Monday, 2 April 2018

हिन्दू आतंकिओ का डेमेज कण्ट्रोल

इराक़ के मसूल में मारे जाने वाले ३९ भारतीओ की खबर हिन्दू स्टेट के आतंकिओ दूआरा छुपा के रखने और मृतकों के परिवार वालो को अँधेरे में रखने की वजह से आतंकवादीओ की खासी किरकिरी हुई है. इस फजीती को थोड़ा कम करने के लिए शुरू हुई डेमेज कण्ट्रोल की कवायत.

जब से इस पत्रकार ने अपने २२ मार्च २०१८ के लेख नरसंहार को भूलना आसान नहीं है में आतंकवादीओ को नंगा किया है तभी से आतंकवादी और उसका सरगना सकते में है दूसरी तरफ मृतकों के परिवार वालो की खरी खोटी.  दुसरे ही रोज़ मीडिया की सुर्खिया बन गई आतंकी वि.के. सिंह इराक जा कर मृतकों के अवशेष लाएगा. और अभी अभी खबर है के आतंकी मृतकों के अवशेष ले कर इराक से निकला.

कुछ नहीं ये हिन्दू आतंकवादीओ का डैमेज कण्ट्रोल है २०१७ में भी यही वि.के. सिंह इराक़ गया था ३९ भारतीओ को ज़िंदा लाने उसके पहले ही सरकार को मालूम था के  अब वो इस दुनिया में नहीं है. फिर तभी काहे को सिंह उनके अवशेष ले कर नहीं आया. तब गया था ज़िंदा लाने अब गया है अवशेष लाने ये तो कर दाताओ के पैसा का दुर्योग है. एक ही काम के लिए दो दो बार विदेश यात्रा.  जब मृत भारतीओ के परिवार वालो का गुस्सा भगवा सरकार और उसकी कार्यप्रणाली के ऊपर फूटा तो शुरू हुई कवायत डेमेज कण्ट्रोल की.

फिर जब मृतकों की खबर को सरकार छुपा सकती है तो इस बात की किया सत्यता और प्रमाण है के जो शव लाये जायेगे वो उन्ही लोगो के होंगे जो भारतीय थे. क्योके जब विदेश मंत्रालय ने इस बात को संसद में ओपन किया के सभी ३९ भारतीय मारे जा चुके है इस बात की तस्दीक उनके कंकालों से हुई है जो मसूल में आई.इस.आई.इस. ने मार के एक पहाड़ में गाड़ दिए थे.  तो क्या सरकार इस बात की ज़िम्मेदारी लेती है के जो शव परिवार वालो को सौपे जा रहे होंगे वो उन्ही के होंगे जो मसूल में २०१४ को मारे गए थे.

वैसे भी ये सरकार झूट, फरेब और पाखंड पे ज़्यादा यकीन रखती है जुमले वाली सरकार है तो उसकी किसी भी बात को अब जनता गंभीरता से नहीं लेती. सरकार वो जो सत्य के ऊपर काम करे और सत्य को अवलोकित करे ना के अपने राजनैतिक फायदे के लिए जनता के साथ धोका करे, दंगा फसाद खुद करे और नाम राम का बदनाम.  

इसरो में भारत दूआरा भेजा हुआ उपग्रह कही गायब हो जाता है उसका संपर्क ही टूट जाता है तो ऐसी कार्यप्रणाली को आप क्या कहेगे. ये तो अंधे को तस्वीर दिखाना और बेहरे को संगीत सुनाना जैसी बात हुई. अब जिसको इस सरकार पे यकीन हो वो करे इस पत्रकार को तो यकीन नहीं है.

बचपन में एक कहानी सूनी थी भेड़िया आया भेड़िया आया बोल के एक चाये वाला सदैव गांव वालो को बेवकूफ बनाता था एक बार गाँव वाले मदद को पहुंचे दो बार पहुंचे लेकिन जब उसकी असलियत खुल गई तो जब असली भेड़िया भी आ गया और उसने पुकारा तो कोई भी मदद को नहीं पंहुचा. ये ही हाल इस सरकार का हो गया है.



See English version

Damage Control of Hindu terrorists.
autonomousjournalist.wordpress.com/2018/04/02/dam

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