कठुआ गेंग
रेप का जिन्न शायद भक्तो, अंध भक्तो मोदी प्रशासन और मनुवादी सनातनी धर्म वालो की रातो की नींद
बेचैन कर रहा है. मोदी प्रशासन और हिन्दू समाज
की जितनी फ़ज़ीहत और बदनामी इस मासूम के रेप पे हुई शायद उतनी तो ९/११ के बाद मुस्लिम समाज की भी नहीं हुई होगी, जितनी मोदी सरकार के ४ सालों के कार्यभार संभालने के बाद हिन्दू धर्म
की हुई है. जबकि समूची लंगूरों की टीम, विश्व भर की हिन्दू जनता जिहादी
बोल के मुस्लिम समाज को और इस्लाम को बदनाम करती थी. इस्लाम
के ऊपर हमला किया जाता था के इस्लाम मज़हब आतंकवाद की शिक्षा देता है वो
शान्ति का मज़हब नहीं है. फिर पैगम्बर-ए-इस्लाम के बारे में गंदे और ओछे
लेख, कमैंट्स, और मोदी सरकार और भगवा आतंकिओ, हिन्दू आतंकिओ के लिए तारीफों के कसीदे फिर भी उनको बदनामी से कोई नहीं बचा सका.
अब हिन्दू
समाज को अपने पुराने स्लोगन याद करना चाहिए जो हर मुस्लिम में उनको आतंकवादी नज़र आता
था. "हर मुसलमान आतंकवादी नहीं होता लेकिन
हर आतंकवादी मुसलमान ही क्यों होता है".
लंगूर झूटी फरेबी खबरों का खूब संचालन करते थे और उनको सिर्फ इस्लाम की बदनामी
पे खूब टी.आर.पी. मिलती थी. हवाई जहाज़ में
अपनी बच्ची के ऊपर एक यात्री चिल्लाया "अल्लाह हो अकबर मच गया हड़कंप" दुसरे यात्री सब डर गए चिल्लाने वाले यात्री को
पुलिस हिरासत में ले कर पूछ ताछ कर रही है.
इस तरह की झूटी खबरों का संचालन कर के सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम समाज को बदनाम
किया जाता था. मस्जिदें, मदरसे, खानकायें, मुस्लिम कॉलोनीज और मोहल्ले भक्तो की निगाह में
हर वो जगह शक के घेरे में आती थी जहाँ मुस्लिम समाज रहता था. फिर चोरी छुपे पुलिस और भक्त मस्जिदों में टोपी
पेहेन के आते और देखते के मस्जिदों में क्या
आतंकवाद की शिक्षा तो नहीं दी जाती. परन्तु
साँच को आंच ही क्या. जो सच था वो अब सब के सामने आ गया के मस्जिदों में नहीं बल्कि
मंदिरो में आतंकवाद की शिक्षा दी जाती है और मंदिर अपराध की नई परिभाषा लिख रहे है. मंदिरो, आश्रमों से हथियार, तलवारे, बम, ए.के. ४७ अनगिनत नगद सोने के ज़ेवर और ना जाने क्या क्या मिला है
लेकिन जब हिन्दू समाज के खुद के ऊपर बात आई तो अब सच्ची खबरों पे भी सनातन धर्मवालों को एतेराज़
होना शुरू हो गया और उनको ये हिन्दू धर्म को बदनाम करने की साजिश नज़र आने लगी.
कठुआ में
गेंग रेप हिन्दू निराधमो ने किया फिर उसको धर्म के नाम पे बचाने की कवायत शुरू की बीजेपी के मंत्रीओ
ने और हिन्दू सामज ने. उतने पे दिल नहीं भरा तो काले कोट वाले गुंडों ने आतंक मचाया
और पुलिस की राह में अवरोध पैदा किये की हिन्दू बलत्कारिओ के खिलाफ चार्ज शीट ही नहीं
फ़ाइल हो सके. लेकिन जब सब कुछ जनता के सामने आ गया और चार्जेज फ्रेम हो गए तो लंगूरो
की सहायता से झूट और फरेब फैलाने की कोशिश की “कठुआ में बच्ची के साथ रेप हुआ ही नहीं”
जिससे जनता के मन को भ्रमित किया जा सके और जनता की सहानुभूति ली जा सके के बे गुनाह
हिन्दुओ पे ज़ुल्म हो रहा है.
लेकिन जम्मू
कश्मीर क्राइम ब्रांच ने ऐसी खबरों का खंडन किया है और प्रेस विज्ञप्ति दे कर उन समूची
झूटी खबरों पे पूर्ण विराम लगाया. इस प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है ऑनलाइन सोशल प्लेटफॉर्म और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स
में कठुआ गैंगरेप-मर्डर केस के संबंध में फैलाई जा रही भ्रामक खबरों को देखते हुए जम्मू
एवं कश्मीर पुलिस ने एक स्टेटमेंट जारी किया है. मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच
टीम ने यह स्टेटमेंट जारी कर पीड़िता के रेप की पुष्टि की है. बता दें कि पिछले कुछ
दिनों से ऐसी खबरें फैलाई जा रही थीं कि पीड़िता के साथ रेप हुआ ही नहीं.
पुलिस ने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि कठुआ केस के संबंध में मीडिया के कुछ हिस्से में गलत जानकारी प्रसारित एवं प्रकाशित की गई है. डॉक्टरों ने पीड़िता को नशीला पदार्थ दिए जाने, उसके साथ रेप होने और हत्या किए जाने की पुष्टि की है.
पुलिस ने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि कठुआ केस के संबंध में मीडिया के कुछ हिस्से में गलत जानकारी प्रसारित एवं प्रकाशित की गई है. डॉक्टरों ने पीड़िता को नशीला पदार्थ दिए जाने, उसके साथ रेप होने और हत्या किए जाने की पुष्टि की है.
जब ये घिनौनी
हरकत भी भक्तो की बे असर साबित हुई तो आ गए रोना रोने के हिन्दू धर्म को बदनाम किया
जा रहा है. शनिवार शाम दिल्ली में इंडिया गेट
के सामने २०० मीटर लंबे तिरंगे के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने मार्च निकाला. यह मार्च
हिंदू धर्म और देवी-देवताओं के सम्मान में आयोजित किया गया. जिसमें दिल्ली के पूर्व
मंत्री कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे. इस दौरान
कपिल मिश्रा ने कहा कि यह पहली बार है जब रेप पीड़िता का नाम सार्वजनिक किया गया. इससे
पहले भी कई रेप कांड हुए, दिल्ली में भी निर्भया रेप कांड हुआ, लेकिन किसी भी पीड़िता
का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता था. उन्होंने कहा कि पीड़िता का नाम सामने रखकर किसी
एक धर्म को बदनाम करने के लिए यह साजिश रची गई.
इस मौके पर
मौजूद वकील प्रशांत पटेल ने कहा कि पूरे विश्व में हिंदू धर्म को बदनाम करने की साजिश
रची जा रही है. एयरपोर्ट में ऐसी टी-शर्ट पहन कर हिंदू धर्म का अपमान करने वालों की
तस्वीरें वायरल हो रही हैं और ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है.
तुम्हारे ऊपर तो सही चार्जेज फ्रेम हुए है और तुम लोग गुनाह में शामिल थे, आतंकवाद में शामिल हो फिर भी जब खबरे मीडिया की सूर्खिया बनी तो तुम लोग हिन्दू धर्म खतरे में है जैसे स्लोगन बोलने लगे. सोचो तुम तो मुस्लिम समाज को और इस्लाम को झूट फरेब और गलत खबरों के आधार पे बदनाम करते थे फिर उनको कितनी तकलीफ होती होगी
रैली निकालना, प्रदर्शन करना आतंकवादीओ, मुजरिमो और बलत्कारिओ का समर्थन करना और जब विश्व में बदनामी
हो जाए तो कहना हिन्दू धर्म खतरे में है, हिन्दू धर्म को बदनाम किया जा रहा है. तो
काम तुम लोगो ने बदनामी वाला ही किया है नाम रोशन करने वाला किया होता तो नाम रोशन होता. फिर अगर गलती की है तो माफ़ी मांगो हिटलर की तरह
मत बनो में माफ़ी नहीं मांगूगा. शैतान की तरह
तर्क वितर्क मत दो आदम की तरह गलती पे पशेमानी दिखाओ. फिर जब ऊपर वाले का अज़ाब आता है तो समूची कायनात
को उस अज़ाब की दर्ज़ में ले लेता है.
तुम्हारे
तर्क भी नूह के बेटे की तरह धरे के धरे रह जायेगे जो अल्लाह के अज़ाब को मामूली ले रहा
था और बोला जब तूफ़ान आएगा में तो पेड़ पे चढ़ जाऊँगा में तो पहाड़ पे चला जाऊँगा उसके
वालिद ने कहा कोई चीज़ नहीं बचेगी सब डूब जायेगे. और हुआ वही ना पहाड़ बचा और ना पेड़
और जिस नूह के बेटे ने अपनी गलती की माफ़ी नहीं मांगी थी गारकाब हो गया और डूब मरा.
तो बाज़ आ जाओ हिन्दुओं और अपनी गलतिओं की अपने गूनाहो की माफ़ी मांग लो नहीं तो एक काला नाग तुम्हारे पीछे पीछे आएगा और तुम कुछ नहीं कर सकोगे और वो तुमको डसेगा फिर डसेगा हत्ता के जब तक तुम हलाक नहीं हो जाते वो तुमको डसता रहेगा.

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