगूर लँगूरनियाँ और मोदी तो बड़ी बड़ी बातें करता था।  भारत को अपनी फौज और क़ुव्वत पर बोहोत ही ग़ुरूर था मोदी का तकब्बुर इतना की पाकिस्तान के सामने हरगिज़ नहीं झुकेगें।  फिर दिफ़ाई फ़ौजिओं से जंग लड़ते हुए महज़ दो साल का वक़्फ़ा ही गुज़रा है की हरे परचम पर मोदी, भारत और भारत की फौज को चाँद तारे नज़र आने लगे।  जापान में मोदी का दिफ़ाई फौजियों से अपनी जान के का खदशा दिखाना और अमीरीकी सदर के सामने गिड़गिड़ाना  इस बात की दलील है की अब जंग में कुछ नहीं बचा है और भारत जंग में शाकिस्त खा चूका है।  फिर मोदी ऐसी बातें बेरुन मुल्क जा कर उनकी सहाफी इजलास में अमेरिकी सदर समेत तमाम आलमी बरादरी के सरबराहों की मौजूदगी में जी-७ के इजलास में बोल रहा ह। 

दिफ़ाई सरबराह की मोदी को दो टूक

मोदी की अपनी जान की भीक मांगने पर दिफ़ाई सरबराह की मोदी को दो टूक कहा।   मोदी इस बात को तस्लीम करे की वोह जंग हार गया है और पाकिस्तान की तोहसीह करे।  कश्मीर से भारत अपने फौजी वापिस बुलवाये नहीं तो दिफ़ाई फ़ौजिओं की जानिब से जंग चालू रहेगी।  अभी तो मिग जंगी तय्यारों की उड़ान बंद की है इतना जान लो भारत का कोई सा भी जंगी तय्यारा फ़िज़ा में परवाज़ नहीं कर सकता।  मोदी के आगे सिर्फ तीन ही रास्तें हैं

१.           या तो अपने आप को गोली मारे

या

२.          पाकिस्तान की तोहसीह कर सरहद को तरमीम करे

या

३.          पाकिस्तान से भीक मांगे गिड़गिड़ाए और अपने आपको पाकिस्तान की क़ैद में सुपुर्द कर दे।  फिर जेल में उसके ऊपर पाकिस्तान की अदलिया के हिसाब से मुक़दमा चलेगा।  अगर फांसी हुई तो मोदी श्यामा प्रसाद मुखर्जी और नाथूराम गोडसे के बाद फांसी दिए जाने वाला तीसरा शख्स साबित होगा।

सहाफ़ी ज़ुबेर

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