Saturday, 7 April 2018

सलमान का फैसला वली अल्लाह और बुज़र्गाने दीन ही करेंगे.


सलमान खान को सजा हुई हालांकि सलमान को अपने अहंकार और दौलत पे यकीन था के वो सजा से बरी हो जाएगा.  और उसने पूरी कोशिश कर ली के वो जेल जाने से बच जाए लेकिन ऐसा हुआ नहीं. अब चाहे सलमान के केस में कोई न्यायपालिका को पक्षपाती कहे या कोई सिस्टम को गाली गलोच करे लेकिन जो होना था सो हो गया.

सलमान की सजा के बाद पाक के एक मंत्री ने ट्वीट किया के उसको मुस्लिम होने की सज़ा मिली है. ये पत्रकार उनसे कहना चाहता है वो मुसलमान था ही किधर वो तो एक धूवाँ था जो हवा का रूख देख के कही भी बह निकलता था. अगर ऐसा नहीं है तो उसने मोदी के ऊपर भरोसा किया के वो उसको जेल जाने से बचा लेगा लेकिन अपने खुदा के ऊपर नहीं. मोदी तो उसका बोहोत अच्छा मित्र है मोदी ने उसको अपनी शपत विधि में न्योता दिया था फिर स्वच्छ भारत के केम्पेन की ज़िम्मेदार दी थी.  फिर उसने हिन्दू कस्टम्स इख्तियार किये के उसको हिन्दू समाज की सहानुभूति बचा लेगी.  गणपति उत्सव में अपने घर पे गणपति बिठाता था और उसके जुलूस में अर्ध नग्न अवस्था में गुलाल लगा के नाच गाना करता था. इसको उसके कर्मो की सजा मिली है.

बॉलीवुड बादशाह ने एक इंटरव्यू में कहा के सलमान स्टार होने की कीमत चूका रहा है. क्या बकवास है, अब शाहरुख़ जैसे मंजे हुए स्टार को ऐसी बेबुनयाद और ओछी बात करना शोभा देती है क्या. इस पत्रकार का जवाब: गलत बात है स्टार होने की नहीं पाखंडी होने की कीमत चूका रहा है. स्टार तो सैफ, तब्बू भी है फिर वो कैसे छूट गए. ये आदमी राम को भी मानता है और रहीम को भी गणपति भी बिठाता है और अपने आपको कहता मुसलमान है. फिर ये मोदी को अपना गॉड फादर मानता है और उसके बहकावे में आके मुस्लिम दिल अज़ारी वाले कई बयान दे डाले थे उसने सोचा होगा के मोदी देश का पंत प्रधान है वो उसको बचा लेगा. फिर सलमान के  भगवानो में और मोदी में शुरू हुई नूरा कुश्ती भगवान् कन्फुज़ हुए के मोदी बचा लेगा और मोदी ने राम भरोसे छोड़ दिया. और जब बचाने की बारी आई तो ना मोदी पहुंचे और ना राम.

जैसा के कुछ लोगो ने इस फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया और सिस्टम को नपुंसक. अगर ये फैसला पक्षपातपूर्ण है तो अच्छा है सलमान को राहे रास पे लाने के लिए ये फैसला हुआ होगा. अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है अगर सलमान वली अल्लाहो की निस्बत दिल में ले कर उनको अपना वकील और वसीला बना के अल्लाह के हुज़ूर अर्ज़ करता है तो फैसला उसके हक़ में होगा. और वो जल्द ही जेल से रिहा होगा.

उसको चाहिए के गरीब नवाज़ की बारगाह में रात के अँधेरे में आंखे बंध कर के गैबी अर्ज़ दाखिल करे फिर देखे ताक़त बुज़ुर्गाने दीन और वली अल्लाहो की. अगर दुनयावी न्यायलय उसको जेल में सड़ाने के मूड में होगा और गरीब नवाज़ ने उसको निकालने का आर्डर कर दिया तो दुनिया की कोई ताक़त उसको जेल में रख नहीं सकती.  फिर जेल से आने के बाद गरीब नवाज़ की बारगाह में हाज़री दे और उनके मज़ार से रूहानी और दुनयावी फेज़ हासिल करने के लिए अर्ज़ी करे.  और हर साल बिरयानी और ज़र्दा पे गियारवी की नियाज़ दिलवा के अहले ज़ौक़ हज़रात की दावत करे. 

इस पत्रकार ने जो कुछ भी पाया वलिओं के दर से पाया मेरे मुर्शिद के करम से पाया अगर नमाज़ वसीला है अल्लाह को पाने का तो वो वसीला भी मेरे मुर्शिद के करम से ही पाया.

पत्रकार जुबेर का ७ अप्रैल २०१८ को १२.५० को न्यायलय की कारवाही पूरी होने के बाद aajtak.intoday.in की एक खबर दलीलें सुनने के बाद जज जोशी ने मूंद लीं आंखें, मुस्कुराते हुए बोले- फैसला लंच के बाद किया हुआ ट्वीट

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To:zuberjournalist@yahoo.in
7 Apr at 12:50 PM

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आज सलमान को ज़मानत मिल जायेगी थोड़ी अटकले है वो पूरी होंगी

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