Thursday, 19 April 2018

भारत तेरे टुकड़े तो हो चुके ज़मीन के नहीं तो समाज के टुकड़े तो हो चुके


जज लोया मौत केस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजनीति होना शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पर हमलावर है. गुरुवार को बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि इस फैसले से भारत की राजनीति में न्यायपालिका को सड़क पर लाने का नाम कांग्रेस ने किया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए.

पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को ना सिर्फ माफी मांगनी चाहिए बल्कि उनका सिर शर्म से झुक जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. 

संबित पात्रा ने कहा कि जिस तरह से बीजेपी को बदनाम करने की साजिश की गई, उसपर कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश में आपातकाल लागू किया, वह गलत आरोप लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. 
 
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जज रिपोर्ट, पुलिस जांच, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यकीन नहीं करते हैं. राहुल गांधी बस उन लोगों पर विश्वास करते हैं जो भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगाते हैं.

संबित भारत के टुकड़े तो हो गए एक १९४७ में और दूसरा २०१४ में. ४७ में वास्तविक टुकड़े हुए और २०१४ में समाज के टुकड़े हो गए और हिन्दू मुसलमान, हिन्दू क्रिस्टी, हिन्दू दलित. कर के हर मुद्दे पृथक किया गया.  भारत भले ही आज हरयाणा से लेकर कन्याकुमारी तक एक दिखता हो लेकिन दिल एक नहीं है सोच एक नहीं है ये टुकड़े क्या किसी बात से कम है.  और अगर अब भी आप मानते हे के भारत के टुकड़े नहीं हुए तो जीतवा दो सिर्फ एक मुस्लिम को हिन्दू बहुल सीट से बीजेपी के टिकट पे राजिस्थान या मध्यप्रदेश से तो में मान लूँगा के भारत तेरे टुकड़े होंगे कहने वाले झूठे थे भारत अभी तक अखंड है खंडित नहीं हुआ.  दूसरी बात एक साथ रहना मतलब हम साथ साथ हैं का सिद्धांत को पूरा नहीं करता बल्कि एक को तकलीफ हो तो दूसरा तिलमिला जाए उसको सही मायने में अटूट कहते है.  यहाँ तो ८ साल की मासूम का रेप होता है तो एक हिन्दू निरधाम कहता है अच्छा हुआ जो रेप किया और उसको मार डाला नहीं तो बड़ी हो के आतंकवादीओ की मुखबिर बनती.

उच्चत्तम न्यायलय का किया फैसला होगा इसकी पूरी रिपोर्ट इस पत्रकार के पास आ चुकी थी और उसने १९ अप्रैल २०१८ सुबह ९.२८ मिनिट पे एक ट्वीट किया था.

कुछ नहीं होगा भारतीय न्याय व्यवस्था एक ढोंग है पाखंड है दिखावा है छलावा है. निष्कर्ष यही निकलेगा जज लोया की मृत्यू सामान्य रूप से हुई उसमे किसी भी प्रकार की साजिश नहीं हुई या की गई. बिल फ़र्ज़ अगर किसी को पकड़ा भी गया तो छोटे मोटे चिन्दी चोर को पकड़ के कह दिया जाएगा के ये है मुजरिम और मौत का कारन. और अमित जैसे मगरमच्छ और एक क़त्ल और इज़्ज़त से इस इलज़ाम से बरी हो जायेगे.


तो संबित से ये पत्रकार पूछना चाहता है के अब बचा ही क्या है भारत के टुकड़े होने में.  दिखावे के लिए भारत वर्ष हरयाणा से ले कर कन्याकुमारी तक एक है लेकिन अंदर से टूट चूका है फट चूका है खस्ता हाल हो चूका है जैसे के अंग्रेज़ो के समय के दस्तावेज़ चींदे चींदे हो जाते है अगर उनकी सभी रख रखाव नहीं किया जाए या देख भाल नहीं की जाए उसी हिसाब से आपने आपकी पार्टी बीजेपी और सरकार ने समाज की सही देख भाल नहीं की रख रखाव नहीं किया तो समाज भी टूट गया.


 


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