Wednesday, 4 April 2018

लंगूरो की पाक नागरिको को बदनाम करने की साजिश बेनकाब


पाक नागरिको के बारे में हिन्दू लंगूर मीडिया की ज़हर अंगेज़ी: पत्रकार जुबेर ने दिया माकूल उसी भाषा में जवाब.

हिन्दू स्टेट के आतंकिओ, जनता और लंगूर मीडिया को गंदगी में रहने की गन्दा खाने की और गंदगी फैलाने की आदत बन गई है. और हर उस मुद्दे को या तो पाक से जोड़ देते है या हिन्दू बनाम मुस्लिम बना देते है जिससे उनके आतंकी देश या आतंकवादीओ की साख खराब होती है.

आज शाम को ही एक खबर पाकिस्तान की निस्बत से फैलाई है जो के झूट पे आधारित है और कश्मीर में किये हुए नारसघार को छुपाने की एक कवायत है. उस खबर में कहा गया है के पाकिस्तानिओ को दुबाई में वंचित नज़र से देखा जाता है और पुलिस ने कहा है के पाक के बजाये भारत के नागरिको को नौकरी दो. पाक के नागरिक अशांति फैलाने के अलावा अपराधी और स्मगलिंग होते है.  

हिन्दू आतंकिओ के आतंकी देश के लंगूर मीडिया की ये खबर भी उतनी ही झूटी है जितनी के अमेरिकन प्रेजिडेंट के बारे में फैलाया हुआ झूट के अमेरिका ने पाकिस्तान समेत १५ इस्लामिक देशो के नागरिको को बेन किया. बाद में खुद अमेरिकन प्रेजिडेंट ने फेकू महाराज की खबर का खंडन किया और बोलै के ये झूटी खबर है. फिर नवंबर २०१७ में फैलाई हुई खबर के आदरणीय हाफिज साहब के ऊपर अब शिकंजा कसेगा खुद चीन भी भारत का रेसोलुशन ब्लॉक नहीं कर पायेगा, अब मिलेगी भारत के गुनहगार को सजा और दिसंबर २०१७ में फिर चीन ने भारत के पिछवाड़े डंडा डाल दिया. फिर अभी हाल ही में मालदीव एक छोटे से देश ने धुल चटा दी. मीडिया में खबरो की सूर्खिया बनी की नजीब ने भारत से मदद मांगी है और कहा है भारत कब्ज़ा करने पे यकीन नहीं रखता बल्कि मदद करने पे यकीन रखता है. फिर वही नजीब ने पाक और चीन की सेना से मदद ले ली. और अभी हाल ही में भारत की फाड़ के रख दी और भारत के दूआरा दो हेलीकॉप्टर पेशाब की धार में उड़ा के वापस भारत के भद्दे मू पे मार दिए और कहा तुझ जैसे हिन्दू आतंकिओ और भिकारी देश की मदद नहीं चाहिए.

इस तरह की झूटी खबर हाल ही में कश्मीर में निहत्ते प्रदर्शनकारिओ पे जो आतंकवादीओ (भारतीय फौज) ने एक तरफ़ा गोलीबारी की जिस नरसंघार में कम से कम १३ निरपराध नागरिको की मौत हुई उसकी समूचे विश्व में निंदा की गई है, छुपाने के लिए फैलाई गई है.  हालांकि भारत अपने आपको विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश कहता है लेकिन ये प्रजातंत्र का कौन सा हिस्सा है जहा प्रदर्शन करने वालो को गोलिओ से जवाब दिया जाए. ऐसा तो राजशाही में भी नहीं होता है. आम तौर पे हिन्दू आतंकवादी संसद और हिन्दू स्टेट की जनता किसी भी मामले को मुस्लिम देशों से जोड़ देते है और कहते है के क्या सऊदी में ऐसा कर सकते हो क्या दुबाई में ऐसा कर सकते हो क्या कुएत में ऐसा ऐसा कर सकते हो.


ये पत्रकार सभी हिन्दू स्टेट की जनता और संसादो से अब सवाल करना चाहता है समूचे मुस्लिम देशो में राज शाही है ना के लोक शाही फिर भी क्या ऐसा किसी भी मुस्लिम देशो में होता है जैसा के तुम्हारे देश भारत में हुआ है जो के विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहलाता है. जहाँ पे लोकतंत्र की ही हत्या की जा रही है और प्रदर्शनकारिओ पे गोलियां  चलाई जा रही है. फिर तुम्हारे जैसे पाखंडी लोकतंत्र से तो हमारे जैसे राज शाही देश अच्छे. 

भारत के लंगूर मीडिया और सरकार को अब जान जाना चाहिए के पाकिस्तान की जनता विश्व में सूखी रहने वाले लोगो की फेहरिस्त में ७२ वे नंबर पे है और भारत की जनता १६३ वे नंबर पे है. और ये रिपोर्ट किसी सरकार की नहीं है बल्कि यूनाइटेड नेशन की रिपोर्ट है. जब मोदी दावोस की यात्रा कर के लौटे थे उसके ठीक एक सप्ताह के बाद ये रिपोर्ट विश्व की संसद में जमा की गई थी.



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