Monday, 16 April 2018

आतंकिओ की मज़ा बेगुनाहो को सजा


हाल ही में आतंकी असीमानंद और ९ अन्य को न्यायलय ने मक्का मस्जिद ब्लास्ट से बरी कर दिया, जिसकी वजह से देश की न्याय विवस्था में भूचाल आना लाज़मी था.  अभी देश की जनता बलत्कारिओ को सजा दिलवाने की कवायत में लगी थी तभी जेल गए आतंकवादीओ को रिहाई मिल गई.  क्या ये देश की जनता के साथ धोका नहीं है.  यहां ये पत्रकार न्याय की इस हत्या पे स्पस्ट रूप से कहना चाहता है ये राजनैतिक इच्छा शक्ति की कमी की वजह से हुई हत्या है.  बीजेपी को कांग्रेस के समय पकडे गए सभी मुजरिमो और आतंकवादीओ को रिहा करवाना था जिसका सीधा सीधा फायदा आगामी चुनाव में लिया जा सके.  हिन्दुओ को कहा जा सके की कांग्रेस ने आपके अपने साधु संतो को गलत तरह से गिरफ्तार किया लेकिन हमने उनको जेल से रिहा करवाया.  और मुस्लिम सहानुभूति ये कह के ली जा सके के हमने आपके साथ इन्साफ किया रांची में जिस गौ रक्षक ने अलीमुद्दीन नामक व्यक्ति की हत्या की हमने उन लोगो को ६ महीनो के अंदर सजा दिलवाई. यहाँ तक के हमने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता को भी नहीं बक्शा हम इन्साफ पसंद पार्टी है और इन्साफ पे यकीन रखते हैं.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोला है. लेकिन कांग्रेस इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से बच रही है. और और कांग्रेस से पुछा सवाल जब २जी, ३जी, ४जी का फैसला आया तो कांग्रेस ने कहा था कोर्ट का निर्णय कबीले तारीफ और अब काहे को शंका हो रही है.

संबित कांग्रेस की बात छोड़ो तुम अपना बाज़ू कांग्रेस से सवाल पूछ के मज़बूत नहीं कर सकते के जब २जी, ३जी, ४जी का फैसला आया तो कांग्रेस ने कहा था कोर्ट का निर्णय कबीले तारीफ और अब काहे को शंका हो रही है. तो पहली बात जितने भी जी थे उनको तुम्हारे कहने पे कांग्रेस ने अरेस्ट किया था और तुम्हारी सरकार आने के बाद उनको बरी किया गया तो पक्षपात की गुंजाईश ना के बराबर है जबकि ये आतंकवादीओ को कांग्रेस ने अरेस्ट किया था और बरी तुम्हारी सरकार में हुए है तो शक की शत प्रतिशत गुंजाईश है. दूसरी बात ठीक है अगर ये आतंकवादी न्याय प्रक्रिया की बिना बरी हो गए तो क्या तुम्हारी सरकार ऊपर की कोर्ट में अपील करेगी. अगर नहीं तो तुम्हारी नियत और नीति पे शक है के तुम आतंकवादीओ से मिले हो.


English Version

Murder of Democracy, Murder of justice what is left in Saffron India (Ram Rajiya).
autonomousjournalist.wordpress.com/2018/04/17/mur


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