Friday, 22 July 2022

क़ायद ऐ मुल्क असदुद्दीन ओवेसी को खुली तहरीर।

English version 

Open letter to Qaide Mulk Asaduddin Owaisi

https://autojourna.wordpress.com/2022/07/22/open-letter-to-qaide-mulk-asaduddin-owaisi/

इज़्ज़त माब जनाब असदुद्दीन ओवेसी बदिउल मुल्क।

अल्लाह अज़्ज़ा वजल और उसके फरिश्तों की रेहमत आप पर, आपके भाई, एहले ख़ाना और तमाम अमले पर बना रहे।

सबसे क़ब्ल AIMIM की फ़तहयाबी और हिन्द के दरमियान (एमपी) में फ़ौजिओं के दाख़िल होने पर मेरी जानिब से पुर ख़ुलूस मुबारकबाद क़ुबूल करें।  सूबे दरमियान (MP) में जगहों पर फतह इस बात की गवाह है कि अवाम क़ानून की बालादस्ती चाहता है।  जिसमे सभी के लिए इन्साफ हो साथ ही यह फतह इस बात की भी दलील है की अवाम अपने दस्तूरी हक़ की क़ीमत को समझते हैं।

खरगोन के नताईज देख कर मग़लूब हूँ जहाँ पाकीज़ा फ़ौजिओं ने नाम निहाद धर्म सेनिकों को तीन हल्क़ों पर शिक़स्त किया है।

मैं बहन अरुणा उपाध्याय को मुबारकबाद देता हूं, जो आला ज़ात हिन्दू घराने से ताल्लुक़ रखतीं हैं, फिर भी सब्ज़ इंक़लाबी मोहीम के तहत तहफ़्फ़ुज़ का इख़्तियार चुना।  यह तो बस आग़ाज़ है, जैसा कि मैंने २०१९ से क़ब्ल ही इशारा कर दिया है कि जब सच बनाम झूठ, इन्साफ बनाम नाइंसाफ, फ़र्ज़ी बनाम हक़ीक़ी, ज़हीन बनाम बेवक़ूफ़ के दरमियान जंग का आग़ाज़ हो जाएगा, जो भी सच्चाई के ज़ेरे परचम आएगा उसे कामयाबी मिलेगी। 

मैं क़ौम के रहबर अकबरुद्दीन ओवेसी को तहे दिल से शुक्रिया देता हूं जिन्होंने औरंगाबाद में ओवेसी स्कूल की संगे बुनयाद रखी और फ़क़ीरे  दीन वली कामिल हजरत मुही उद्दीन मुहम्मद रहमतुल्लाह अल्हाहे उर्फ ​​आलमगीर मुगल बादशाह औरगजेब की दरगाह पर खिराजे अक़ीदत पेश की। १५ मिनट के बाद शिद्दत पसंदों, संघी और भाजपा के रकूनों के लिए यह एक और तीखी मिर्ची लगाने जैसा है।

मजलिस के ग़ैर  रजिस्टर्ड तर्जुमान और केडर होने के नाते आपके लिए कुछ तजवीज़ हैं।

१.       फ़ख़्रे मिल्लत असदुद्दीन, अकबरुद्दीन आसमान आकाश आपके और आपके एहले ख़ाना के लिए हुदूत नहीं है। ख़बरदार ख़बरदार रहें क्योंकि मैंने आपको इससे क़ब्ल ही इंतेबाह दी है कि पाकिस्तान के लिए किसी भी अदना दर्जे की ऊल जलूल बातों का इस्तेमाल ना करें। अगर तुम ऐसा करोगे तो तुम मुझे अपने मुक़ाबिल पाओगे। आपने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपनी अदना दर्जे की ज़ुबान का नतीजा कई बार देखे होंगे। ताज़ा मामला सूबे शुमाल का इन्तेख़ाब है, जहां आपकी तंज़ीम अच्छी कारगरदेगी कर रही थी, बिल आख़िर आपने वही किया जो नहीं करना था, आप पाकिस्तान पर इलज़ाम तराशी करने लगे, आपको नतीजा मिल गया। सिफर बटे सन्नाटा। 0/एस.

२.          अगर मुमकिन हो तो तंज़ीम के आईंन में तरमीम करें और ग़ैर-मुस्लिम नुमाइंदगी के लिए सीटें या या या ११ या १२ सीटें मेहफ़ूज़ करें। फिलहाल इस तजवीज़ पर फ़ौरी अमल पेरा होने की ज़रुरत नहीं है लेकिन कम से कम मुस्तक़बिल के लिए पालिसी पर नज़र रखें।

३.          आने वाले इन्तेख़ाब में कुछ नर्म रुख़ के हक़ गोई वाले नुमाइंदों की नुमाइंदगी पर ग़ौर करें। अगर वोह वतन परस्ती के हामी हैं और वतन के लिए अपनी ख़िदमात देने के लिए तैयार हैं और अवाम को जहालत, फ़िरक़ापरस्ती, नाइंसाफी, ख़िलाफ़े आईंन कामों, इंसानी हुक़ूक़ की खिलाफ़वर्ज़ी जैसे अमलों की तारीकी से दूर करने को तैयार हैं।

आ.   रवीश कुमार

बा.    अभिसार शर्मा

सी.    साक्षी जोशी

डी.   प्रज्ञा मिश्रा   मेन स्ट्रीम से।

ऑन लाइन न्यूज इंडिया।

आ.  आदित्य कुमार

बी.   जयंती झा

सी.   धर्मेंद्र

एर्टुगरुल ग़ाज़ी आप और तुर्गुत, बंसी, दूआन की आपकी टीम उम्दा कारगरदेगी कर रही है। आप ख़िज़र को क्यों तलाश रहे हैं कि आकर आपकी मदद करें। आपको दूसरों के लिए ख़िज़र बनना चाहिए ताकि लोग अपनी मदद के लिए  आपकी तलाश शुरू कर दें।

Zuber 

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