Sunday, 15 April 2018

महाराष्ट्र पुलिस गर्व का प्रतीक


जहां हर तरफ पुलिस को जनता एक अलग ही गलत नज़र से देखती है.  और जहाँ पुलिस की साख कुछ अपराधी गतिविधिओ में लिप्त पाए जाने पे बेहद खराब हुई है वहीँ दूसरी तरफ महाराष्ट्र पुलिस ने अपनी कारगरदेगी और साफ़ छवि से जनता के दिल में जगह बनाने की कोशिश की है. महाराष्ट्र पुलिस सदैव ही बढ़िया कारगरदेगी के लिए मशहूर है.  अब महाराष्ट्र पुलिस राज्य की जनता के लिए किये गए भलाई के कामो में बढ़ चढ़ के अपनी भागीदारी से राज्य की जनता का विशवास जीतने की कोशिश कर रही है.

बाबा साहेब की १२७वी जयंती के उपलक्ष में महाराष्ट्र पुलिस का डाइघर में एक ख़ास चेहरा देखने को मिला. जोन १ के पुलिस उपायुक्त श्री स्वामी और सहायक पुलिस आयुक्त श्री आर.एस. धुमाल के दिशानिर्देश नुसार डाइघर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री सुशिल जावले ने पिम्परी, दहिसर मोरी, शील फाटा, बौद्ध वाडा और भोलानगर छेत्र की जनता की मदद की और ज़रुरत मंद बच्चो में किताबे तकसीम की. बाबा साहेब की जयंती कार्यक्रम के उपलक्ष में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के आलावा सभी धर्मो के लोगो और विद्यार्थीओ ने हिस्सा लिया.  

पुलिस विभाग ने गरीब बच्चो में किताबे तक़सीम कर के एक सही संदेश देने की कोशिश की है के अब वो अपराध के अंधकार को बाबा साहेब की तरह शिक्षा के ज़रिये ख़त्म करने की कोशिश करेगी. आम तौर पे अपराध की दर गरीबी रेखा से नीचे जीने वाले बच्चो में ज़्यादा पाई जाती है. 

महाराष्ट्र पुलिस सदैव ही बधाई की पात्र रहती है. सितम्बर २०१७ को इस पत्रकार ने अपने एक लेख Maharashtra Police at your disposal. में महाराष्ट्र पुलिस की कारगरदेगी के ऊपर एक खबर छापी थी. जिसमे महिला वर्ग की सुरक्षा के लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया गया था,  ये नंबर बोहोत ही कारगर साबित होगा ख़ास कर के उन महिलाओ के लिए जिनको किसी कारणवंश घर पहुंचने में विलंब हो जाता है या जो शिफ्ट में ड्यूटी करती है.  इस खबर के बाद बोहोत सी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं पुलिस के लिए आई इस तरह की कवायत पुलिस के लिए सकारात्मक सोच विकसित करने में बोहोत कारगर होगी. 

अपने वरिष्ठ अधिकारिओं के दिशानिर्देश नुसार थाना इंचार्ज वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर श्री सुशिल जावले का बोहोत सकारात्मक प्रयास है.  अगर अन्याय और अपराध के अंधकार को दूर करना है तो विद्या का चिराग रोशन करना ही पड़ेगा. अगर एक भी विद्यार्थी इन पुस्तकों से फ़ायदा लेता है और शिक्षा और कलम के महत्त्व को समझ लेता है तो पुलिस और श्रीमान जावले का प्रयास सफल माना जाएगा.

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Maharashtra Police symbol of pride. autonomousjournalist.wordpress.com/2018/04/15/mah

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