Wednesday, 18 April 2018

बीजेपी ने किया अन्याय महाशक्तिमान ने किये न्याय.

हाल ही में मक्का मस्जिद ब्लास्ट में बीजेपी ने अपनी हठदर्मी दिखाई और आतंकवादीओ और मज़लूमो के क़ातिलों को जेल से रिहा करवा लिया. इतना ही नहीं उसके ऊपर राजनैतिक रोटी सेकना शुरू कर दी और एक आतंकवादी हमले को भी कांग्रेस और भाजपा हिन्दू बनाम मुस्लिम बना दिया. इस पत्रकार को ठाम यकीन था के न्यायलय को मैनेज कर के ये आतंकवादी बहार आये है और उसने अपने १६ अप्रेल २०१८ लेख में राजनीति की भेंट चढ़ गया इन्साफ और हो गया क़त्ल पहले ही लिख दिया था के अगर ये लोग गुनहगार होंगे और मैनेज कर के जेल से बहार आये होंगे तो ऊपर वाले का अज़ाब आएगा.  

 

बीजेपी के कुकर्मो की सजा आम नागरिको ने चुकाई. मध्य प्रदेश में मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया. यहां सीधी जिले में स्थित सोन नदी में एक ट्रक गिर गया. इस हादसे में २१ लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. सीधी जिला मुख्यालय से करीब ४२ किलोमीटर दूर बहरी हनुमना मार्ग पर बारात ले जा रहा मिनी ट्रक सोन नदी पर बने जुगदहा पुल से गिर गया. यह हादसा रात करीब साढे़ दस बजे हुआ. मिनी ट्रक को नदी से ऊपर निकालने के लिए क्रेन को बुलाया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि यह मिनी ट्रक पुल की दीवार से टकराकर करीब ६० से ७० फुट नीचे नदी के सूखे हिस्से में गिरा है. बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए इस मिनी ट्रक को गैस कटर से काटा जा रहा है, ताकि इसमें फंसे लोगों को बचाया जा सके. यह बारात सिंगरौली जिले के जुगनी से सीधी जिले के अमिलिया जा रही थी.   

 

हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर कलेक्टर दिलीप कुमार पहुंच गए. उन्होंने बताया अब तक २१ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई गंभीर रूप से जख्मी हैं. सभी घायलों को फौरन अस्पताल ले जाया गया है.  देर रात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर दुख जताते हुए मुआवजे का ऐलान कर दिया. हादसे में मरने वालों के परिजनों को दो लाख रुपये, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा. मौके पर तेजी से बचाव कार्य किया जा रहा है. हालांकि रात होने के चलते कुछ दिक्कत रही है.     

इससे पहले भी ये पत्रकार सटीक विश्लेषण कर चूका है जब जब बेगुनाहों की जाने ली गई ऊपर वाले का प्रलय आया और अपने लेखों १९ दिसंबर २०१८ सर्वशक्तिमान की सजा अधिक गंभीर है। अप्रैल २०१८ फिर शुरू हुआ मौत का तांडव अप्रैल २०१८ बेगुनाहों की शहादत ज़ाया नहीं जाती: पत्रकार जुबेर तथा कई लेखो में कर चूका है. बाबरी मस्जिद की शहादत से लेकर अफ़ज़ल गुरू की शहादत तक किस तरह से महाशक्तिमान के न्याय का तराज़ू देखा इन सघीओ, भाजपा वालो, और आतंकवादीओ ने फिर भी ये बाज़ नहीं रहे है.  २०१४ के बाद भारत में शायद सबसे ज़्यादा दुर्घटनाये और प्राकृतिक आपदाएं हुई होगीं  उसकी वजह है ना इंसाफ़ी और पाखंड. अगर एक बात बीजेपी हिन्दुओ के लिए पसंद नहीं करती तो वही बात मुस्लिम, दलित या क्रिस्टी समाज के लिए कैसे पसंद कर सकती है

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